19 गैर यूरोपीय देशों से आए Visa आवेदनों को Trump ने डाला ठंडे बस्ते में, जानिए क्या है इसके पीछे असली वजह!
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19 गैर यूरोपीय देशों से आए Visa आवेदनों को Trump ने डाला ठंडे बस्ते में, जानिए क्या है इसके पीछे असली वजह!

अमेरिका का मानना है कि उक्त देशों से अमेरिका को आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा उल्लंघन और अवैध प्रवासियों के आने का खतरा है। सोमालिया आतंकवादियों का अड्डा बना हुआ है, वहां की सरकार उन पर नियंत्रण खो चुकी है

Written byAlok GoswamiAlok Goswami
Dec 3, 2025, 03:17 pm IST
in विश्व, विश्लेषण
Representational Image

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अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार एक के बाद एक ऐसे फैसले ले रही है जो दिखाते हैं कि ट्रंप कम समय में बहुत कुछ कर लेना चाहते हैं। ताजा मामला वीजा प्रतिबंधों को लेकर सामने आया है। ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रीय और नागरिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 19 देशों के नागरिकों के वीजा आवेदनों को ठंडे बस्ते में डालने का फरमान दे दिया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ट्रंप सरकार का यह कदम हाल ही में राजधानी वाशिंगटन में हुए आतंकवादी हमले के बाद उठाया गया है। इस हमले में दो सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। इसके बाद से, पूरे देश में सुरक्षा जांच को और कड़ा करने पर जोर दिया जा रहा है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप प्रशासन ने जिन देशों के नागरिकों के वीजा आवेदनों पर रोक लगाई है उन्हें ‘उच्च जोखिम’ वाले देश माना गया है, क्योंकि इनमें आधी—अधूरी जांच प्रक्रिया है, आतंकवादी समूहों का प्रशासन पर नियंत्रण माना जाता है और नागरिक दस्तावेजों के सही होने की कम संभावना रहती है। व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि यह कदम अमेरिकियों का खतरनाक विदेशी तत्वों से बचाव सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। मिसाल के लिए, अफगानिस्तान में तालिबान शासन और सोमालिया में आतंकवादियों की खुलेआम आवाजाही अमेरिका की प्रमुख चिंताएं हैं।

ट्रंप सरकार का मानना है कि वीजा प्रतिबंध वाले ये देश अमेरिका के लिए बहुत ज्यादा खतरा पेश करते हैं, जिसमें आतंकवाद, अवैध प्रवास और वीजा अवधि से अधिक रहना शामिल है। राष्ट्रपति ट्रंप ने विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया। शुरुआत में 12 देशों पर पूर्ण प्रतिबंध था, लेकिन बाद में इस सूची को बढ़ाकर कुल 19 देशों को इसमें जोड़ा गया है। पूर्ण प्रतिबंध वाले देश हैं, अफगानिस्तान, म्यांमार, चाड, कांगो-ब्रेजाविलख, इक्वेटोरियल गिनी, इरिट्रिया, हैती, ईरान, लीबिया, सोमालिया, सूडान और यमन।

जिन शेष 7 देशों पर आंशिक प्रतिबंध लगाया गया है वहां के आवेदनों की अब से सघन जांच की जाएगी। इन देशों में शामिल हैं, बुरुंडी, क्यूबा, लाओस, सिएरा लियोन, टोगो, तुर्कमेनिस्तान और वेनेजुएला।

Representational Image

अमेरिका का मानना है कि उक्त देशों से अमेरिका को आतंकवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा उल्लंघन और अवैध प्रवासियों के आने का खतरा है। अफगानिस्तान जैसे देशों में तालिबान जैसे उग्रपंथी समूहों के कारण पासपोर्ट प्रणाली अविश्वसनीय रही है। सोमालिया आतंकवादियों का अड्डा बना हुआ है, वहां की सरकार उन पर नियंत्रण खो चुकी है।

ईरान और लीबिया जैसे देशों से संबंध ठीक न होने के कारण अतिरिक्त सतर्कता बरती गई है। इनमें से कई देश संकटग्रस्त हैं, लेकिन यहां से आने वालों लोगों से ‘ओवरस्टे’ और अपराधों की संभावना अधिक रहती है। इतना ही नहीं, यूएससीआईएस ने ग्रीन कार्ड धारकों की भी जांच बढ़ाई है।

उधर संयुक्त राष्ट्र ने इस प्रतिबंध को अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध बताया है। अमेरिका की डेमोक्रेट पार्टी ने इसे सख्त और असंवैधानिक कदम करार दिया है। उसका कहना है कि इससे शरणार्थियों के रास्ते में बाधा आएगी, आव्रजन प्रक्रिया भी धीमी पड़ जाएगी। लेकिन रिपब्लिकन राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे अवैध प्रवासन पर सख्ती करने से जुड़ा बताया है, यह काम उनके पिछले कार्यकाल से ही चला आ रहा है। प्रवासन क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि इस कदम को डेमोक्रेट पार्टी अदालत में ले जा सकती है लेकिन इसे ऐसा बनाया गया है कि अदालत की चुनौतियों को भी झेल जाए।

दरअसल 12 देशों पर तो यह प्रतिबंध 9 जून 2025 से लागू है। इसका वैध वीजा धारकों पर भी असर देखा जा रहा है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह ट्रंप की तीसरी दुनिया देशों से आने वालों पर स्थायी रोक लगाने की घोषणा का ही एक हिस्सा प्रतीत होता है। लेकिन कुल मिलाकर, यह कदम अमेरिकी सीमाओं को पुख्ता और अभेद्य बनाने का प्रयास ही है।

 

Topics: अमेरिकाtrumpsomaliaवाशिंगटनट्रंपवीजाus visa banwashington terror attackafghanistan
Alok Goswami
Alok Goswami
A Delhi based journalist with over 25 years of experience, have traveled length & breadth  of the country and been on foreign assignments too. Areas of interest include Foreign Relations, Defense, Socio-Economic issues, Diaspora, Indian Social scenarios, besides reading and watching documentaries on travel, history, geopolitics, wildlife etc. [Read more]
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