पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वहां के राजनेताओं की राजनीति लोगों को मूर्ख बनाकर ही चल रही है, इस बात को एक उसके उप प्रधानमंत्री इशाक अहमद डार ने ऑपरेशन सिंदूर पर झूठ बोलकर फिर साबित किया है। डार ने साल के आखिरी महीने में सालभर की डिप्लोमेसी और घटनाओं पर बात करते अपने देश के लोगों को एक अलग ही चूरन बेच दिया। उसने कहा कि भारत ने 36 घंटे में 80 ड्रोन से हमला किया था, जिसमें से 79 को हमने ध्वस्त कर दिया था। साथ ही हमने उसके 7 फाइटर जेटों को भी मार गिराया था।
पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत
हुआ कुछ यूं था कि 22 अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में छुट्टियां बिता रहे पर्यटकों पर पाकिस्तान के पाले आतंकियों ने उनका धर्म पूछकर हत्या कर दी थी। इस हमले में 26 आम नागरिक मारे गए थे। इसके बाद भारत ने 7 मई 2025 की सुबह ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया। इसके तहत पाकिस्तान के 100 किमी अंदर तक घुसकर भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को बर्बाद कर दिया।
इसके बाद पाकिस्तान ने तुर्किए से मिले ड्रोन और चीनी मिसाइलों के जरिए भारत पर हमले किए, लेकिन भारतीय एयरडिफेंस ने सभी तो तबाह कर दिया। भारत ने पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस को बर्बाद कर दिया। उसके 11 फाइटर प्लेन बर्बाद हो गए। हथियारों के गोदामों को नष्ट कर दिया गया। लेकिन पाकिस्तान ने झूठ बोला कि वह भारत पर बढ़त बनाए हुए था।
36 घंटे में 80 ड्रोन का दावा
इशाक डार ने झूठा दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने महज 36 घंटों के अंदर 80 ड्रोन पाकिस्तान की तरफ भेजे। उन्होंने कहा, “भारत ने 80 ड्रोन भेजे थे, जिनमें से 79 को हमने रोक लिया। सिर्फ एक ड्रोन ने हमारी मिलिट्री इंस्टॉलेशन को नुकसान पहुंचाया और वहां तैनात कुछ लोगों को चोट भी आई।”
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डार ने ये भी कहा कि नूर खान पाकिस्तान एयर फोर्स का एक बड़ा बेस है और पाकिस्तानी रिपोर्ट्स में इसे 11 एयरबेस में से एक बताया गया है, जिन पर भारत ने निशाना साधा था। बाद में हमने पलटवार करते हुए 7 मई को झड़पों में पाकिस्तान ने 7 भारतीय जेट विमान गिराए थे। लेकिन, बड़ी अजीब बात ये है कि जो पाकिस्तान हर बात पर उछलता रहता है, उसने इस मामले में कोई सबूत नहीं दिया।
एक और झूठ भी पढ़िए
पाकिस्तान की बेशर्मी कुछ इस कदर है कि उसने एक और दावा कर दिया कि उसने कभी कोई मध्यस्थता की गुहार नहीं लगाई। डार का दावा है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 10 मई सुबह करीब 8:17 बजे उसे फोन किया और बताया कि भारत सीजफायर के लिए तैयार है, क्या पाकिस्तान सहमत होगा। तब हमने कहा, “हम कभी जंग नहीं चाहते थे।” बाद में सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने भी संपर्क किया और सीजफायर पर सहमति बनी। इतना ही नहीं पाकिस्तान ने जम्मू कश्मीर का राग भी अलापा।
किसी तीसरे का कोई योगदान नहीं
जबकि, पाकिस्तान के उलट भारत का स्टैंड हमेशा से स्पष्ट रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान युद्ध को रोकने में किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं थी। इसके अलावा भारत का कोई जेट भी नहीं गिरा।

















