राजधानी दिल्ली में 7-9 अगस्त तक तीन दिवसीय प्रथम दिल्ली मराठी फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन दिल्ली मराठी प्रतिष्ठान, महाराष्ट्र संस्कृति कार्य विभाग, महाराष्ट्र सदन एवं महाराष्ट्र परिचय केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। यह महोत्सव डाॅ बाबा साहेब आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर के सभागार में संपन्न होगा।
दिल्ली में मराठी सिनेमा की समृद्ध विरासत से रूबरू होंगे दर्शक
महाराष्ट्र सदन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान फिल्म महोत्सव के संबंध में जानकारी देते हुए दिल्ली मराठी प्रतिष्ठान के अध्यक्ष वैभव डांगे ने बताया कि भारतीय सिनेमा की आधारशिला वर्ष 1913 में दादा साहेब फाल्के ने रखी थी। उन्होंने पहली भारतीय फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र‘ का निर्माण किया था। मराठी चलचित्र केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक जागरूकता, सांस्कृतिक चेतना और कलात्मक उत्कृष्टता के माध्यम से भारतीय फिल्म उद्योग को नई दिशा प्रदान की है। हम दिल्ली मराठी फिल्म महोत्सव के माध्यम से इसी समृद्ध विरासत को राजधानी तक पहुंचाना चाहते हैं। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य मराठी फिल्म और उसकी समृद्ध इतिहास को लोगों तक पहुंचाना है।
मराठी सिनेमा की विरासत से रूबरू होंगे दर्शक
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र से दादासाहेब फाल्के, वी शांताराम, भालजी पेंढारकर, राजा परांजपे, लता मंगेशकर, आशा भोंसले जैसे असंख्य कलाकारों, लेखकों, निर्देशकों, संगीतकारों और तकनीशियनों ने मराठी ही नहीं हिंदी सिनेमा को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई है। इसलिए इस उपलब्धि को दर्शाने के लिए महोत्सव में मराठी सिनेमा के इतिहास पर आधारित एक प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इस फिल्म महोत्सव के दौरान 12 फीचर फिल्म, 16 लघु फिल्म एवं वृत्तचित्र प्रदर्शित की जाएगी। मराठी फिल्म ‘सामना‘ को पचास साल पूरे हुए हैं। इसका प्रदर्शन विशेषरूप से किया जाएगा। महोत्सव में कुछ विशेष फिल्मों का चयन प्रदर्शन के लिए किया गया है, जिनमें पारिवारिक रिश्तों पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव को दर्शाती हुई फिल्म ‘उत्तर‘, आंगनबाड़ी की आशा बहनों पर आधारित फिल्म ‘आशा‘, मूक फिल्म ‘गंाधी टैक्स‘ शामिल हैं। मराठी फिल्म जगत के प्रतिष्ठित कलाकार जैसे-प्रवीण, संदीप पाठक, उषा नाडकर्णी, प्रियदर्शनी जयंत, रामदास फुटानी की उपस्थिति विशेष रहने वाली है। महोत्सव के दौरान दर्शक इन अभिनेता-अभिनेत्रियों से संवाद भी कर सकेंगे।
प्रतिभागियों को मिलेगा प्रमाण पत्र
महाराष्ट्र परिचय केंद्र के उपसंचालक हेमराज बागुल ने पे्रस वार्ता के दौरान जानकारी दी कि दिल्ली मराठी फिल्म महोत्सव में कार्यशाला-मास्टर क्लास का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यशाला में फिल्म निर्माण, उससे जुड़ी अन्य प्रक्रियाएं-संवाद, भूमिका, फिल्म समीक्षा के बारे में एफटीआईआई पुणे के डाॅ मिलिंद दामले जानकारी देंगे। इस कार्यशाला में भाग लेने वालों को प्रतिष्ठान की ओर से प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, महाराष्ट्र सदन में फिल्म क्लब की स्थापना की भी घोषणा की जाएगी। यह क्लब हर महीने के अंतिम या दूसरे शनिवार को मराठी फिल्मों का प्रदर्शन इसी सदन में करेगा। प्रेस वार्ता में महोत्सव से जुड़े गणेश रामदासी निवेदिता वैशंपायन एवं अभिजीत गोडबोले भी उपस्थित थे।
तीन दिवसीय दिल्ली मराठी फिल्म महोत्सव का उद्घाटन समारोह 7 अगस्त को सायं 4 बजे डाॅ आंबेडकर सभागार में आयोजित होगा। इस अवसर पर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, महाराष्ट्र के सांस्कृतिक कार्य मंत्री आशीष शेलार, राज्यसभा सांसद विनोद तांवड़े, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल आदि के उपस्थित रहने की संभावना है।













