लखनऊ । अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राष्ट्रीय महामंत्री के पदों के लिए निर्वाचन प्रक्रिया मुंबई स्थित अभाविप केंद्रीय कार्यालय में सम्पन्न हुई। इस चुनाव में प्रो. (डॉ.) रघुराज किशोर तिवारी (रीवा) को राष्ट्रीय अध्यक्ष और डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी (इंदौर) को राष्ट्रीय महामंत्री के पद पर पुनर्निर्वाचित किया गया।
71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में करेंगे कार्यभार ग्रहण
चुनाव अधिकारी प्रो. (डॉ.) मासाड़ी बापूराव ने बताया कि दोनों पदाधिकारी उत्तराखंड के देहरादून में 28, 29 और 30 नवंबर को आयोजित होने जा रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 71वें राष्ट्रीय अधिवेशन में अपना कार्यभार संभालेंगे।
प्रो. (डॉ.) रघुराज किशोर तिवारी : कृषिविज्ञान के प्रखर विद्वान
प्रो. (डॉ.) रघुराज किशोर तिवारी मूलतः मध्य प्रदेश के रीवा से हैं। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर से कृषिविज्ञान विषय में पीएचडी की है। वर्तमान में वे उसी विश्वविद्यालय के रीवा परिसर में कृषिविज्ञान विभाग में आचार्य के पद पर कार्यरत हैं।
वे वर्ष 1987 से अभाविप से जुड़े हैं और विद्यार्थी जीवन से ही संगठन में सक्रिय रहे हैं। वे कृषि महाविद्यालय, रीवा के निर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके हैं और महाकौशल प्रांत मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
शिक्षा और अनुसंधान में उल्लेखनीय योगदान
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने वर्ष 2014 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। 2016 में त्रिभुवन विश्वविद्यालय (नेपाल) ने उन्हें विशिष्ट वैज्ञानिक पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 125 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं और कृषिविज्ञान विषय पर 3 पुस्तकों का लेखन किया है।
उन्होंने फिलीपींस के अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI) में 2025 में आयोजित संयुक्त अनुसंधान परियोजना में विश्वविद्यालय का नेतृत्व किया। इसके अलावा वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की राज्य स्तरीय समिति के सदस्य भी रहे हैं।
डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी: चिकित्सा और संगठन सेवा का संगम
डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी मूलतः मध्य प्रदेश के इंदौर से हैं। उन्होंने श्री अरबिंदो इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (SAIMS) से MBBS किया है और वर्तमान में MD (सामुदायिक चिकित्सा) में अध्ययनरत हैं। वे वर्ष 2014 से अभाविप से जुड़े हैं।
उन्होंने मेडिविज़न के माध्यम से आयुर्विज्ञान और दंत चिकित्सा के विद्यार्थियों में राष्ट्रीय नेतृत्व दिया है। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार और परीक्षा अव्यवस्था के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसके परिणामस्वरूप कुलपति का निलंबन हुआ।
आंदोलनों और जनसेवा में सक्रिय भूमिका
डॉ. सोलंकी ने निजी मेडिकल कॉलेजों में शुल्क वृद्धि के खिलाफ सफल आंदोलन का नेतृत्व किया और बंद हुए मेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों के भविष्य के लिए संघर्ष किया। वे समाज के वंचित वर्गों को सस्ती चिकित्सा सेवा प्रदान करने के लिए चिकित्सालय चलाते हैं।
उन्होंने महाविद्यालय अध्यक्ष, इंदौर महानगर मंत्री, प्रांत मेडिविज़न प्रमुख, राष्ट्रीय मंत्री जैसे कई जिम्मेदार पदों पर कार्य किया है। वर्तमान में वे अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री हैं और आगामी सत्र 2025-26 हेतु पुनर्निर्वाचित हुए हैं।

















