वाराणसी (हि.स.) । उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) में देश के पहले हाइड्रोजन चालित जलयान का संचालन गंगा नदी में गुरूवार से शुरू हो गया। नमोघाट पर आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस जलयान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जलयान (वाटर टैक्सी) में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल खुद भी सवार होकर ललिताघाट तक गए।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हरित परिवहन की दिशा में बड़ा कदम
इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गतिशील और दूरदर्शी नेतृत्व में भारत देश में आत्मनिर्भर परिवहन प्रणालियों की ओर एक परिवर्तनकारी बदलाव दिख रहा है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ की प्रतिबद्धता और हरित परिवहन के महत्व को बताती है।
हाइड्रोजन जलयान हरित तकनीक के नए युग की शुरुआत
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि यह जलयान हरित परिवहन के अगले युग को परिभाषित करेगा। जलमार्गों पर स्वच्छ तकनीकों को बढ़ावा देकर हम नवाचार और पर्यावरणीय दायित्वों को साथ लेकर चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि देश में पांच नेशनल वाटरवेज थे, जो अब बढ़कर 111 हो गए हैं। इस समय 32 जलमार्गों पर कार्गो और यात्री जहाज चल रहे हैं। कुल 13 नेशनल वाटरवेज पर क्रूज संचालित हो रहे हैं।
वाटर टैक्सी की क्षमता, स्पीड और तकनीकी विशेषताएं
आईडब्ल्यूएआई के अफसरों के अनुसार गंगा नदी में पहली बार हाइड्रोजन वाटर टैक्सी चलाई जा रही है। इसमें एक साथ 50 यात्री बैठ सकेंगे। वाटर टैक्सी में पांच हाइड्रोजन सिलिंडर लगेंगे। इसकी रफ्तार 12.038 किलोमीटर प्रति घंटे रहेगी। विकल्प के तौर पर 3 किलोवाट के सोलर पैनल भी लगाए गए हैं। ईंधन रीफिलिंग के लिए चार स्टेशन बनाए जाएंगे। जल्द ही आम जनता के लिए बुकिंग उपलब्ध होगी।
जवान क्रू मेंबर, हाई स्पीड और बेहतर सुरक्षा प्रबंध
अधिकारियों के मुताबिक वाटर टैक्सी लगभग 28 मीटर लंबी और 5.8 मीटर चौड़ी है। इसमें 10 क्रू मेंबर तैनात हैं। यह 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से संचालित होगी। सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है। ईंधन भरने के लिए राल्हूपुर रामनगर के मल्टी मॉडल टर्मिनल पर हाइड्रोजन फ्यूल स्टेशन बनाया गया है।
कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में निर्मित अत्याधुनिक जलयान
यह जलयान कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड में बनाया गया है। आईडब्ल्यूएआई के अनुसार यह 24 मीटर लंबा कैटामरान है, जिसमें वातानुकूलित केबिन और 50 यात्रियों की क्षमता है। यह 6.5 समुद्री मील की गति से चलता है और हाइड्रोजन ईंधन सेल, बैटरी और सौर ऊर्जा के हाइब्रिड संयोजन से संचालित होता है। एक बार हाइड्रोजन भरने पर यह आठ घंटे तक चल सकता है।
भारत के समुद्री भविष्य की दिशा में ऐतिहासिक कदम
यह जलयान इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग द्वारा प्रमाणित है। यह परियोजना भारत के समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को स्वच्छ और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। मेरीटाइम इंडिया विजन 2030 और अमृत काल विजन 2047 के तहत हरित तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
नेट-जीरो 2070 लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
यह जलयान 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य के अनुरूप है। आईडब्ल्यूएआई, कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और इनलैंड एंड कोस्टल शिपिंग लिमिटेड के बीच त्रिपक्षीय समझौते के तहत इसके संचालन और निगरानी की व्यवस्था की गई है। इसमें वित्तीय शर्तें, सुरक्षा प्रक्रियाएं और नियमित निरीक्षण शामिल हैं।
शहरों के लिए स्वच्छ, शोर-मुक्त और तेज़ परिवहन का नया विकल्प
वाराणसी में शुरू हाइड्रोजन जलयान शहरी जल परिवहन के लिए कई लाभ लाता है—शोर रहित यात्रा, धुआं रहित तकनीक, तेज आवागमन, सड़क ट्रैफिक में कमी, पर्यटन को बढ़ावा और नए रोजगार के अवसर।
















