लद्दाख : कांग्रेस की शह , सोनम की शरारत
September 13, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्लेषण

लद्दाख : कांग्रेस की शह , सोनम की शरारत

विदेशी फंडिंग और पाकिस्तानपरस्त ताकतों की शह पर भड़की यह आग, विकास-विरोधी एजेंडे की परतों को गहराई से खोलती है। राष्ट्रविरोधी है डीप स्टेट का यह षड्यंत्र

Written byमृदुल त्यागीमृदुल त्यागी
Sep 26, 2025, 11:50 am IST
inविश्लेषण, जम्‍मू एवं कश्‍मीर
उपद्रवियों के बीच मास्क लगाए हाथ में रॉड लिए हुए जो व्यक्ति नजर आ रहा है वह स्थानीय कांग्रेस पार्षद फुंतसोग स्टैनजिन त्सेपाग बताया जा रहा है (प्रकोष्ठ में) सोनम वांगचुक, 

उपद्रवियों के बीच मास्क लगाए हाथ में रॉड लिए हुए जो व्यक्ति नजर आ रहा है वह स्थानीय कांग्रेस पार्षद फुंतसोग स्टैनजिन त्सेपाग बताया जा रहा है (प्रकोष्ठ में) सोनम वांगचुक, 

लेह-लद्दाख में 4 लोगों की मौत, 70 जख्मी। हिंसा, निजी और सार्वजनिक संपत्ति काे नुकसान। यह खून लद्दाख के कथित पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की आस्तीनों पर है। विदेशी फंडिंग पर पलने वाले एवं पाकिस्तान की गोद में बैठने वाले वांगचुक जैसे सोशल एक्टिविस्ट उस डीप स्टेट का हिस्सा हैं, जो भारत में बांग्लादेश या नेपाल जैसे हिंसक आंदोलनों के जरिये तख्तापलट का मंसूबा बांधे हुए हैं। इस डीप स्टेट रूपी दशानन का मुख्य चेहरा कांग्रेस है, लेकिन परछाइयों की रूप में सोनम वांगचुक जैसे मुखौटाधारी देश के तमाम कोनों में फैले हैं।

अब बाैद्ध नहीं बहुल

मृदुल त्यागी
वरिष्ठ पत्रकार

केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख भारतवर्ष का मोर मुकुट है। मूल रूप से कभी शांतिप्रिय बौद्ध बहुल रहे लद्दाख में अब इस धर्म के अनुयायी अल्पसंख्यक हैं। लेह और कारगिल दो जिले हैं, इस क्षेत्र में। कारगिल में मुसलमान बहुसंख्यक हैं और लेह में बौद्ध। लेकिन इस केंद्रशासित प्रदेश की कुल आबादी का तकरीबन 36 प्रतिशत ही बौद्ध है। सोनम वांगचुक नामक यह शख्स बहुत दिनों से लेह को सुलगाने का प्रयास कर रहा है। वह कभी अनशन करता है तो कभी पद यात्रा। वह ऐसा व्यक्ति है, जो लद्दाख में युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों की मांग करता है, लेकिन पर्यावरण के नाम पर वहां किसी भी फैक्ट्री, उद्योग को शुरु करने के खिलाफ है। मूल रूप से विकास विरोधी वांगचुक विदेशी पैसे पर पलने वाला शख्स बताया जाता है।

विदेशी फंडिंग और संस्थाओं का जाल

तकरीबन हर देश में वांगचुक जैसे विकास विरोधी व्यक्तियों और एनजीओ को पालने वाले कुख्यात फोर्ड फाउंडेशन से इसे धन प्राप्त होता है। जॉर्ज सोरोस को तो आपको जानते ही हैं। दुनिया भर के देशों में तख्तापलट कराने वाला कुख्यात अरबपति। उसकी ओपन सोसाइटी का संपर्क वांगचुक से जुड़ी संस्थाओं से है। गुजरात दंगों में मुस्लिमों पर ‘जुल्म’ की झूठी कहानियां तैयार कर अरबों कमाने वाली और जमानतशुदा सेकुलर एक्टिविस्ट तीस्ता सीतलवाड़ से भी यह शख्स अक्सर जुड़ा नजर आता है। हाल ही में यह व्यक्ति पाकिस्तान होकर आया है। इसने वहां के डॉन मीडिया ग्रुप के एक कार्यक्रम ‘ब्रीथ पाकिस्तान’ में शिरकत की। इस कार्यक्रम से तीस्ता की ‘क्विल फाउंडेशन’ का भी जुड़ाव बताया जाता है।

इस फंडिंग के खेल को चलाने के लिए वांगचुक ने संस्थाओं का जाल बुन रखा है। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव लद्दाख (एचआईएएल), आईस स्तूपा प्रोजेक्ट है, जो स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख के माध्यम से चलता है। यानी यह संगठन भी वांगचुक की ही कठपुतली है। वांगचुक के पास फंड जुटाने का एक और जरिया है। इसे ‘क्राउड फंडिंग’ कहते हैं, लेकिन इस फंडिंग की अपील पर तयशुदा लोग ही इसके संगठनों को चंदा पहुंचाते हैं। 1995 में इस व्यक्ति ने ऑपरेशन न्यू होप नाम से एक कार्यक्रम शुरू किया। सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने के नाम पर इसमें भी चंदा जुटाया गया। गौर कीजिए, इसमें फोर्ड फाउंडेशन के अलावा ‘डैन चर्च एड’ ने भी पैसा दिया। यह संगठन मानवीय उद्देश्यों की आड़ में चर्च के संदेश यानी मिशनरी गतिविधियों को फैलाने का काम करता है। इसके अलावा टाटा ट्रस्ट और करुणा ट्रस्ट से भी इसे चंदा मिला। वांगचुक से ही जुड़ा एक और एनजीओ है लीड इंडिया। इसे भी जमकर विदेशी चंदा मिलता रहा। इंटरनेशनल एसोसिएशन फॉर लद्दाख स्टडीज पर संदिग्ध किस्म के विदेशी संगठन काफी मेहरबान रहे। 2010 से 2014 तक अकेले फोर्ड फाउंडेशन ने वांगचुक पर पांच करोड़ डॉलर लुटाए हैं।

कांग्रेस की संलिप्तता

आप बांग्लादेश, नेपाल के तख्तापलट को देखेंगे, तो यही पैटर्न पाएंगे। मोहम्मद युनूस से लेकर नेपाल के हिंसक आंदोलन तक के अगुआ विदेशी फंडिंग पर पलते रहे और ऐन मौके पर सरकारों को बदलने में डीप स्टेट का औजार बनकर सामने आए। वांगचुक ने जानो-माल की हानि के बाद पिछले 15 दिन से चले आ रहे अपने अनशन को खत्म कर दिया। शांति की अपील के घड़ियाली आंसू बहाए। लेकिन सबसे ज्यादा ताकत इस हिंसा को फैलाने और अंजाम देने में कांग्रेस की संलिप्तता को नकारने में लगाई है। इस तरह की तमाम तस्वीरें और वीडियो उपलब्ध हैं, जिनमें कांग्रेस के नेता हिंसा फैला रहे हैं, खुद दंगाइयों में शामिल हैं। कांग्रेस पार्षद फुंतसोग स्टैनजिन त्सेपाग खुद इस दंगाई भीड़ का नेतृत्व कर रहा था, जिसने लद्दाख भाजपा के कार्यालय और लद्दाख हिल काउंसिल के दफ्तर को जला डाला।

दरअसल कांग्रेस की डूबती नैया को वांगचुक नाम के तिनके का सहारा मिला है। लगातार चुनावी हार से बौखलाई कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी युवाओं को भड़काने वाले बयान दे रहे हैं। इस पार्टी की कोशिश यह है कि चुनावी जीत तो मुश्किल है, फिर क्यों न हिंसा के जरिए तख्तापलट करा दिया जाए। हालांकि इस देश का युवा दिल्ली विश्वविद्यालय से लेकर हैदराबाद विश्वविद्यालय तक इस पार्टी को नकार रहा है। इसके छात्र संगठन एनएसयूआई का सूपड़ा साफ हो गया है। लेकिन राहुल गांधी की हालिया विवादित विदेश यात्राओं और वांगचुक के पाकिस्तान दौरे की जांच होना अब जरूरी हो गया है। हमें इस बात के लिए भी अब तैयार रहना होगा कि अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस इसी तरह हिंसा के बहाने तलाशेगी।

वांगचुक अब शांति का ढोंग कर रहे हैं। लेकिन भाजपा के अमित मालवीय ने उनका एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वे युवाओं को मास्क लगाकर प्रदर्शन (हिंसा) की तकनीक सिखाते पाए गए हैं। खुद गृह मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा है कि वांगचुक ने अनशन के दौरान तमाम भड़काऊ बयान दिए और अरब स्प्रिंगनुमा प्रदर्शनों का आह्वान किया। सोनम के भड़काऊ बयानों के बाद ही लद्दाख में हिंसा फैली। देखने वाली बात यह है कि भारत सरकार और लद्दाख प्रशासन वांगचुक के देश विरोधी इरादों के सामने के बाद क्या कार्रवाई करता है। विदेशी फंडिंग पर पलने वाले इस एनजीओ गैंग के अन्य सदस्यों पर भी नजर रखनी जरूरी है। इसलिए क्योंकि कांग्रेस देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंसा के अवसर तलाशती लग रही है।

एनजीओ का पंजीकरण रद्द

केंद्र सरकार ने वांगचुक के एनजीओ हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड लर्निंग (एचआईएएल) का एफसीआरए पंजीकरण रद्द कर दिया है। सरकार का कहना है कि एनजीओ ने विदेशी फंडिंग से जुड़े नियमों का बार-बार उल्लंघन किया है। यह कार्रवाई वांगचुक के नेतृत्व में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन में हुई हिंसा के बाद की गई है। वांगचुक के एनजीओ के खिलाफ पहले से ही सीबीआई जांच चल रही थी। इससे पहले अगस्त में लद्दाख प्रशासन ने एचआईएएल को दी गई जमीन का आवंटन भी रद्द कर दिया था। प्रशासन ने कहा था कि जमीन का उपयोग आवंटन उद्देश्य के लिए नहीं हुआ और कोई लीज एग्रीमेंट भी नहीं हुआ।

जानकारी के अनुसार 24 सितम्बर को बंद के आह्वान पर लेह शहर की दुकानें बंद रहीं और बड़ी संख्या में लोग एनडीएस स्मारक मैदान में जुटे। इसके बाद उन्होंने छठी अनुसूची और राज्य के समर्थन में नारे लगाते हुए शहर की सड़कों पर मार्च निकाला। स्थिति तब बिगड़ी जब कुछ लोगों ने भाजपा और हिल काउंसिल के मुख्यालय पर पथराव किया। कार्यालय परिसर और एक इमारत में मौजूद फर्नीचर और कागजात में आग लगा दी गई। एक समूह ने कई वाहनों को जला दिया। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने आंसू गैस छोड़ी और गोलीबारी करनी पड़ी। कई घंटों की झड़प के बाद ही स्थिति नियंत्रण में आ सकी।

Topics: पाञ्चजन्य विशेषहिंसक आंदोलनमृदुल त्यागीसोनम वांगचुककांग्रेस की शहसोनम की शरारतविदेशी फंडिंग और पाकिस्तानकांग्रेस पार्षद फुंतसोग स्टैनजिन त्सेपागल कांग्रेस की डूबती नैया
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

कूटनीतिक गूंज के बाद, उत्सवी उल्लास…

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

BRICS Summit 2026: PM मोदी का वैश्विक सुधारों पर जोर, कहा- विशेषाधिकार के पिरामिड को साझेदारी में बदलना होगा

यायावर कायनात काजी और लेखक राहुल नील से चर्चा करते हुए तृप्ति श्रीवास्तव

ओडिशा की उड़ान 2.0 : ‘पूरा जीवन कम है भारत को समझने के लिए’

ओडिशा की उड़ान 2.0 में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ अमित दुबे  से बातचीत करते हुए  वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा

ओडिशा की उड़ान 2.0 : ‘साइबर अपराध से सतर्कता ही बचाव’

‘सुशासन संवाद : ओडिशा की उड़ान 2.0’ में  विश्व हिंदू परिषद के संयुक्त महासचिव डॉ. सुरेंद्र  कुमार जैन से वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा

ओडिशा की उड़ान 2.0 : ‘हमारी यात्रा राम मंदिर से राष्ट्रमंदिर की है’

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से बातचीत करते पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर

ओडिशा की उड़ान 2.0 : ‘हमारा लक्ष्य सुशासन और विकास’

Load More

ताज़ा समाचार

श्री मोहन भागवत, सरसंघचालक, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

सार्वभौमिक स्पंदन: मानवता के रूप में हिंदुत्व

कल का मौसम: 14 सितंबर को 23 राज्यों में ‘मूसलाधार बारिश’, 4 राज्यों में ओले गिरने की चेतावनी; IMD ने जारी किया अपडेट 

amit shah inaugurates ganesha gyannarthi exhibition asiatic society mumbai

जो राष्ट्र अपनी स्मृति और परंपरा की रक्षा नहीं करता, उसका पतन निश्चित: मुंबई में बोले गृह मंत्री अमित शाह

पाञ्चजन्य के संपादक श्री हितेश शंकर जी और वरिष्ठ पत्रकार अनुराग पुनेठा जी ने भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रख्यात विचारक श्री राम माधव जी से विभिन्न विषयों पर बातचीत की।

Sabarmati Samvad 2026: PM मोदी-पुतिन-शी जिनपिंग एक फ्रेम में क्यों? राम माधव जी ने समझाया पूरा समीकरण

ब्रिक्स घोषणापत्र में पारंपरिक चिकित्सा को मिली बड़ी वैश्विक मान्यता, TCIM पर बनेगा विशेष कार्य समूह

pm modi meets kazakhstan and philippines presidents at brics summit delhi

BRICS summit : पीएम मोदी की कजाकिस्तान और फिलीपींस के राष्ट्रपतियों से द्विपक्षीय बैठक, जानिए क्या हुई बड़ी बातें

पाञ्चजन्य की कंसल्टिंग एडिटर तृप्ति श्रीवास्तव जी ने गुजरात की प्राथमिक, माध्यमिक और प्रौढ़ शिक्षा राज्य मंत्री श्रीमती रिवाबा जडेजा जी

Sabarmati Samvad 2026: स्टार्टअप, नौकरी और शिक्षा… गुजरात में युवाओं के लिए क्या है खास? रिवाबा जडेजा जी से जानिए

cm yuva vidyarthi manthan dhami viksit uttarakhand

उत्तराखंड: विद्यार्थी मंथन में बोले CM धामी- युवा ही देश और उत्तराखंड का भविष्य, 2.67 लाख विद्यार्थियों ने भेजे विचार

Cockroach Janta Party : CJP पर AAP से राजनीतिक जुड़ाव के आरोप, अभिजीत दीपके पर उठे सवाल, जानिए क्या है पूरी खबर!

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में वक्तव्य देते प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

ब्रिक्स में बढ़ा ग्लोबल साउथ का विश्वास: PM मोदी बोले- समाधान उन पर थोपे नहीं जाते, बल्कि साथ लेकर बनते हैं

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies