कटक के दरगाह बाजार क्षेत्र में दुर्गा मूर्ति विसर्जन जुलूस पर कट्टरपंथी मुसलमानों द्वारा किए गए हमले के बाद, हमले में शामिल जिहादियों और हमले के पीछे के षड्यंत्रकारियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। हिंदू जुलूस पर हमला प्रशासनिक विफलता के कारण हुआ। अब मूल मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए पुलिस निर्दोष हिंदुओं को गिरफ्तार कर रही है। यह निंदनीय है। प्रशासन को इससे बाज आना चाहिए । बांग्लादेशी घुसपैठिये राज्य के लिए सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। उनकी पहचान कर उन्हें देश से बाहर किया जाए । यह बात विश्व हिंदू परिषद के ओडिशा (पूर्व) प्रांत के महासचिव उमाशंकर आचार्य ने कटक में हुई हिंसा के मुद्दे पर आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कही।
भुवनेश्वर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, श्री आचार्य ने कहा कि कटक में पूजनीय हिंदू देवी दुर्गा के विसर्जन जुलूस के दौरान, कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम बदमाशों ने हिंदुओं पर घातक हथियारों से हमला किया, पत्थर फेंके और देवी दुर्गा की मूर्ति और मंडप को नष्ट करने का प्रयास किया। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन आवश्यक कार्रवाई करने में विफल रहा। यही कारण है कि हिन्दू समाज की ओर से आक्रोश देखा गया और लोगों ने शोभायात्रा निकाली । इस दौरान कुछ अप्रिय घटना घटी । इसके बाद पुलिस ने हिन्दुओं के खिलाफ कार्रवाई शुरु कर दी है। ऐसा लगता है कि पुलिस घटना के मूल कारण से ध्यान भटकाने के लिए एकतरफा कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि कुछ जिहादी तत्वों ने सुनियोजित साजिश के तहत रसूलकदम और हाथीपोखरी इलाकों में हिंदुओं पर हमला किया। इस घटना में कई हिंदू घायल हो गये। विहिप पुलिस और प्रशासन से हमले में घायल हुए हिंदुओं के ठिकाने और उनकी स्थिति के बारे में सवाल कर रही है। पुलिस उनके बारे में जानकारी क्यों नहीं दे रही है? इस कारण हमारे मन में आशंकाएं उत्पन्न हो रही हैं। हम मांग करते हैं कि पुलिस घायलों के बारे में सच्चाई उजागर करे और उसे दबाने का प्रयास न करे।
आचार्य ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब ओडिशा में हिंदू जुलूस पर हमला हुआ है। राज्य के विभिन्न भागों में पहले भी कई हमले हो चुके हैं। अन्य समुदायों के जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से निकाले जाते हैं और उनमें कभी कोई हमला नहीं होता। हिंदुओं की सहनशीलता की परीक्षा लेने के लिए ओडिशा के विभिन्न हिस्सों में ऐसी घटनाएं की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ये जिहादी सोची-समझी साजिश के तहत हिंदू त्योहारों और जुलूसों पर हमले की योजना बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि कटक में जिस तरह से हमला हुआ, उससे साफ पता चलता है कि इसके पीछे बड़ी साजिश रची गई थी। इसके बावजूद खुफिया विभाग इस मामले में पूरी तरह विफल रहा। यदि खुफिया एजेंसी सक्रिय होती तो पुलिस पहले ही सतर्क हो जाती और स्थिति को संभाल सकती थी। परिषद ने कहा कि यह स्थिति पुलिस की लापरवाही और जिला प्रशासन की अक्षमता के कारण उत्पन्न हुई है। विहिप ने आरोप लगाया कि प्रशासन अब असली मुद्दे को छिपाने के लिए निर्दोष हिंदुओं को जबरन गिरफ्तार कर रहा है, जो निंदनीय है। परिषद ने प्रशासन को इस तरह के पक्षपातपूर्ण रवैये से बचने की चेतावनी दी।
परिषद ने यह भी कहा कि इस घटना के बाद कुछ हिंदू युवकों को सिर्फ फेसबुक पर हिंदू समाज के समर्थन में पोस्ट करने के कारण गिरफ्तार किया जा रहा है, जो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि पुलिस सोशल मीडिया पर भगवान जगन्नाथ, भगवान राम, देवी दुर्गा और देवी सीता के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में पुलिस के हाथ कौन बांधता है। विहिप ने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई करने और इस हिंसा को शुरू करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया। परिषद ने राज्य सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने, निष्पक्ष जांच करने, निर्दोष हिंदुओं को रिहा करने तथा कटक एवं अन्य जिलों में रह रहे अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने की मांग की। परिषद ने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हिंदू समुदाय में जो आक्रोश फैलेगा उसके लिए पुलिस प्रशासन जिम्मेदार होगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विहिप ओडिशा (पूर्व) प्रांत के कार्यकारी अध्यक्ष पवित्र कुमार स्वैन, पूर्व प्रांत संगठन मंत्री शरत चंद्र प्रधान, प्रांत प्रचार प्रमुख सुजीत कुमार नायक, भुवनेश्वर जिला मंत्री शुभ्रांशु शेखर सत्पथी और प्रलय साहू सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

















