नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता टूटने की कगार पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कह दिया है कि उनके लिए यह समझौता अब समाप्त हो चुका है और तेहरान के साथ बातचीत करना समय की बर्बादी है। उनके इस बयान से एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और नए संघर्ष की आशंका गहरा गई है। ईरान और अमेरिका के बीच फिर से सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है।
US ने ईरान के कई हिस्सों में किए बड़े हमले
अमेरिका ने ईरान के दक्षिणी हिस्से में बड़े सैन्य हमले किए हैं। जिनमें बंदर अब्बास, सीरिक और केश्म द्वीप के सैन्य ठिकाकों को निशाना बनाया गया है। अमेरिका का कहना है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास व्यापारिक जहाजों पर हमले किए थे। उसके जवाब में यह कार्रवाई की गई है। अमेरिका ने ईरानी तेल की बिक्री से जुड़ी छूट भी वापस ले ली। ईरान ने भी बहरीन और कुवैत की दिशा में जवाबी हमले किए हैं। दोनों देशों के बीच हुए इस सैन्य कार्रवाई से पिछले महीने हुए शांति समझौते को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
ट्रंप ने कहा- तेहरान से अब कोई बातचीत नहीं
ट्रंप का कहना है कि उनके हिसाब से अब ईरान के साथ समझौता खत्म हो चुका है। वह अब तेहरान से कोई बातचीत नहीं करना चाहते। क्योंकि बातचीत से कुछ हासिल नहीं होगा।उन्होंने कहा कि अमेरिकी अधिकारी चाहें तो बातचीत जारी रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार हुए तो वह उनका इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेगा। अब इस मुद्दे पर उनका धैर्य समाप्त हो चुका है।
ईरान ने कहा- अमेरिका के आगे नहीं झुकेंगे
अमेरिका ने ये हमले ऐसे समय में किए जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के सुपुर्द-ए-खाक का कार्यक्रम चल रहा था। ऐसे में अब दोनों देशों के बीच आगे की वार्ता पर अनिश्चितता बढ़ गई है। वहीं, ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वो अमेरिका के आगे झुकने वाला नहीं है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने अंतरिम समझौते की कई शर्तों का उल्लंघन किया है। दोबारा तेल प्रतिबंध लागू करना और दक्षिणी ईरान पर हमले करना समझौते की भावना के खिलाफ है। ऐसे में दोनों देशों के बीच हुआ शांति समझौता लगभग समाप्त माना जा रहा है।
ट्रंप ने ईरानी शासन को बताया बेवकूफ
इस समय तुर्किये में नाटो समिट में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ समझौता टूट चुका है। उनकी यह टिप्पणी ईरानी सेना- इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के बयान के बाद आई है। ईरानी सेना ने कहा था कि उसने ईरान पर अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं। इसके बाद ट्रंंप ने ईरान के लिए दुष्ट, बीमार और मैल जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया और वहां के शासन को बेवकूफ बताया है।
















