श्री विजयपुरम । केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के श्री विजयपुरम में वीर सावरकर की प्रतिमा का भव्य अनावरण किया। यह आयोजन स्वतंत्रता संग्राम की स्मृतियों को पुनर्जीवित करने वाला ऐतिहासिक क्षण माना जा रहा है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति
शुक्रवार दोपहर लगभग 2:30 बजे दक्षिण अंडमान के श्री विजयपुरम में वीर सावरकर की प्रतिमा का अनावरण हुआ। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने भाग लिया। सरसंघचालक डॉ. भागवत ने प्रतिमा के मूर्तिकार अनिल सुतार को शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
वीर सावरकर के जीवन को बताया राष्ट्रभक्ति का प्रतीक
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा कि – “वीर सावरकर जी का जीवन मातृभूमि के प्रति अथाह प्रेम और राष्ट्र के लिए प्राण न्योछावर करने की प्रेरणा देता है। अंडमान और निकोबार की भूमि वीर सावरकर जी सहित अनेक स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, समर्पण एवं साहस की साक्षी रही है।
आज इस पावन भूमि पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक आदरणीय डॉ. मोहन भागवत जी के साथ सावरकर जी की भव्य प्रतिमा का अनावरण और ‘वीर सावरकर प्रेरणा पार्क’ का उद्घाटन किया। यह पार्क और प्रतिमा, वीर सावरकर जी की ही भांति अडिग रहकर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की रक्षा तथा उनके स्वप्नों को साकार करने की दिशा में भावी पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी”।
वीर सावरकर प्रेरणा पार्क का उद्घाटन
अमित शाह और डॉ. भागवत ने वीर सावरकर प्रेरणा पार्क का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह पार्क और प्रतिमा भावी पीढ़ियों को सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की रक्षा करने और वीर सावरकर के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देती रहेंगी।
सावरकर को मिली काला पानी की सज़ा का ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि ब्रिटिश सरकार ने 1911 में वीर सावरकर को काला पानी की सजा देते हुए पोर्ट ब्लेयर की सेलुलर जेल में कैद किया था, जिसे अब श्री विजयपुरम के नाम से जाना जाता है। यह स्थान आज भी स्वतंत्रता आंदोलन की अमर गाथाओं का प्रतीक है।
















