इटली में लगभग 4000 लोगों का पादरियों ने किया यौन शोषण: पीड़िताओं के समूह का आरोप
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इटली में लगभग 4000 लोगों का पादरियों ने किया यौन शोषण: पीड़िताओं के समूह का आरोप

इटली की नई रिपोर्ट में खुलासा: 2020 से कैथोलिक पादरियों ने 4,400 बच्चों का यौन शोषण किया। फ्रांस, जर्मनी और भारत के मामले भी सामने। पोप फ्रांसिस के प्रयासों के बावजूद चर्च का संकट गहराता जा रहा है।

Written byसोनाली मिश्रासोनाली मिश्रा — edited by कुलदीप सिंह
Oct 26, 2025, 11:11 am IST
inविश्व
Italy Church pastor raped 4000 people

प्रतीकात्मक तस्वीर

इटली से राएटर्स की एक बहुत ही चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में इटली के एक संगठन रेतेल अबूज़ों के हवाले से यह दावा किया गया है कि वर्ष 2020 के बाद से लगभग 4,400 के करीब लोग पादरियों द्वारा किये गए यौन शोषण का शिकार हुए हैं। यश समूह इटली का सबसे बड़ा चर्च से पीड़ित लोगों का समूह है, जो पीड़ितों की कहानियों, न्यायिक स्रोतों और मीडिया द्वारा रिपोर्ट किये गए मामलों पर आधारित है। अभी हाल ही में इटालियन बिशप कान्फ्रन्स का आयोजन किया गया था, जिसकी आलोचना वेटिकन के बाल रक्षा आयोग ने भी की थी, और इन्होंने अभी तक इस विषय पर किसी भी प्रकार की कोई टिप्पणी नहीं की है।

कैथोलिक पादरियों ने किया रेप

इस रिपोर्ट में यह कहा गया है कि 1250 मामलों में 1106 मामले कैथोलिक पादरियों से द्वारा किये गए यौन शोषण के मामले हैं और शेष मामले नन, रिलीजियस लीडर्स, और स्काउट सदस्यों से जुड़े हुए हैं। इस संगठन की रिपोर्ट में 4625 पीड़ितों के मामले शामिल हैं और जिनमें से 4395 ऐसे मामले हैं, जिनमें शोषण पादरियों द्वारा किया गया है।

4000 से अधिक पीड़ित नाबालिग पुरुष

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पीड़ितों में 4451 पीड़ित 18 वर्ष से कम आयु के हैं और 4108 पीड़ित पुरुष थे। इस संगठन की रिपोर्ट के अनुसार 1,106 संदिग्ध शिकारी पादरियों में से केवल 76 पर ही चर्च में मुकदमा चलाया गया, 17 को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया, सात को अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया और 18 को पदच्युत कर दिया गया या उन्होंने पादरी पद से इस्तीफा दे दिया। पाँच की आत्महत्या से मृत्यु हो गई थी।

ये रिपोर्ट हालांकि चौंकाने वाली हो सकती है, परंतु चर्च के पादरियों के यौन शोषण के मामले लगातार आते रहे हैं और अभी तक तो इन मामलों की सुनवाई भी नहीं होती थी, परंतु पोप फ्रांसिस ने अपने 12 वर्ष के कार्यकाल में इस मामले को गंभीरता से लिया था, परंतु उन्हें सीमित सफलता ही मिली थी। ऐसे मामले पूरे विश्व में सामने आते रहे हैं।

इसे भी पढ़ें: पेंसिलवेनिया के लिंकन यूनिवर्सिटी होमकमिंग में गोलीबारी: 5 घायल, जांच जारी

ऑस्ट्रेलिया में कनफेशन बॉक्स और बाल शोषण

कई वर्ष पहले ऑस्ट्रेलिया से भी ऐसी ही एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें कई बच्चों ने बताया था कि कैसे कनफेशन बॉक्स में उनके द्वारा कनफेस किये गए छोटे-मोटे अपराधों को लेकर उन्हें पादरियों द्वारा ब्लैक मेल किया गया और उनके साथ यौन शोषण किया गया। इस घटना ने कन्फेशन बॉक्स की पवित्रता और गोपनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा दिए थे और साथ ही यह भी सोचने पर लोगों को विवश किया था कि क्या वास्तव में कन्फेशन बौक्स बच्चों के लिए सुरक्षित हैं?

फ्रांस

फ्रांस में वर्ष 2021 में एक स्वतंत्र जांच आयोग ने यह अनुमान लगाया था कि वर्ष 1950 से 2020 के बीच फ्रांस में क्लर्जी द्वारा लगभग 2,16,000 बच्चों का यौन शोषण किया गया था। इस आयोग ने यह भी बताया था कि चर्च को इन सब घटनाओं के विषय में पता था, परंतु फिर भी कोई कदम नहीं उठाए गए। और इन पीड़ितों में अधिकांश वे लोग थे, जो विविध पृष्ठभूमि के किशोर थे।

जर्मनी

जर्मनी में भी ऐसी कई जांच सामने आईं, जिनमें चर्च द्वारा बच्चों के साथ किये गए शोषण के मामले सामने आए। वर्ष 2018 में एक महत्वपूर्ण अध्ययन “एमएचजी स्टडीस” के नाम से किया गया था। इसमें पाया गया था कि वर्ष 1946 से 2014 के बीच लगभग 3677 बच्चों का शोषण 1670 क्लर्जी सदस्यों द्वारा किया घाय था। हालांकि अधिकारियों का यह मानना था कि ये आँकड़े बहुत कम है और असली आँकड़े बहुत अधिक थे। और इनमें भी दो तिहाई पीड़ित लड़के थे, जिनकी उम्र या तो 13 वर्ष की थी या फिर उससे कम थी।

यूके

यूके में भी कई रिपोर्ट्स ऐसी आई थीं, जिनमें कैथोलिक पास्टर्स और क्लर्जी द्वारा बच्चों के शोषण के मामले थे और साथ ही यह भी था कि कैसे बहुत ही सुनियोजित तरीके से इन सब मामलों को दबाया गया। बाल यौन शोषण पर एक स्वतंत्र जांच ने यह पाया था कि इंग्लैंड और वेल्स में कैथोलिक चर्च ने बच्चों की सुरक्षा के स्थान पर अपनी प्रतिष्ठा को प्राथमिकता दी थी।

कनाडा में भी ऐसे मामले सामने आए थे और लगातार सामने आ रहे हैं, कि कैसे वहाँ के स्थानीय लोगों के साथ अत्याचार किये थे और कैसे बच्चों को उनके अभिभावकों से अलग करके उन्हें भीषण यातनाएं दी गई थीं।

भारत

भारत में भी ऐसा नहीं है कि चर्च या पादरियों द्वारा बच्चों के शोषण के कम मामले सामने आए हों। और भारत में भी “कल्चर ऑफ साइलेन्स” ही ऐसे मामलों में अपनाया गया।

इटली में यह रिपोर्ट सामने आने के बाद एक बार फिर से यह बहस और आँकड़े सामने आ गए हैं और यह भी बात पूरी तरह से सच है कि वैश्विक स्तर पर चर्च इस मामले का लगातार सामना कर रहा है, परंतु हल अभी कोसों दूर है, क्योंकि अभी तक इस मामले पर बात ही नहीं होती है, पहले बात होनी चाहिए, फिर समस्या को पहचाना जाना चाहिए और फिर ही उसका हल निकल सकता है।

Topics: यौन शोषणsexual abuse
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