बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या का मामला अब नया मोड़ ले रहा है। पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी बताए गए फैसल करीम मसूद ने एक वीडियो संदेश जारी किया है, जिसमें उसने खुद को पूरी तरह बेगुनाह बताया है। उसका कहना हैं कि वे फिलहाल दुबई में हैं और हत्या से उनका कोई लेना-देना नहीं है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
कौन था उस्मान हादी?
शरीफ उस्मान हादी (उम्र 32 साल) बांग्लादेश में एक जाना-माना छात्र नेता था। वह ‘इंकलाब मंच’ का प्रवक्ता और संस्थापक भी था। बड़ी बात ये है कि हादी भारत विरोधी था और वह भारत को नॉर्थ ईस्ट से काटना चाहता था। 12 दिसंबर 2025 को ढाका के पुराना पलटन इलाके में चुनाव प्रचार के दौरान उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके गोली सिर में लगी। उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, लेकिन 18 दिसंबर को उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हुए और राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया।
मुख्य आरोपी कौन है – फैसल करीम मसूद?
फैसल करीम मसूद एक आईटी कंपनी के मालिक है। बांग्लादेश पुलिस ने उसे हत्या का मुख्य संदिग्ध बताया है। पुलिस का दावा है कि हत्या के बाद फैसल और एक अन्य आरोपी आलमगीर शेख हलुआघाट बॉर्डर से भारत में घुसे थे। बाद में वे कहीं और चले गए। पुलिस ने इनके खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया और ट्रैवल बैन लगा दिया। कुछ साथियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें फैसल की पत्नी, साले और एक दोस्त भी शामिल हैं। इनमें से कुछ ने कोर्ट में कबूलनामा भी दिया है। पुलिस का कहना है कि चार्जशीट जल्द दाखिल की जाएगी।
फैसल का वीडियो में क्या कहा?
वीडियो में फैसल ने साफ कहा – “मैंने हादी को नहीं मारा। मेरे और मेरे परिवार को फंसाया जा रहा है। मैं दुबई आ गया हूं ताकि इस जालसाजी और बदनामी से बच सकूं।” उसने आरोप लगाया कि हत्या के पीछे जमात-ए-इस्लामी और उसका छात्र विंग शिबिर का हाथ है। उनका कहना है – “हादी जमात का प्रोडक्ट था। जमाती ही इसके पीछे हो सकते हैं।” फैसल ने यह भी बताया कि उनको हादी से सिर्फ बिजनेस संबंध थे। वे आईटी फर्म चलाते हैं और हादी को राजनीतिक डोनेशन दिए थे, बदले में सरकार के कॉन्ट्रैक्ट मिलने की उम्मीद थी। कोई हिंसा या गैरकानूनी बात नहीं थी।
पुलिस का दावा
बांग्लादेश पुलिस का कहना है कि आरोपी भारत भागे थे। लेकिन भारत की तरफ से (बीएसएफ और मेघालय पुलिस) ने इसे खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसी कोई जानकारी नहीं है और दावे बेबुनियाद हैं। फैसल का वीडियो एक बांग्लादेशी पत्रकार सलाहुद्दीन शोएब चौधरी द्वारा 30 दिसंबर को शेयर किए गए उनके लोकेशन के दावे के ठीक बाद आया। पत्रकार ने दावा किया था कि उन्होंने हत्यारे की लोकेशन एक्सपोज की है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह हत्या बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव के बीच हुई है। हादी की मौत के बाद जमात-शिबिर जैसे ग्रुप्स पर सवाल उठे। साथ ही पुरानी राजनीतिक दुश्मनियां और सत्ता परिवर्तन के बाद की जांच भी इस मामले को जटिल बना रही है। अभी तक कई लोग गिरफ्तार हुए हैं, लेकिन मुख्य आरोपी अब खुद वीडियो के जरिए अपनी सफाई दे रहा है। जांच अभी जारी है।

















