भुवनेश्वर: देश का सबसे बडे श्रमिक संगठन भारतीय मजदूर संघ का 21वें त्रैवार्षिक राष्ट्रीय अधिवेशन आगामी 6, 7 और 8 फरवरी 2026 को पवित्र नगरी पुरी में आयोजित होगा । भारतीय मजदूर संघ ओडिशा शाखा के अशोक नगर स्थित राज्य कार्यालय में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन में भारतीय मजदूर संघ के अखिल भारतीय सह–संगठन मंत्री गणेश मिश्रा व अन्य पदाधिकारियों ने इस बारे में आधिकारिक जानकारी दी ।
उन्होंने उस बारे में जानकारी देत हुए बताया कि इस अधिवेशन में देश के सभी राज्यों के साथ साथ विदेशी प्रतिनिधि भी शामिल होंगे । देश के विभिन्न राज्य़ों से 2500 से अधिक प्रतिनिधि तथा 22 देशों के विदेशी प्रतिनिधि एवं श्रम विशेषज्ञ भाग भी इसमें लेने वाले हैं। श्रमिक अधिकारों और श्रम आंदोलन से संबंधित अंतर्राष्ट्रीय मंच पर इसे एक ऐतिहासिक सम्मेलन माना जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय अधिवेशन में प्रमुख श्रमिक समस्याओं, श्रमिक कल्याण, सामाजिक सुरक्षा, श्रम–नीति क्रियान्वयन, ईएसआई–ईपीएफ सुधार, औद्योगिक संबंध, रोजगार सुरक्षा, कौशल विकास, गिग और असंगठित क्षेत्र के श्रमिक अधिकार जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। वर्तमान श्रम परिदृश्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कई महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव भी तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें अधिवेशन में पारित किया जाएगा।
अधिवेशन के अवसर पर देश के प्रमुख श्रम विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री और विभिन्न क्षेत्रों के जानकार भी इसमें शामिल होंगे। श्रम क्षेत्र की नई चुनौतियों—जैसे ऑटोमेशन, नए रोजगार परिवेश, तकनीकी बदलाव आदि—पर भी विशेष रूप से विचार–विमर्श होगा। उन्होंने कहा कि यह अधिवेशन देश के श्रम आंदोलन को नई दिशा देगा और श्रमिक हितों की सुरक्षा हेतु एक संकल्पवान मंच सिद्ध होगा।
अधिवेशन को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां, अतिथि–सत्कार, आवास व्यवस्था, मंच निर्माण तथा विभिन्न बैठकों के लिए कई समितियों का गठन किया जा चुका है। राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के नेता नियमित रूप से पुरी जाकर तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि यह अधिवेशन देश के श्रम एवं संगठनात्मक आंदोलन को नई ऊर्जा प्रदान करेगा और राष्ट्र निर्माण के लिए एक सक्रिय मंच के रूप में उभरेगा। इस संवाददाता सम्मेलन में गणेश मिश्रा के साथ साथ अखिल भारतीय मंत्री सुश्री अंजली पटेल, बीएमएस ओडिशा प्रदेश के अध्यक्ष श्री बादल महाराणा, राज्य महामंत्री पृथ्वीराज पंडा तथा अधिवेशन प्रचार प्रमुख सत्यव्रत परिड़ा प्रमुख रूप से उपस्थित थे।











