भुवनेश्वर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देशभर में जारी सेवा पर्व के अंतर्गत 21 सितंबर को स्थानीय कलिंग स्टेडियम से “नशामुक्त भारत अभियान” के तहत एक विशाल मैराथन का आयोजन हुआ। जिसमें हजारों युवा सम्मिलित हुए और नशामुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का आरंभ मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी ने किया और वह स्वयं भी दौड़ में शामिल हुए। कलिंग स्टेडियम से जनता मैदान तक आयोजित इस मैराथन में मुख्यमंत्री विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, युवाओं और कई नेताओं के साथ कदम से कदम मिलाकर दौड़े और समाज को नशामुक्ति का संदेश दिया।
पीएम मोदी का नया संकल्प युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में करेगा प्रेरित
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री माझी ने ओडिशावासियों से आह्वान किया कि प्रधानमंत्री मोदी का यह नया संकल्प युवाओं को राष्ट्र निर्माण की दिशा में प्रेरित करेगा। मुझे युवाओं की प्रतिभा, कौशल और जिम्मेदारी पर पूरा भरोसा है। मोदी के कई संकल्पों ने देश की गंभीर समस्याओं का समाधान किया है। आज गरीबी अपने न्यूनतम स्तर पर है। हर गांव में बिजली और पीने के पानी की आपूर्ति लगभग पूरी हो चुकी है। मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्टैंड अप इंडिया जैसे कार्यक्रम देश को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ा रहे हैं।

नशे का आदी युवा माता-पिता के सपनों को देता है तोड़
नशामुक्ति अभियान पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज में शराब, गुटखा, सिगरेट, गांजा और विभिन्न ड्रग्स का प्रभाव खतरनाक रूप से बढ़ रहा है। नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके पूरे परिवार को भी बर्बाद कर देता है। इसके कारण पढ़ाई में असफलता, स्वास्थ्य में गिरावट, अपराध प्रवृत्ति में वृद्धि और पारिवारिक कलह जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। एक नशे का आदी युवा अपने माता-पिता के सपनों को तोड़ देता है। जो देश का भविष्य गढ़ सकता था, वही देश पर बोझ बन जाता है। उन्होंने कहा कि देश को नशामुक्त करने की जिम्मेदारी मोदी ने युवाओं पर सौंपी है और यही युवा उनके इस संकल्प को पूरा करेंगे। मुख्यमंत्री ने सभी युवाओं को शपथ दिलाई कि वे नशामुक्त भारत का निर्माण करेंगे और अपनी पूरी शक्ति को राष्ट्र-निर्माण में लगाएंगे।

















