नई दिल्ली: इजराइल और हमास के बीच पहले चरण का युद्धविराम समझौता हो गया है। अब जल्द ही दोनों तरफ से बंधकों को रिहा किया जा सकता है। 2 साल से चल रहे इस युद्ध में व्यापक तौर पर जान-मान की हानि हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्तता के बाद दोनों ही शांति समझौते पर सहमत हुए। लेकिन क्या आपको पता है कि इजराइल हमास के ऊपर कब बौखलाया था? एक घटना ने इजराइल को गाजा में व्यापक युद्ध छेड़ने पर मजबूर कर दिया था। यह घटना घटी थी 7 अक्टूबर 2023 को। उस दिन इजराइल में घुसे फिलिस्तीनी आतंकवादियों ने वहां नरसंहार किया था जिसके बाद इजराइल ने गाजा में हमास के आतंकियों की कमर तोड़ दी। इजराइल के हवाई हमलों में हमास के सारे बड़े आतंकी मारे गए….। हालांकि इस युद्ध का खामियाजा गाजा पट्टी के निर्दोष लोगों को भी झेलना पड़ा लेकिन इजराइल ने अपने एक-एक नागरिक के मौत का बदला लिया। आइए जानते हैं वो एक घटना जिसके बाद छिड़ा था ये घातक युद्ध….
7 अक्टूबर थी वो तारीख जिस दिन इजराइल में हुआ था नरसंहार….
अक्टूबर का ही महीना था लेकिन ये घटना दो साल पहले घटी थी। 7 अक्टूबर 2023 की तड़के गाजा से इजराइल में घुसे फिलिस्तीनी आतंकवादियों ने एक संगीत समारोह को अपना निशाना बनाया था। यह था नोवा संगीत समारोह। हमास के आतंकियों ने इसी संगीत समारोह को निशाना बनाकर कई निर्दोष लोगों की जान ले ली थी। यह संगीत समारोह रीम के पास हो रहा था जो कि गाजा सीमा के पास है। इस संगीत समारोह में 3500 से ज्यादा इजराइली और विदेशी नागरिक हिस्सा ले रहे थे। समारोह में बंदूकधारी हमास के आतंकवादियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। खुले में हो रहे इस संगीत समारोह में आतंकियों ने लोगों को बचने का भी मौका नहीं दिया।
Gaza Ceasefire: सहमत हुए Israel- Hamas, Modi- Starmer ने किया स्वागत, UN ने कही ये बात, अब आगे क्या?
इस फेस्टिवल में हमास ने 1200 लोगों का किया था नरसंहार
यह एक बड़ा नरसंहार था जिसने दुनिया को सख्ते में डाल दिया था। 1200 लोगों को मार डाला गया था।हमास के आतंकियों ने 251 से अधिक लोगों को बंधक बना लिया था। इजराइली अधिकारियों का मानना है कि उनमें से 48 लोग अभी भी बंदी हैं। हालांकि केवल 20 ही जीवित बचे हैं। इसके बाद इजराइल ने हमास पर जवाबी हमला किया और गाजा पट्टी में हमास के कई आतंकियों को मार गिराया। इसके बाद से ही गाजा पट्टी में इजराइल ने हमास के खिलाफ व्यापक युद्ध छेड़ा था।

फिर 50 सालों में पहली बार इजराइल ने की थी युद्ध घोषणा….
इस संगीत समारोह के अलावा भी हमास और उसके सहयोगी आतंकवादियों ने दक्षिणी इजराइल में कई हमले किए थे। कई शहरों में 2,500 से ज्यादा रॉकेट दागे थे। हमास के लड़ाके मोटर चालित पैराग्लाइडरों के जरिए इजराइल में घुसे थे और हमला किया था। कई परिवारों की हत्या कर दी थी। घरों को जला दिया था और नागरिकों को बंधक बना लिया था। हमास ने यहां से करीब 240 लोगों को बंधक बनाया और गाजा ले गए। इजराइल ने कुछ ही घंटों में जवाबी कार्रवाई करते हुए गाजा पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए और 50 सालों में पहली बार युद्ध की घोषणा की थी। फिर शुरु हुआ था हमास का ऑपरेशन स्वॉर्ड्स ऑफ आयरन अभियान जिसने हमास के आतंकियों को चुन-चुनकर मारा।
फिर ट्रंप की एंट्री हुई और शांति समझौता आगे बढ़ा
गाजा में इजराइल और हमास के बीच जारी युद्ध के बीच इसी साल ट्रंप की एंट्री होती है। ट्रंप दोनों से युद्ध खत्म कर शांति समझौते के लिए कहते हैं। जिसे आखिर में 8 अक्टूबर 2025 को इजराइल और गाजा दोनों मान लेते हैं। हालांकि यह पहले चरण का युद्धविराम है जिस पर दोनों सहमत हुए हैं। अब देखना यह है कि यह युद्धविराम कब तक जारी रहता है और कितने दिनों के भीतर दोनों तरफ के बंदी एक-दूसरे को लौटाए जाते हैं। इजरायल और हमास दोनों ही शांति योजना के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे गाजा में जंग खत्म करने की दिशा में ऐतिहासिक और अभूतपूर्व कदम बताया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विश्व के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे अभूतपूर्व बताया है। ट्रंप का कहना है कि सभी बंधकों को बहुत जल्द रिहा कर दिया जाएगा और इजरायल अपने सैनिकों को एक निश्चित सीमा तक वापस बुला लेगा।
शांति समझौते पर नेतन्याहू ने क्या कहा?
इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि देश के सभी बंधकों को वापस लाया जाएगा। उन्होंने इस शांति समझौते को एक कूटनीतिक सफलता बताया है। इसके साथ ही इसे इजरायल के लिए एक राष्ट्रीय एवं नैतिक विजय बताया है। उन्होंने कहा कि ‘मैंने शुरू से ही स्पष्ट कर दिया था जब तक हमारे सभी बंधक वापस नहीं आ जाते और हमारे सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते, हम चैन से नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अथक प्रयासों से हम इस महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंचे हैं। इसके लिए उन्होंने बकायदा ट्रंप का धन्यवाद भी दिया।


















