ABVP: राष्ट्रनिर्माण में छात्रशक्ति की यात्रा, शिक्षा-समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण के 7 दशक
July 30, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम मत अभिमत

ABVP: राष्ट्रनिर्माण में छात्रशक्ति की यात्रा, शिक्षा-समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पण के 7 दशक

9 जुलाई 1949 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की स्थापना हुई। यह केवल एक संगठन की वर्षगांठ नहीं, बल्कि सात दशकों से अधिक समय से चल रहे एक ऐसे छात्र आंदोलन का उत्सव है, जिसने शिक्षा, समाज और राष्ट्र के बीच सशक्त संवाद स्थापित करने का प्रयास किया है।

Written byचेतस सुखाड़ियाचेतस सुखाड़िया — edited by Lalit Fulara
Jul 9, 2026, 06:42 am IST
in मत अभिमत

भारत के राष्ट्रीय जीवन में विद्यार्थियों की भूमिका केवल शिक्षा प्राप्त करने तक सीमित नहीं रही है। स्वतंत्रता आंदोलन से लेकर सामाजिक जागरण, लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और राष्ट्रनिर्माण तक छात्रशक्ति ने समय-समय पर अपनी महत्वपूर्ण उपस्थिति दर्ज कराई है। इसी छात्रशक्ति को संगठित, संस्कारित और राष्ट्रोन्मुख बनाने के उद्देश्य से 9 जुलाई 1949 को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की स्थापना हुई। 78वें स्थापना दिवस पर यह केवल एक संगठन की वर्षगांठ नहीं, बल्कि सात दशकों से अधिक समय से चल रहे एक ऐसे छात्र आंदोलन का उत्सव है, जिसने शिक्षा, समाज और राष्ट्र के बीच सशक्त संवाद स्थापित करने का प्रयास किया है।

विद्यार्थी केवल “भविष्य का नागरिक” नहीं बल्कि “आज का सक्रिय नागरिक”

स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत के समक्ष केवल राजनीतिक स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने की चुनौती नहीं थी, बल्कि राष्ट्रीय चरित्र, शिक्षा व्यवस्था और सामाजिक चेतना के पुनर्निर्माण का दायित्व भी था। ऐसे समय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राष्ट्रीय पुनर्निर्माण का ध्येय सामने रखते हुए यह विचार प्रस्तुत किया कि विद्यार्थी केवल “भविष्य का नागरिक” नहीं, बल्कि “आज का सक्रिय नागरिक” है। यही विचार आगे चलकर परिषद की कार्यशैली का आधार बना। “ज्ञान, शील और एकता” का मूल मंत्र परिषद के व्यक्तित्व निर्माण के दृष्टिकोण को स्पष्ट करता है—ज्ञान से बौद्धिक विकास, शील से चरित्र निर्माण और एकता से राष्ट्र के प्रति समर्पण।

पिछले 78 वर्षों में परिषद ने छात्रहित के अनेक मुद्दों पर निरंतर कार्य किया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, समयबद्ध परिणाम, छात्रवृत्ति, छात्रावास, पुस्तकालयों का सुदृढ़ीकरण, शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहन, रोजगारोन्मुख शिक्षा तथा परिसरों में शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने जैसे विषय परिषद के प्रमुख अभियान रहे हैं। देश के अनेक विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों की समस्याओं को लोकतांत्रिक माध्यमों से उठाने और उनके समाधान के लिए संवाद स्थापित करने में परिषद की सक्रिय भूमिका रही है।

अभाविप की पहचान केवल आंदोलनों से नहीं, बल्कि रचनात्मक कार्यों से भी जुड़ी है। संगठन ने समय-समय पर समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को सेवा कार्यों के माध्यम से सिद्ध किया है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं पुनर्वास, रक्तदान अभियान, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, स्वच्छता अभियान, सामाजिक समरसता, ग्राम विकास, जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा तथा राष्ट्रीय एकता के कार्यक्रम परिषद की व्यापक सामाजिक दृष्टि को प्रतिबिंबित करते हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान भी परिषद के कार्यकर्ताओं ने देशभर में राहत कार्यों में उल्लेखनीय भागीदारी निभाई।

विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव का भाव विकसित करता है ABVP

अभाविप की कार्यपद्धति का एक विशिष्ट पक्ष उसके विविध आयाम हैं, जिनके माध्यम से संगठन विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास का प्रयास करता है। स्टूडेंट्स फॉर डेवलपमेंट (SFD) पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, जैव विविधता, सतत विकास और जनजागरूकता के माध्यम से युवाओं को प्रकृति के प्रति उत्तरदायी बनाता है। वहीं स्टूडेंट्स फॉर सेवा (SFS) समाज के वंचित वर्गों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और सेवा गतिविधियों को पहुँचाकर छात्रशक्ति को सामाजिक दायित्वों से जोड़ने का कार्य करता है। इसी प्रकार “खेलो भारत” अभियान के माध्यम से परिषद महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में खेल संस्कृति को प्रोत्साहित करते हुए स्वस्थ, अनुशासित और ऊर्जावान युवा पीढ़ी के निर्माण का प्रयास कर रही है। वहीं “राष्ट्रीय कला मंच” भारतीय कला, संस्कृति, साहित्य, लोक परंपराओं और सृजनात्मक अभिव्यक्तियों को मंच प्रदान कर विद्यार्थियों में सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय गौरव का भाव विकसित करता है।

संगठन का विश्वास है कि महिला सशक्तिकरण के बिना राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है। इसी दृष्टि से छात्राओं के नेतृत्व विकास, सुरक्षा, स्वाभिमान, उच्च शिक्षा में समान अवसर तथा व्यक्तित्व निर्माण के लिए परिषद निरंतर कार्य कर रही है। ‘मिशन साहसी’ जैसे अभियानों के माध्यम से लाखों छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देकर आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का संदेश दिया गया है। छात्रावासों की सुविधाएँ, परिसर सुरक्षा, महिला स्वास्थ्य, शिक्षा में समान अवसर तथा नेतृत्व निर्माण जैसे विषयों पर परिषद लगातार रचनात्मक पहल और लोकतांत्रिक संवाद करती रही है। आज एबीवीपी के विभिन्न स्तरों पर बड़ी संख्या में छात्राएँ नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं, जो संगठन की समावेशी कार्यसंस्कृति और महिला नेतृत्व के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

आज भारत विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देशों में अग्रणी है। यदि इस युवा शक्ति को सही दिशा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, नवाचार और राष्ट्रीय दृष्टि प्राप्त हो, तो भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को अपेक्षाकृत कम समय में प्राप्त कर सकता है। इस संदर्भ में छात्र संगठनों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। अभाविप ने युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व, संगठन कौशल और राष्ट्रभाव विकसित करने के लिए अनेक प्रशिक्षण, अध्ययन, संवाद और नेतृत्व विकास कार्यक्रम संचालित किए हैं।

विद्यार्थियों में नैतिकता, संवेदनशीलता और राष्ट्रीय उत्तरदायित्व भी विकसित हो

वर्तमान समय में शिक्षा जगत तीव्र परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल शिक्षा, स्टार्टअप संस्कृति, अनुसंधान, वैश्विक प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति जैसे विषय नई पीढ़ी के सामने अवसर और चुनौतियाँ दोनों प्रस्तुत कर रहे हैं। ऐसे समय में केवल तकनीकी दक्षता पर्याप्त नहीं है। आवश्यक है कि विद्यार्थियों में नैतिकता, संवेदनशीलता, लोकतांत्रिक आचरण और राष्ट्रीय उत्तरदायित्व भी विकसित हो। यही वह संतुलन है जिसकी आवश्यकता आज के भारत को है। परिषद ने भारतीय ज्ञान परंपरा, मातृभाषा में शिक्षा, अनुसंधान संस्कृति, नवाचार तथा आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर भी निरंतर विमर्श को आगे बढ़ाया है। साथ ही पूर्वोत्तर भारत, सीमांत क्षेत्रों और जनजातीय अंचलों के विद्यार्थियों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा “एक जन – एक राष्ट्र – एक संस्कृति” की भावना को मजबूत करने के लिए अनेक कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य केवल संगठन विस्तार नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकात्मता को सुदृढ़ करना भी है।

यह भी उल्लेखनीय है कि परिषद ने अनेक ऐसे कार्यकर्ता तैयार किए जिन्होंने आगे चलकर शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, न्यायपालिका, उद्योग, सामाजिक जीवन और सार्वजनिक जीवन के विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया। इससे स्पष्ट होता है कि छात्र जीवन में प्राप्त संगठनात्मक संस्कार व्यक्ति के दीर्घकालीन व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

78वाँ स्थापना दिवस केवल उपलब्धियों का स्मरण नहीं, बल्कि भविष्य के प्रति नए संकल्प का अवसर भी है। भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में शिक्षित, संस्कारित और उत्तरदायी युवा शक्ति सबसे बड़ी पूँजी सिद्ध होगी। विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के परिसर केवल डिग्री प्रदान करने वाले संस्थान न बनें, बल्कि चरित्र, नेतृत्व, शोध, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व के केंद्र बनें—यह समय की आवश्यकता है। आज आवश्यकता इस बात की है कि छात्र राजनीति केवल चुनावों तक सीमित न रहे, बल्कि शिक्षा सुधार, सामाजिक संवेदनशीलता, पर्यावरण संरक्षण, संवैधानिक मूल्यों, नवाचार और राष्ट्रनिर्माण जैसे विषयों पर भी सक्रिय भूमिका निभाए। जब विद्यार्थी अपने अधिकारों के साथ अपने कर्तव्यों का भी समान रूप से निर्वहन करेगा, तभी शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण होगा। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के 78वें स्थापना दिवस पर हम उन सभी ज्ञात-अज्ञात कार्यकर्ताओं को नमन करते हैं जिन्होंने अपने परिश्रम, त्याग और समर्पण से इस संगठन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। अभाविप की यह प्रतिबद्धता है कि राष्ट्रहित, छात्रहित और समाजहित के अपने संकल्प को और अधिक प्रभावी रूप से आगे बढ़ाते हुए विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के निर्माण में छात्रशक्ति अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।

(लेखक मध्यक्षेत्र संगठन मंत्री – अभाविप हैं)

Topics: ABVP NewsAkhil Bharatiya Vidyarthi ParishadABVP 78th Foundation DayABVP HistoryStudent Movement in IndiaABVP AnniversaryABVP Legacyअखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद
चेतस सुखाड़िया
चेतस सुखाड़िया
मध्यक्षेत्र संगठन मंत्री - अभाविप [Read more]
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

ABVP: छात्रशक्ति से राष्ट्रशक्ति में परिणीति के 78 वर्ष, वैचारिक स्पष्टता-संगठनात्मक अनुशासन है सबसे बड़ी शक्ति

राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस पर ABVP का बड़ा संदेश, युवाओं से कहा- राष्ट्र निर्माण में निभाएं सक्रिय भूमिका

प्रतीकात्मक तस्वीर

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की 78 वर्षों की गौरवगाथा: छात्रशक्ति से राष्ट्रशक्ति की यात्रा

ABVP Foundation Day National Students Day Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad History

ABVP Foundation Day: अल्प बीज से विशाल वटवृक्ष तक… जानिए राष्ट्र-जागरण की अलख जगाने वाले एबीवीपी की गौरवगाथा!

sunil ambekar rss addresses abvp smriti 2026 shimla

“छात्र शक्ति के संघर्ष से ही हटी धारा 370, थमा नक्सलवाद” : सुनील आंबेकर

ABVP की 3 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद बैठक संपन्न, 46 प्रांतों से 400 से अधिक प्रतिनिधि कार्यकर्ताओं ने भाग लिया

Load More

ताज़ा समाचार

UP के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बोले- सिख विरोधी दंगों में दस हजार से ज्यादा सिख भाई-बहन मारे गए थे

(AI generated image)

PM-Kisan Yojana: 31 जुलाई से पहले पूरा करें e-KYC, नहीं तो अटक सकती है अगली किस्त

roll of AI in ITR Filing

Explainer: भारत ने ITR फाइलिंग में रचा नया इतिहास और इसमें AI की भूमिका

असम बाढ़ 2026: मौत का आंकड़ा बढ़कर 78 पहुंचा, 3 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

(AI generated image)

MP Weather: मध्य प्रदेश के 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी

प्रतीकात्मक तस्वीर

NEET प्रदर्शन में पेलेट गन पर बवाल, DG GP Singh ने RAF जवानों के समर्थन में कही बड़ी बात

Ayodhya Ram temple

राम मंदिर दान पेटियों से 80 लाख रुपये की चोरी, ट्रस्ट ने FIR से पहले वसूल किए पैसे

Salim Vastik

सलीम वास्तिक हरिद्वार पहुंचे, कांवड़ यात्रा में हवन पर विवाद पर कहा- हिंदू-मुस्लिम हैं भाई, सौहार्द जरूरी

Johnson and johnson Baby powder

जॉनसन एंड जॉनसन का बेबी पाउडर से कैंसर मामले में कंपनी ने किया 5.5 बिलियन डॉलर का सेटलमेंट

EPFO

शादी के बाद EPF नॉमिनेशन अपडेट करना क्यों है जरूरी? जानिए पूरा नियम

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies