ऑपरेशन विजय: 36 घंटे का वह सैन्य एक्शन जिसने गोवा को दिलाई आजादी
August 11, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

ऑपरेशन विजय: 36 घंटे का वह सैन्य एक्शन जिसने गोवा को दिलाई आजादी

गोवा पर पुर्तगाल का कब्जा 16वीं शताब्दी में शुरू हुआ। साल 1498 में वास्को डी गामा भारत आया और समुद्री मार्ग से भारत पहुंचा। इसके बाद पुर्तगालियों ने धीरे-धीरे भारत के तटीय क्षेत्रों में अपने व्यापारिक और राजनीतिक किले बनाया।

Written byMahak SinghMahak Singh
Dec 17, 2025, 09:10 am IST
inभारत
Goa Liberation Day 2025

Goa Liberation Day

भारत 1947 में स्वतंत्र हुआ, लेकिन देश की संपूर्णता अभी पूरी तरह नहीं हुई थी। उस समय देश के कुछ हिस्सों पर विदेशी शक्ति का शासन अभी भी जारी था। इनमें सबसे प्रमुख गोवा था, जो 450 सालों तक पुर्तगालियों के अधीन रहा। गोवा, दमन, दीव और नागर हवेली जैसे छोटे उपनिवेश पुर्तगाल की उपनिवेश नीति का हिस्सा थे। भारत के लिए यह चुनौतीपूर्ण था कि वह गोवा को अपने अधिकार में लाए, क्योंकि पुर्तगाल उस समय NATO का सदस्य था ।

गोवा पर पुर्तगाल का कब्जा और शासन

गोवा पर पुर्तगाल का कब्जा 16वीं शताब्दी में शुरू हुआ। साल 1498 में वास्को डी गामा भारत आया और समुद्री मार्ग से भारत पहुंचा। इसके बाद पुर्तगालियों ने धीरे-धीरे भारत के तटीय क्षेत्रों में अपने व्यापारिक और राजनीतिक किले बनाया। 1510 तक उसने गोवा पर कब्जा कर लिया और इसे अपने मुख्य केंद्र के रूप में विकसित किया। पुर्तगालियों ने अपने शासन में गोवा को एक मजबूत सामरिक और व्यापारिक केन्द्र के रूप में स्थापित किया। समय के साथ उनके नियंत्रण वाले क्षेत्र घटते गए, लेकिन गोवा, दमन, दीव और नागर हवेली उनके अधीन बने रहे।

गोवा मुक्ति की शुरुआत

जब भारत 1947 में स्वतंत्र हुआ तब अंग्रेजों ने देश छोड़ दिया, लेकिन पुर्तगाल ने गोवा को स्वतंत्र भारत के हिस्से में शामिल नहीं किया। भारत ने गोवा को अपने अधिकार में लेने की कोशिश की। 1950 और 1955 के दशक में भारत ने पुर्तगाल पर आर्थिक प्रतिबंध भी लगाए, ताकि वे अपने उपनिवेशों को भारत को सौंपने के लिए बाध्य हों। लेकिन ये प्रयास पर्याप्त नहीं थे। चुनौती और निर्णायक मोड़ तब आया जब 1961 में पुर्तगालियों ने मछुआरों पर गोलियां चलाई, जिसमें एक मछुआरे की मौत हो गई। यह घटना देशभर में गुस्से और आक्रोश का कारण बनी। जनता और सरकार ने मिलकर तय किया कि अब गोवा को पुर्तगालियों से मुक्त करना ही होगा।

यह भी पढ़ें- क्या आप जानते हैं, 1961 में भारत ने कैसे वापस लिया गोवा?

ऑपरेशन विजय और पुर्तगाली शासन का अंत

इसी निर्णय के तहत 17 दिसंबर 1961 को ऑपरेशन विजय की शुरुआत हुई। इस अभियान में भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के लगभग 30,000 सैनिक शामिल थे। भारतीय सेना ने रणनीति के तहत पुर्तगालियों के मुख्य मार्गों पर नियंत्रण स्थापित किया। पुर्तगालियों ने वास्को के पास बने पुल को धमाके से उड़ा दिया लेकिन भारतीय सैनिकों ने अपनी कार्रवाई जारी रखी। भारतीय वायु सेना ने पुर्तगालियों के ठिकानों पर बमबारी की और थल सेना लगातार आगे बढ़ती रही। भारतीय नौसेना ने समुद्री मार्ग से समर्थन प्रदान किया। पुर्तगालियों ने महसूस किया कि भारतीय सैनिकों के सामने टिक पाना असंभव है। अंततः 19 दिसंबर 1961 को पुर्तगाली गवर्नर मेन्यू वासलो डे सिल्वा ने औपचारिक रूप से समर्पण पत्र पर हस्ताक्षर किए। रात लगभग साढ़े आठ बजे इस समर्पण के साथ ही गोवा में 450 सालों से चले आ रहे पुर्तगाली शासन का अंत हो गया। इस समर्पण के बाद गोवा, दमन और दीव भारत का हिस्सा बन गए। भारत ने इन्हें धीरे-धीरे अपने प्रशासन और कानून व्यवस्था में समाहित किया। गोवा को 30 मई 1987 को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला और यह भारत का 25वां राज्य बना।’

यह भी पढ़ें- भारत की आजादी के 14 साल बाद गोवा को मिली मुक्ति, यह कहानी हर भारतीय को जाननी चाहिए

Topics: गोवा मुक्ति आंदोलनGoa Liberation WarGoa merger with IndiaGoa Portuguese ruleऑपरेशन विजयपुर्तगाली शासन का अंतगोवा मुक्ति दिवसगोवा पर पुर्तगाल का कब्जाGoa Liberation Dayभारत और पुर्तगाल संघर्षOperation Vijay 1961गोवा मुक्ति 1961Operation Vijayभारतीय सेना ऑपरेशन विजयHistory of GoaGoa Liberation Day 2025RSS
Mahak Singh
Mahak Singh
2022 में ज़ी न्यूज़ से पत्रकारिता की शुरुआत की। उसके बाद न्यूज़ नेशन, दैनिक जागरण और न्यूज़ 24 जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में कार्य करते हुए पत्रकारिता के विभिन्न आयामों का अनुभव प्राप्त किया। वर्तमान में पाञ्चजन्य में सब एडिटर के रूप में कार्यरत हूं। ज़िमा ज़ी इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया आर्ट्स से मैने पत्रकारिता की है। [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Employment is not only jobs, समझिए सरसंघचालक डॉ.मोहन भागवत जी ने ऐसा क्यों कहा?

पुस्तक का लोकार्पण करते (बाएं से ) डॉ. कृष्ण गोपाल, स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज और अन्य अतिथि

‘गीता मनुष्य को उसके कर्तव्य का कराती है बोध’

बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में लगा एक चिकित्सा शिविर or राहत सामग्री के साथ कार्यकर्ता

बाढ़ पीड़ितों की सहायता में लगे स्वयंसेवक

डॉ. माधवराव परलकर जी

डॉ. माधवराव परलकर की प्रेरक गाथा: जिस डॉक्टर ने करोड़ों की कमाई नहीं, हजारों गरीब मरीजों की दुआएं कमाईं

गुरु पूर्णिमा : त्याग, तप और तेज का प्रतिनिधि भगवा ध्वज

मुरली मनोहर जोशी

अमिट अटल : ‘संघ से जुड़ी है हमारी नाल’

Load More

ताज़ा समाचार

उत्तराखंड में आकस्मिक बाढ़ का खतरा

Uttarakhand Weather Update : उत्तराखंड के 12 जिलों में अगले 24 घंटे भारी, अचानक आ सकती है बाढ़

कोलंबिया में भूकंप ने मचाई तबाही

कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप, भारी तबाही, कम से कम 70 की मौत

कॉकरोचों का समर्थन औऱ झारखंड आंदोलन पर नसीरुद्दीन शाह की चुप्पी, पीयूष मिश्रा ने पूछा- कौन हैं वो कुत्ते…?

MP Weather: बारिश-बाढ़ के बीच पुलिस का बड़ा रेस्क्यू अभियान, 98 लोगों की बचाई जान; भोपाल में टूटी डैम की दीवार

जेपीएससी भर्ती परीक्षा घोटाला: BJP ने कहा- कांग्रेस की सरकार जहां , भ्रष्टाचार-घोटाला वहां

झारखंड पेपर लीक का मामला बढ़ता जा रहा है।

झारखंड में जेपीएससी विवाद को कवर कर रहे पत्रकार अमन चोपड़ा पर FIR, छात्रों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज

वंदे मातरम

पहली बार लाल किले की प्राचीर से गाया जाएगा ‘वंदे मातरम’, जानें क्या है खास तैयारी

Rajasthan Weather: झालावाड़ में 12 इंच बारिश, कई गांव जलमग्न; कोटा में बाढ़ के हालात

चमोली में बादल फटने से पुल ढह गया है

चमोली में बादल फटा, तिब्बत सीमा को जोड़ने वाला पुल बहा

निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री

संसद ने टैक्स बिल को मंजूरी दी, UPI लेनदेन रहेगा मुफ्त

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies