जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) और जम्मू-कश्मीर पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। हमलावरों द्वारा इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोनों में से एक की खरीदारी पाकिस्तान के एक बैंक से जुड़ी हुई है, जिस पर पहले भी आतंक से संबंधित जांच हो चुकी है।
हमले का ब्यौरा
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम के बैसरान इलाके में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे। हमलावरों ने तीन लोग थे- फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान शाह, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान और हमजा अफगानी। इन तीनों को 28 जुलाई 2025 को दाचीगाम जंगल के मुलनार महादेव इलाके में मुठभेड़ में मार गिराया गया। मुठभेड़ के बाद उनके पास से दो शाओमी रेडमी सीरीज के फोन बरामद हुए।
फोनों की डिटेल
- रेडमी 9T (ऑरेंज कलर): यह फोन 2021 में पाकिस्तान में आयात किया गया था।
- रेडमी नोट 12 (ब्लैक कलर): यह फोन 2023 में आयात हुआ था।
दोनों फोन अटैक से ठीक पहले तक बिल्कुल इस्तेमाल नहीं किए गए थे। अटैक के आसपास ही इन्हें ऑन किया गया।
पहले फोन की कहानी
NIA ने शाओमी कंपनी से जानकारी ली तो पता चला कि रेडमी 9T पाकिस्तान की कंपनी टेक सिरात प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयात किया गया था। यह कंसाइनमेंट 1 जनवरी 2021 को पाकिस्तान पहुंचा। दस्तावेजों में लॉजिस्टिक्स कंपनी के तौर पर फैसल बैंक का नाम आया है। डिलीवरी का पता भी फैसल बैंक का आधिकारिक पता था-शाहरा-ए-फैसल, कराची। बैंक ने आयात के लिए फाइनेंस (लेटर ऑफ क्रेडिट) दिया था, जो सामान्य व्यापारिक प्रक्रिया है।
जांचकर्ताओं का कहना है कि कंसाइनमेंट तो टेक सिरात को मिला होगा, लेकिन फोन को बाद में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) तक पहुंचा दिया गया। 2021 से लेकर अटैक तक यह फोन कभी ऑन ही नहीं हुआ। लगता है इसे खास तौर पर आतंकी काम के लिए अलग रखा गया था।
बैंक का पुराना रिकॉर्ड
फैसल बैंक पर इस हमले में सीधा कोई आरोप नहीं है, लेकिन इसका नाम पहले भी आतंक से जुड़ी जांच में आ चुका है। 2007 में न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया था कि 9/11 के बाद दायर मुकदमों में इस बैंक में लश्कर-ए-तैयबा और लज्नत-उल-दावा (अल-कायदा से जुड़ा कुबैती संगठन) के अकाउंट पाए गए थे।
पाकिस्तानी अखबार डॉन की 2002 की रिपोर्ट के अनुसार, 9/11 के बाद पाकिस्तान की जांच एजेंसी ने कई आतंकी संगठनों (LeT, जैश-ए-मोहम्मद आदि) के अकाउंट की जानकारी जुटाई थी। इनमें फैसल बैंक भी शामिल था।दूसरा फोनरेडमी नोट 12 फोन एयर लिंक कम्युनिकेशंस लिमिटेड (लाहौर) द्वारा आयात किया गया था। यह भी अटैक से पहले तक इस्तेमाल में नहीं आया था।
फोनों से मिली जानकारी
आतंकियों ने मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट की बजाय लंबी दूरी के रेडियो उपकरणों का इस्तेमाल किया, इसलिए फोनों से कोई कम्युनिकेशन डेटा नहीं मिला। लेकिन फोनों में कुछ फोटो और मैप्स मिले- बैसरान मीडोज और आसपास के इलाकों के। एक फोटो में 30 मार्च 2025 का टेंट दिखा है, जिसमें स्टोव भी था। टेंट ऊंचाई पर लगाया गया था, ताकि सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

















