ऑपरेशन विजय: 36 घंटे का वह सैन्य एक्शन जिसने गोवा को दिलाई आजादी
July 1, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

ऑपरेशन विजय: 36 घंटे का वह सैन्य एक्शन जिसने गोवा को दिलाई आजादी

गोवा पर पुर्तगाल का कब्जा 16वीं शताब्दी में शुरू हुआ। साल 1498 में वास्को डी गामा भारत आया और समुद्री मार्ग से भारत पहुंचा। इसके बाद पुर्तगालियों ने धीरे-धीरे भारत के तटीय क्षेत्रों में अपने व्यापारिक और राजनीतिक किले बनाया।

Written byMahak SinghMahak Singh
Dec 17, 2025, 09:10 am IST
in भारत
Goa Liberation Day 2025

Goa Liberation Day

भारत 1947 में स्वतंत्र हुआ, लेकिन देश की संपूर्णता अभी पूरी तरह नहीं हुई थी। उस समय देश के कुछ हिस्सों पर विदेशी शक्ति का शासन अभी भी जारी था। इनमें सबसे प्रमुख गोवा था, जो 450 सालों तक पुर्तगालियों के अधीन रहा। गोवा, दमन, दीव और नागर हवेली जैसे छोटे उपनिवेश पुर्तगाल की उपनिवेश नीति का हिस्सा थे। भारत के लिए यह चुनौतीपूर्ण था कि वह गोवा को अपने अधिकार में लाए, क्योंकि पुर्तगाल उस समय NATO का सदस्य था ।

गोवा पर पुर्तगाल का कब्जा और शासन

गोवा पर पुर्तगाल का कब्जा 16वीं शताब्दी में शुरू हुआ। साल 1498 में वास्को डी गामा भारत आया और समुद्री मार्ग से भारत पहुंचा। इसके बाद पुर्तगालियों ने धीरे-धीरे भारत के तटीय क्षेत्रों में अपने व्यापारिक और राजनीतिक किले बनाया। 1510 तक उसने गोवा पर कब्जा कर लिया और इसे अपने मुख्य केंद्र के रूप में विकसित किया। पुर्तगालियों ने अपने शासन में गोवा को एक मजबूत सामरिक और व्यापारिक केन्द्र के रूप में स्थापित किया। समय के साथ उनके नियंत्रण वाले क्षेत्र घटते गए, लेकिन गोवा, दमन, दीव और नागर हवेली उनके अधीन बने रहे।

गोवा मुक्ति की शुरुआत

जब भारत 1947 में स्वतंत्र हुआ तब अंग्रेजों ने देश छोड़ दिया, लेकिन पुर्तगाल ने गोवा को स्वतंत्र भारत के हिस्से में शामिल नहीं किया। भारत ने गोवा को अपने अधिकार में लेने की कोशिश की। 1950 और 1955 के दशक में भारत ने पुर्तगाल पर आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए, ताकि वे अपने उपनिवेशों को भारत को सौंपने के लिए बाध्य हों। लेकिन ये प्रयास पर्याप्त नहीं थे। चुनौती और निर्णायक मोड़ तब आया जब 1961 में पुर्तगालियों ने मछुआरों पर गोलियां चलाई, जिसमें एक मछुआरे की मौत हो गई। यह घटना देशभर में गुस्से और आक्रोश का कारण बनी। जनता और सरकार ने मिलकर तय किया कि अब गोवा को पुर्तगालियों से मुक्त करना ही होगा।

यह भी पढ़ें- क्या आप जानते हैं, 1961 में भारत ने कैसे वापस लिया गोवा?

ऑपरेशन विजय और पुर्तगाली शासन का अंत

इसी निर्णय के तहत 17 दिसंबर 1961 को ऑपरेशन विजय की शुरुआत हुई। इस अभियान में भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के लगभग 30,000 सैनिक शामिल थे। भारतीय सेना ने रणनीति के तहत पुर्तगालियों के मुख्य मार्गों पर नियंत्रण स्थापित किया। पुर्तगालियों ने वास्को के पास बने पुल को धमाके से उड़ा दिया लेकिन भारतीय सैनिकों ने अपनी कार्रवाई जारी रखी। भारतीय वायु सेना ने पुर्तगालियों के ठिकानों पर बमबारी की और थल सेना लगातार आगे बढ़ती रही। भारतीय नौसेना ने समुद्री मार्ग से समर्थन प्रदान किया। पुर्तगालियों ने महसूस किया कि भारतीय सैनिकों के सामने टिक पाना असंभव है। अंततः 19 दिसंबर 1961 को पुर्तगाली गवर्नर मेन्यू वासलो डे सिल्वा ने औपचारिक रूप से समर्पण पत्र पर हस्ताक्षर किए। रात लगभग साढ़े आठ बजे इस समर्पण के साथ ही गोवा में 450 सालों से चले आ रहे पुर्तगाली शासन का अंत हो गया। इस समर्पण के बाद गोवा, दमन और दीव भारत का हिस्सा बन गए। भारत ने इन्हें धीरे-धीरे अपने प्रशासन और कानून व्यवस्था में समाहित किया। गोवा को 30 मई 1987 को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला और यह भारत का 25वां राज्य बना।’

यह भी पढ़ें- भारत की आजादी के 14 साल बाद गोवा को मिली मुक्ति, यह कहानी हर भारतीय को जाननी चाहिए

Topics: Goa Liberation WarGoa merger with IndiaGoa Portuguese ruleऑपरेशन विजयपुर्तगाली शासन का अंतगोवा मुक्ति दिवसगोवा पर पुर्तगाल का कब्जाGoa Liberation Dayभारत और पुर्तगाल संघर्षOperation Vijay 1961गोवा मुक्ति 1961Operation Vijayभारतीय सेना ऑपरेशन विजयHistory of GoaGoa Liberation Day 2025RSSगोवा मुक्ति आंदोलन
Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Shyama Prasad Mukherjee की मौत की जांच से Nehru क्यों डरे?

मानसा में आयोजित संघ वर्ग में जीरो वेस्ट मॉडल से पर्यावरण संरक्षण की जगाई अलख

हल्दीघाटी विजय के 450 वर्ष पूर्ण होने पर उदयपुर में क्या बोले मोहन भागवत जी, सुनिए

रांची में RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला

रांची में संघ कार्यालय पर हमला: क्या कानून-व्यवस्था मजाक बनकर रह गई है?

RSS सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत जी

पिछले 100 वर्षों से RSS केवल भारत के कल्याण और भलाई के लिए काम कर रहा है- डॉ. मोहन भागवत जी

हिमालयन इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित 15 दिवसीय संघ शिक्षा वर्ग के समापन समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख प्रदीप जोशी जी।

समाज को देश विरोधी ताकतों और भारत को कमजोर करने की कोशिश कर रही विदेशी साजिशों से सावधान रहना चाहिए- प्रदीप जोशी

Load More

ताज़ा समाचार

आज का राशिफल

1 जुलाई का राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा आपका दिन?

सरकारी जमीन पर बनी अवैध मजार

संभल : सरकारी जमीन पर बनी महबुल्ला शाह की मजार, अवैध निर्माण की शिकायत पर प्रशासन ने की पैमाइश

weather report

जुलाई में सामान्य से कम बारिश की आशंका : मौसम विभाग का पूर्वानुमान

बेंजामिन नेतन्याहू

ईरान, हमास, हिजबुल्लाह से लड़ाई कभी खत्म नहीं होगी, इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का बड़ा बयान

उच्च शिक्षा (प्रतीकात्मक चित्र)

उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र आत्महत्या रोकने के लिए NTF सक्रिय, अंतरिम रिपोर्ट में सामने आईं कई गंभीर चुनौतियां

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने ईरान के राष्ट्रपति से फोन पर की बात, पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा

आज का श्लोक: संसार का सबसे बड़ा लाभ क्या है? महाभारत का यह श्लोक खोल देगा सफलता के द्वार

Sheikh Hasina Wajed blames US for coup

बांग्लादेश में फिर सियासी भूचाल: शेख हसीना की वतन वापसी का एलान, मौत की सजा के खिलाफ सड़कों पर अवामी लीग!

bharat tiwari encounter case president takes cognizance bihar chief secretary direction

भरत तिवारी एनकाउंटर केस में राष्ट्रपति भवन का बड़ा एक्शन: बिहार के मुख्य सचिव को दिए कार्रवाई के निर्देश

Bhavnagar Disturbed Areas Act Protest Hindu Samaj Rally Gujarat Collector Memorandum

गुजरात: भावनगर में विधर्मी कर रहे उत्पीड़न, सड़कों पर उतरा आक्रोशित हिंदू समाज, कलेक्टर से की बड़ी मांग

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies