खालिस्तानी आतंकवाद व अलगाववाद से पीडि़त कनाडा में अब बदलाव की बयार बहती दिख रही है। वहां सत्ता परिवर्तन के बाद सरकार ने इन असमाजिक तत्वों पर लगाम लगानी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में कनाडा में मशहूर कमेडियन कपिल शर्मा के कैफे ‘कैप्स कैफे’ पर फायरिंग करने वाले तीन आरोपियों को कनाडा सरकार ने डिपोर्ट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। यह खबर अब पूरे विश्व में चर्चा का विषय बन चुकी है।
कनाडा सरकार की बड़ी कार्रवाई, तीनों के पंजाब से जुड़े तार
अभी इनकी शिनाख्त सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन यह स्पष्ट है कि तीनों के तार पंजाब से जुड़े हुए हैं। यह कार्रवाई द कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी (CBSA) की ओर से की गई है। एजेंसी ने ब्रिटिश कोलंबिया में पंजाबी मूल के व्यवसाय मालिकों को निशाना बनाकर चल रहे जबरन वसूली नेटवर्क से संबंधित एक जांच के बाद तीन भारतीय नागरिकों को निर्वासित कर दिया है।
बीसी एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स की पहली बड़ी सफलता
7 नवंबर को घोषित यह निर्वासन, ‘बीसी एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स’ के तहत किया गया पहला निर्वासन है। यह टास्क फोर्स सीबीएसए, आरसीएमपी और स्थानीय पुलिस एजेंसियों का एक संयुक्त अभियान है। 40 सदस्यीय यह टास्क फोर्स इस वर्ष की शुरुआत में गठित की गई थी, जिसका उद्देश्य प्रांत में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध समूहों के खिलाफ खुफिया जानकारी जुटाना और प्रवर्तन प्रयासों का समन्वय करना है।
78 विदेशी नागरिक जांच के दायरे में, जबरन वसूली से संबंध
सीबीएसए अधिकारियों के अनुसार, 78 अतिरिक्त विदेशी नागरिक वर्तमान में कनाडा में प्रवेश की संदिग्ध अयोग्यता के लिए आव्रजन जांच के अधीन हैं। इनमें जबरन वसूली के मामलों से जुड़े आपराधिक गतिविधियों से संभावित संबंध भी शामिल हैं। कनाडा सरकार की यह कार्रवाई वहां के पंजाबी समुदाय में बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है।
ब्रिटिश कोलंबिया में बढ़ते जबरन वसूली के मामले
2025 की शुरुआत में ब्रिटिश कोलंबिया में एक्सटॉर्शन (Extortion Cases in Canada) के मामले तेजी से बढ़े हैं। अपराधी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके व्यवसाय मालिकों से क्रिप्टोकरेंसी में भुगतान की मांग कर रहे हैं। जब मांगे पूरी नहीं होतीं, तो वे हिंसा और आगजनी का सहारा ले रहे हैं।
सरी, लोअर मेनलैंड और फ्रेजर वैली बने मुख्य निशाने
सरी, लोअर मेनलैंड और फ्रेजर वैली के कई छोटे व्यवसाय इस नेटवर्क का शिकार बने हैं। इनमें बार-बार निशाना बनाए जाने वाला कपिल शर्मा का ‘कैप्स कैफे’ (Kapil Sharma Cafe Shooting Canada) भी शामिल है। इसके अलावा, रिफ्लेक्शन सेंटर के मालिक पर गोलीबारी और पंजाबी कारोबारी की हत्या की घटनाएं भी सामने आई हैं।
निर्वासितों की पहचान सार्वजनिक नहीं, लेकिन पंजाब कनेक्शन पक्का
हालांकि अधिकारियों ने निर्वासित व्यक्तियों की पहचान, राष्ट्रीयता या गंतव्य का खुलासा नहीं किया है, परंतु कानून प्रवर्तन सूत्रों के अनुसार, इस नेटवर्क में शामिल कई पीडि़त और अपराधी पंजाबी मूल के हैं। सीबीएसए ने आगे की जानकारी न देने के पीछे परिचालन सुरक्षा संबंधी चिंताओं और गोपनीयता प्रावधानों का हवाला दिया है।
कनाडा सरकार की सख्ती से खालिस्तानी नेटवर्क में मचा हड़कंप
अधिकारियों का कहना है कि यह निष्कासन बीसी के पंजाबी व्यापारिक समुदाय को निशाना बनाकर हाल में हुई हिंसा और धमकियों के पीछे के संगठित नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कनाडा की इस कार्रवाई का भारतीय समुदाय और वैश्विक स्तर पर स्वागत किया जा रहा है।

















