राजस्थान के श्री गंगानगर जिले में मानवता को शर्मसार करती एक वारदात हुई, जिसमें एक नाबालिग लड़की की तस्करी और यौन शोषण किया गया। अब इस मामले में पुलिस की जांच भी आगे बढ़ चुकी है। पुलिस और जांच टीम को पता चला है कि होटलों में इस बच्ची को ‘ग्राहकों’ के लिए 1000 से 1800 रुपये तक के तय रेट पर बेचा गया था। मेडिकल जांच में यौन शोषण की पुष्टि भी हुई है।
क्या है पूरा मामला
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मामला कुछ यूं है कि एक नाबालिग लड़की, जिसकी उम्र केवल 11 साल 11 महीने है। 18 जून की रात को वह घर से गायब हो गई। चार दिन बाद, 22 जून को श्री गंगानगर पुलिस ने उसे एक होटल से बचाया। जब मामले की जांच शुरू हुई तो पीड़िता ने बताया कि उसकी दोस्ती इंस्टाग्राम पर गंगानगर के एक युवक से हो गई थी। उसी से मिलने के लिए वह विजयनगर पहुंची। मिलने के बाद रात को बस स्टैंड पहुंची, जहां एक इलेक्ट्रिक ऑटो में बैठ गई। ऑटो ड्राइवर ने उसे होटल चलने के लिए मनाया और बस यहीं से दरिंदगी शुरू हो जाती है।
होटलों में क्या हुआ
पुलिस को पता चला कि बच्ची को तीन अलग-अलग होटलों में रखा गया। होटल वाले ‘ग्राहकों’ से पैसे लेते थे। एक अधिकारी ने बताया, “होटलों में ग्राहकों के लुक-छवि के हिसाब से 1000 से 1800 रुपये तक चार्ज किए जाते थे।” लड़की को इन होटलों के बीच 18 से 22 जून के बीच घुमाया गया। उसकी उम्र कम होने और जो सदमा हुआ, उसकी वजह से उसने आरोपियों की संख्या को लेकर अलग-अलग बयान दिए हैं। FIR में 12 का जिक्र था, पुलिस को दिए बयान में 11, और कोर्ट में 16। कुछ मीडिया में 32 की बात चली, लेकिन अधिकारी उसे मीडिया की बनाई कहानी बताते हैं।
इसे भी पढ़ें: NCERT पेपर सप्लाई मामले में बड़ा एक्शन: धर्मेंद्र प्रधान ने अधिकारियों की जांच के दिए आदेश
अब तक 21 गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने तेजी सा कार्य करते हुए अब तक 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 2-3 आरोपी अभी फरार भी बताए जा रहे हैं। वहीं मामले में शामिल चार होटलों को ध्वस्त कर दिया गया है, जिनमें तीन वे हैं जहां बच्ची को रखा गया था। तीनों होटलों के मैनेजरों का पता चल गया है। दो होटलों के मालिक भी ट्रेस हो चुके हैं, एक मालिक फरार है।
एसआईटी कर रही जांच
केस की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान पुलिस ने SIT बनाई हैं, जिसमें गंगानगर के एसीपी दीपक कुमार, महिला अपराध जांच यूनिट में तैनात एसीपी नीलम चौधरी, डिप्टी एसपी कैलाश दान, थाना प्रभारियों, जिला स्पेशल टीम, साइबर टीम और FSL टीम को शामिल किया गया है। पुलिस ने मामले में पुलिस ने POCSO एक्ट, भारतीय न्याय संहिता और इम्मॉर्टल ट्रैफिक (रोकथाम) अधिनियम की धाराएं लगाई हैं।

















