रूस के साथ चल रहे युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की एक बार फिर से अमेरिका पहुंचे हैं। वहां उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फ्लोरिडा के पाम बीच में ट्रंप के मार-ए-लागो रिसॉर्ट पर मिले। यह मुलाकात यूक्रेन-रूस युद्ध को खत्म करने के लिए चल रही बातचीत का एक अहम हिस्सा थी। दोनों नेताओं ने बैठक के बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि शांति समझौते की दिशा में काफी प्रगति हुई है, लेकिन कुछ मुश्किल मुद्दे अभी भी बाकी हैं।
मीटिंग का मकसद और तैयारी
ज़ेलेंस्की अमेरिका पहुंचे थे ताकि ट्रंप के साथ युद्ध खत्म करने का प्लान फाइनल कर सकें। यूक्रेन और अमेरिकी टीम ने मिलकर एक 20-पॉइंट शांति प्लान तैयार किया था, जो पहले रूस की तरफ से आए 28-पॉइंट प्लान का संशोधित वर्जन था। इसमें सुरक्षा गारंटी, क्षेत्रीय मुद्दे और ज़ापोरिज्जिया न्यूक्लियर प्लांट जैसे बड़े सवाल शामिल थे। मुलाकात से पहले ज़ेलेंस्की कनाडा गए थे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और यूरोपीय नेताओं से फोन पर बात की। बैठक के दौरान ट्रंप और ज़ेलेंस्की ने यूरोपीय नेताओं से भी फोन पर चर्चा की।
ट्रंप ने उसी दिन सुबह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की थी, जिसे उन्होंने “प्रोडक्टिव” बताया। क्रेमलिन के एक अधिकारी ने इसे “फ्रेंडली” कहा, लेकिन पुतिन ने 60 दिन के सीजफायर का विरोध किया, जो यूक्रेन और यूरोपीय संघ ने सुझाया था।
क्या कहा ट्रंप ने
ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दोनों पक्ष अब डील के बहुत करीब हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा गारंटी पर 95% सहमति बन चुकी है। यूरोपीय देश आगे चलकर इसकी बड़ी जिम्मेदारी लेंगे, अमेरिका उनका साथ देगा। डोनबास इलाके के बारे में बोले कि यह अभी “अनसुलझा” है, लेकिन इस पर भी काफी प्रगति हुई है – “बहुत मुश्किल मामला” है, पर अब बेहतर स्थिति में है। ट्रंप का मानना है कि पुतिन और ज़ेलेंस्की दोनों शांति चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ हफ्तों में साफ हो जाएगा कि बात बन रही है या नहीं। अगर नहीं बनी तो युद्ध लंबा चलेगा और और लोग मरेंगे।
सुरक्षा गारंटी पर समझौता हुआ
ज़ेलेंस्की ने कहा कि सुरक्षा गारंटी पर समझौता हो चुका है। वे डोनबास से पूरी तरह यूक्रेनी फोर्सेस हटाने के अमेरिकी सुझाव को नरम करना चाहते हैं। उन्होंने ज़ापोरिज्जिया प्लांट और अन्य मुद्दों पर भी बात की। ज़ेलेंस्की ने इस सप्ताह रूस के हमलों का जिक्र किया – 27 दिसंबर को रूस ने कीव और दूसरे इलाकों पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन से हमला किया, जिससे बिजली-पानी ठप हो गया। उन्होंने इसे अमेरिका की शांति कोशिशों का जवाब बताया।
बाकी अहम बातें
रूस अभी भी डोनबास का बड़ा हिस्सा (लगभग 90%) कंट्रोल करता है। पुतिन की पुरानी मांग है कि यूक्रेन पूरी तरह डोनबास, ज़ापोरिज्जिया और खेरसॉन से पीछे हटे और NATO में न जाए। अमेरिकी प्लान में ज़ापोरिज्जिया प्लांट पर शेयर्ड कंट्रोल और डोनबास में फ्री इकोनॉमिक ज़ोन जैसी बातें हैं।
बैठक में अमेरिकी तरफ से सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो, जेरेड कुशनर, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ जैसे लोग मौजूद थे। यूरोपीय नेता भी बातचीत में शामिल हुए, क्योंकि वे पोस्ट-वॉर सिक्योरिटी गारंटी तैयार कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि आगे जनवरी में फिर मुलाकात हो सकती है। यह मुलाकात युद्ध के लगभग चार साल पूरे होने के समय हुई, जब रूस लगातार आगे बढ़ रहा है और दोनों तरफ से समझौते की कोशिशें तेज हैं।













