पिछले लगभग एक पखवाड़े से पंजाब में सीमा पार से आए हथियारों का क्रम तेजी पकड़ता दिख रहा है। पंजाब में पुलिस व सीमा सुरक्षा बलों ने विभिन्न स्थानों से लगभग आधा दर्जन लोगों को हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार हथियारों में दो हैंड ग्रेनेड भी शामिल हैं।
अमृतसर देहाती पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पहली घटना में अमृतसर देहाती पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को अवैध हथियारों सहित गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सतनाम मसीह उर्फ पत्तू पुत्र सरदार मसीह निवासी गांव गुरचक थाना डेरा बाबा नानक जिला गुरदासपुर, विशाल मसीह पुत्र कंवलजीत मसीह निवासी गांव गुरचक थाना डेरा बाबा नानक जिला गुरदासपुर तथा राजा मसीह पुत्र साबा मसीह निवासी गांव कुरालियां थाना रमदास जिला अमृतसर के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक ग्लॉक पिस्तौल (दो मैगजीन सहित), एक 30 बोर पिस्तौल (दो मैगजीन सहित), 4 जिंदा कारतूस (9 एमएम) और एक मोटरसाइकिल बरामद किया है।
ड्रोन से हथियार सप्लाई की जांच
एसएसपी अमृतसर (देहात) मनिंदर सिंह ने बताया कि स्पेशल सेल की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि पाकिस्तान में बैठे तस्करों की ओर से ड्रोन के जरिए सीमा के इस पर हथियार भेजे गए हैं। इसी सूचना के आधार पर ट्रैप लगाया और नाकाबंदी की गई। टी-प्वाइंट पर नाकाबंदी के दौरान आरोपी एक बाइक पर आते हुए दिखाई दिए। संदिग्ध होने पर इन आरोपियों को रोकने का इशारा किया तो पुलिस टीम को देखकर आरोपियों ने बाइक भाग ली। लेकिन पुलिस टीम ने इनका पीछा कर घेर लिया और मौके पर ही इनसे हथियार बरामद किए गए। उनके खिलाफ थाना रमदास में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
आरोपियों के पाकिस्तान से संबंध
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के संपर्क में थे और ड्रोन के जरिए मंगवाए गए हथियारों को पंजाब में सप्लाई करते थे। पुलिस अब इनके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की गहन जांच कर रही है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान जो भी अन्य लोग संलिप्त पाए जाएंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दशहरे की रात आतंकी साजिश नाकाम
दूसरी ओर दशहरे की रात आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहे तीन आरोपियों को अमृतसर पुलिस ने बीएसएफ के साथ संयुक्त अभियान चलाकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को आरोपियों के कब्जे से हैंड ग्रेनेड बरामद हुए हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में थे और इन्हें सीमा पार से ड्रोन के जरिए ग्रेनेड भिजवाए गए थे। पकड़े गए इन आतंकियों में धर्मेंद्र नाम का भारतीय सेवा का एक पूर्व कमांडो भी शामिल है।
भीड़-भाड़ वाले इलाकों में विस्फोट की योजना
जानकारी के अनुसार, खुफिया इनपुट के आधार पर पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त टीम ने अमृतसर जिले के सीमावर्ती इलाके में कार्रवाई की। इस दौरान तीनों आरोपियों को धर दबोचा गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों की योजना दशहरे के मौके पर भीड़-भाड़ वाले इलाकों में विस्फोट कर दहशत फैलाने की थी, ताकि राज्य का माहौल खराब किया जा सके। पुलिस ने बताया कि आईएसआई की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि पंजाब और सीमावर्ती जिलों में अशांति फैलाई जाए। ड्रोन के जरिए हथियार, ग्रेनेड और नशा तस्करी की सामग्री भिजवाई जाती है। बरामद हैंड ग्रेनेड को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
त्योहारों पर सुरक्षा पुख्ता
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राज्य में त्योहारों के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और किसी भी आतंकी मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इनके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने दावा किया है कि समय रहते कार्रवाई कर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया गया है।
तरनतारन में बड़ी सफलता
वहीं अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए तरनतारन निवासी रविंदर सिंह उर्फ रवि को गिरफ्तार किया है। आरोपी से दो हथगोले बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान के आईएसआई एजेंटों के संपर्क में था और उसने सीमा पार से यह खेप प्राप्त की थी। आरोपी के खिलाफ घरिंडा पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया है।

















