भुवनेश्वर: भुवनेश्वर और कटक में अवैध घुसपैठ के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अब तक 42 बांग्लादेशी नागरिकों को वापस बांलादेश भेज दिया गया है, जबकि छह अन्य की वापसी की प्रक्रिया जारी है।
अवैध प्रवास रोकने के लिए विशेष अभियान
पुलिस आयुक्त सुरेश देवदत्त सिंह ने बताया कि यह विशेष अभियान पिछले वर्ष शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान, सत्यापन और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाए गए सत्यापन अभियान में भुवनेश्वर-कटक शहरी पुलिस जिला (UPD) में कुल 48 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की गई।
पहचाने गए लोगों का विवरण
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भुवनेश्वर UPD में 32 लोगों की पहचान की गई, जिनमें 10 पुरुष, 17 महिलाएं और पांच बच्चे (तीन बालिकाएं सहित) शामिल हैं। इनमें से 26 को तीन चरणों में निर्वासित किया गया। वहीं कटक UPD में 16 लोगों की पहचान हुई, जिनमें से 14 को जुलाई 2025 में, एक को अगस्त 2025 में और एक को जुलाई 2026 में निर्वासित किया गया।
बांलादेश भेजे जाने की प्रक्रिया और समन्वय
बांलादेश भेजे जाने की पूरी प्रक्रिया केंद्रीय एजेंसियों के समन्वय से संपन्न की गई। कुछ लोगों को विशेष चार्टर्ड विमान से बांग्लादेश भेजा गया, जबकि अन्य को पश्चिम बंगाल सीमा तक ले जाकर सीमा सुरक्षा बल (BSF) को सौंपा गया।
कानूनी प्रक्रिया का पूर्ण पालन
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सभी मामलों में विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन किया गया। इसमें नागरिकता सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शामिल रही। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
छह और लोग प्रत्यर्पण की प्रतीक्षा में
वर्तमान में छह अन्य बांग्लादेशी नागरिकों को अथागढ़ स्थित राज्य होल्डिंग सेंटर में रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, इनके निर्वासन की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं और जल्द ही इन्हें भी वापस भेजा जाएगा।
नियम उल्लंघन पर कोई रियायत नहीं
पुलिस आयुक्त ने कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और अवैध प्रवास के मामलों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। “जहां भी अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की सूचना मिलती है, उसका सत्यापन कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाती है,” उन्होंने कहा।
जनसहयोग की अपील
उन्होंने लोगों से भी अपील की कि संदिग्ध मामलों की जानकारी पुलिस को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। साथ ही यह आश्वासन दिया कि हर कार्रवाई पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत ही की जाएगी।
व्यापक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा
अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने और आव्रजन कानूनों के अनुपालन को सुनिश्चित करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। केंद्रीय एजेंसियों और BSF के साथ समन्वय से इस तरह की कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा रहा है।
















