भारतीय पैरा एथलीट सुवर्णा राज ने डिस्कस थ्रो में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने अपने छह प्रयासों में से चार बार डिस्कस को 15 मीटर से अधिक दूर फेंका। उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो पांचवें प्रयास में आया, जब उन्होंने 15.66 मीटर की दूरी हासिल की। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया। इस स्पर्धा में ईरान की शाहला हदीदी ने 15.45 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल जीता, जबकि वियतनाम की थी न्गोक थुई गुयेन 14.65 मीटर के थ्रो के साथ तीसरे स्थान पर रहीं और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल मिला।
पिछले एशियन पैरा गेम्स से बेहतर प्रदर्शन
सुवर्णा राज के लिए यह जीत खास रही, क्योंकि उन्होंने अपने पिछले एशियन पैरा गेम्स के प्रदर्शन में सुधार किया। साल 2022 में उन्होंने F54/F55 वर्ग की स्पर्धा में 15.39 मीटर का थ्रो किया था और आठवें स्थान पर रही थीं। इस बार 15.66 मीटर का थ्रो करके उन्होंने गोल्ड मेडल जीत लिया। सुवर्णा ने 2017 में पैरा एथलेटिक्स को अपने करियर के रूप में चुना था। कोच पिंटू नागर के मार्गदर्शन में अभ्यास करते हुए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। F54 डिस्कस थ्रो में एशिया की दूसरी रैंकिंग हासिल करना भी उनकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी शानदार रिकॉर्ड
सुवर्णा ने 2026 में दुबई में आयोजित वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में महिलाओं की F54/55 डिस्कस थ्रो स्पर्धा में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इसी साल जनवरी में ऑस्ट्रेलिया के कैनबरा ट्रैक मीट में उन्होंने डिस्कस थ्रो में गोल्ड और शॉट पुट में सिल्वर मेडल हासिल किया। खेल के अलावा सुवर्णा दिव्यांगजनों के अधिकारों और सुगम्यता से जुड़े कार्यों में भी सक्रिय हैं।
क्या है F54 कैटेगरी?
F54 पैरा एथलेटिक्स की एक श्रेणी है, जिसमें खिलाड़ी विशेष थ्रोइंग चेयर पर बैठकर प्रतिस्पर्धा करते हैं। इस वर्ग में खिलाड़ी मुख्य रूप से हाथों और ऊपरी शरीर की ताकत का इस्तेमाल करके डिस्कस फेंकते हैं। इसमें तकनीक, संतुलन और नियमित अभ्यास की अहम भूमिका होती है। सुवर्णा राज की यह सफलता उनकी मेहनत और लगन का परिणाम है। उनका शानदार प्रदर्शन भारतीय पैरा एथलेटिक्स के लिए गर्व की बात है।











