अयोध्या । मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या ने एक बार फिर विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। अयोध्या की रामलीला आज विश्व की सबसे बड़ी और भव्य रामलीला बन चुकी है। डिजिटल क्रांति के दौर में यह आयोजन केवल भारत तक सीमित न रहकर विश्वव्यापी सांस्कृतिक उत्सव में बदल गया है। इस वर्ष 50 से अधिक देशों में ऑनलाइन माध्यमों से प्रसारित हुई इस रामलीला को कुल 62 करोड़ से अधिक रामभक्तों ने देखा।
फिल्मी कलाकारों और तकनीक ने बढ़ाया आकर्षण
दिल्ली और मुंबई से आए 250 से अधिक फिल्मी कलाकारों ने इस रामलीला को भव्य स्वरूप दिया। थ्री-डी तकनीक और आधुनिक मंच सज्जा ने इस धार्मिक आयोजन को और भी आकर्षक बनाया। न केवल मंच पर बल्कि पर्दे पर भी यह आयोजन एक नया इतिहास रच रहा है।
लाइव प्रसारण पर भारी निवेश
रामलीला को अधिक से अधिक रामभक्तों तक पहुँचाने के लिए लाइव प्रसारण पर इस वर्ष 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया गया। प्रसारण आराधना टाटा प्ले, शेमारू मी, VI ऐप, एयरटेल, शेमारू भक्ति यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेजों और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर किया गया। अकेले शेमारू भक्ति यूट्यूब चैनल पर 8 करोड़ से अधिक लोगों ने इसे देखा।
विभिन्न प्लेटफॉर्म पर दर्शक संख्या
- आराधना टाटा प्ले – 2 करोड़
- शेमारू मी – 4 करोड़
- VI ऐप – 5 करोड़
- शेमारू भक्ति (यूट्यूब) – 8 करोड़
- शेमारू भक्ति धाम (यूट्यूब) – 7 करोड़
- फेसबुक पेज – 5 करोड़
- अन्य यूट्यूब प्लेटफॉर्म – 5 करोड़
- शेमारू आराधना टीवी – 7 करोड़
- टाटा प्ले – 7 करोड़
- Videocon – 5 करोड़
- एयरटेल – 3 करोड़
- डिश टीवी – 4 करोड़
लगातार बढ़ती लोकप्रियता
गौरतलब है कि कोरोना काल से शुरू हुई अयोध्या की डिजिटल रामलीला ने हर वर्ष दर्शकों के नए कीर्तिमान बनाए हैं।
- 2020 – 16 करोड़
- 2021 – 20 करोड़
- 2022 – 25 करोड़
- 2023 – 40 करोड़
- 2024 – 41 करोड़
- 2025 – 62 करोड़ *(Google के आंकड़ों के अनुसार)*
उत्तर प्रदेश सरकार और रामलीला समिति का योगदान
इस सपने को साकार करने में उत्तर प्रदेश सरकार की अहम भूमिका रही। 2020 में जब रामलीला शुरू हुई थी, उस समय के पर्यटन व संस्कृति मंत्री ने इस भव्य आयोजन का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे वैश्विक स्तर तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त किया। रामलीला समिति के संस्थापक सुभाष मलिक और शुभम मलिक ने इस आयोजन को डिजिटल क्रांति का प्रतीक बना दिया।
विश्वभर में रामलीला का प्रसारण
रामनगरी अयोध्या में मंचित यह रामलीला अब केवल भारत की नहीं रही बल्कि पूरी दुनिया की रामलीला बन चुकी है। भारत, नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, भूटान, म्यांमार, थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, वियतनाम, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, मंगोलिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, यूएई, सऊदी अरब, क़तर, ओमान, बहरीन, कुवैत, मॉरीशस, फ़िजी, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, केन्या, नाइजीरिया, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, नीदरलैंड्स, रूस, कनाडा, अमेरिका और ब्राज़ील जैसे देशों में करोड़ों रामभक्तों ने इसे देखा।
कलाकारों की अदाकारी ने बढ़ाई भव्यता
मशहूर अभिनेत्री भाग्यश्री ने माता सीता की भूमिका निभाई। विंदू दारा सिंह ने हनुमानजी का किरदार जीवंत किया। शाहबाज खान ने रावण की भूमिका निभाई। वरिष्ठ अभिनेता अनिल धवन ने विभीषण का किरदार निभाया। हास्य अभिनेता सुनील पाल ने नारदमुनि बनकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। मनोज तिवारी, रवि किशन, राकेश बेदी, रजा मुराद, अशरानी, अवतार गिल, रितु शिवपुरी, शीबा और अरुण बक्शी ने भी अपने-अपने किरदारों से रामलीला को और भव्य बनाया।
अंतरराष्ट्रीय आकर्षण
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस रामलीला का केंद्र बनी मिस यूनिवर्स 2024 और 2025 ने भी विशेष प्रस्तुति दी, जिससे इस आयोजन को नई ऊँचाइयाँ प्राप्त हुईं।
















