G7 Summit 2026 ऐसे समय में हुआ है जब Iran-Israel तनाव, Hormuz Strait की सुरक्षा, Ukraine युद्ध, चीन की बढ़ती आक्रामकता और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता पूरी विश्व व्यवस्था को प्रभावित कर रही है। लेकिन इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि भारत कहाँ खड़ा है? जब दुनिया की नज़र Iran पर थी, तब भारत ने G7 में कौन सा बड़ा संकेत दिया? क्या G7 वास्तव में नैतिकता की बात करता है या उसके पीछे सामरिक और आर्थिक हितों का खेल छिपा है? क्यों आज भारत की विदेश नीति को दुनिया की सबसे संतुलित और परिपक्व नीतियों में गिना जा रहा है? परख के इस विश्लेषण में संपादक हितेश शंकर से समझिए:-
🔹 G7 Summit के प्रमुख निष्कर्ष
🔹 Iran-Israel संकट का वैश्विक प्रभाव
🔹 Hormuz Strait और भारत की ऊर्जा सुरक्षा
🔹 G7 की राजनीति और वैश्विक शक्ति संतुलन
🔹 Indo-Pacific से जुड़े नए संकेत
🔹 भारत की Strategic Autonomy का महत्व
🔹 PM Narendra Modi का वैश्विक दृष्टिकोण
🔹 क्यों भारत किसी एक खेमे का हिस्सा नहीं बनना चाहता

















