भुवनेश्वर: ओडिशा सरकार ने महाप्रभु जगन्नाथ की विश्वविख्यात रथ यात्रा के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। पुरी टाउन हॉल में आयोजित दूसरी समन्वय समिति बैठक में सुरक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन से संबंधित व्यापक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए ओडिशा के कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने सभी संबंधित विभागों और हितधारकों से मिलकर कार्य करने का आह्वान किया, ताकि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के बीच रथ यात्रा का शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित आयोजन सुनिश्चित किया जा सके।
अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था
बैठक में रथ यात्रा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था किये जाने के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई । प्रशासन ने पुरी में रथ यात्रा अवधि के दौरान 220 प्लाटून पुलिस बल, यानी लगभग 10,000 पुलिस कर्मियों की तैनाती का निर्णय लिया है। निगरानी और भीड़ नियंत्रण को मजबूत बनाने के लिए शहर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर 475 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि 160 से अधिक कैमरे पहले ही लगाए जा चुके हैं, जबकि लगभग 200 कैमरों का परीक्षण पूरा हो चुका है। कैमरों की निगरानी के लिए टाउन थाना और बागड़िया धर्मशाला में विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे।
समुद्र तट और पंचतीर्थ जलाशयों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिस एवं बचाव दल तैनात किए जाएंगे। भीड़भाड़ या किसी आपात स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए 28 इवैक्यूएशन प्वाइंट भी बनाए जाएंगे। श्रद्धालुओं को रियल-टाइम जानकारी और सहायता उपलब्ध कराने के लिए विशेष चैटबॉट एप्लीकेशन तथा हेल्प डेस्क भी शुरू किए जाएंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं की व्यापक तैयारी
रथ यात्रा में भारी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक चिकित्सा व्यवस्था तैयार की है। उत्सव के दौरान 230 एमबीबीएस डॉक्टरों और 66 विशेषज्ञ चिकित्सकों को तैनात किया जाएगा। विशेषज्ञों की टीम में कार्डियोलॉजिस्ट, प्लास्टिक सर्जन और न्यूरोसर्जन भी शामिल होंगे। इनके साथ 200 नर्सिंग अधिकारी और 100 पैरामेडिकल कर्मी सेवाएं देंगे। पुरी शहर में कुल 30 फर्स्ट एड सेंटर स्थापित किए जाएंगे, जिनमें से 11 केंद्र ग्रैंड रोड (बड़दांड) पर 24 घंटे कार्य करेंगे। इसके अतिरिक्त शहर के विभिन्न हिस्सों में 8 अस्थायी चिकित्सा केंद्र भी बनाए जाएंगे।
जिला मुख्यालय अस्पताल में नव निर्मित 150 बिस्तरों वाली स्वास्थ्य सुविधा रथ यात्रा से पहले शुरू हो जाएगी। यहां मेडिसिन, सर्जरी, ऑर्थोपेडिक्स, आईसीयू, बर्न वार्ड और चार ऑपरेशन थिएटर की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। अस्पताल में 10 आईसीयू बेड और 10 ट्रॉमा बेड भी उपलब्ध रहेंगे। इसके अलावा संक्रामक रोग अस्पताल (आईडीएच) में 80 अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था की जाएगी। आपातकालीन जरूरतों के लिए 200 अतिरिक्त बिस्तर भी तैयार रखे जाएंगे। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाएगी तथा प्रत्येक केंद्र में हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए दो वातानुकूलित बेड उपलब्ध होंगे। कुल 46 एम्बुलेंस चौबीसों घंटे तैनात रहेंगी और इनके सुचारू आवागमन के लिए ग्रीन कॉरिडोर की व्यवस्था की जाएगी।
15 लाख श्रद्धालुओं के लिए परिवहन व्यवस्था
रथ यात्रा के दौरान लगभग 15 लाख श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने का अनुमान है। इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे ने व्यापक परिवहन योजना तैयार की है। रथ यात्रा अवधि में 370 विशेष ट्रेनों के साथ 1,200 से अधिक नियमित और लोकल ट्रेनें संचालित की जाएंगी। रेलवे स्टेशन परिसर में लगभग 25,000 यात्रियों के लिए विश्राम और ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए 35 अतिरिक्त टिकट काउंटर, 30 मोबाइल टिकट काउंटर और 12 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) स्थापित किए जाएंगे। पहली बार शहर के भीतर पांच स्थानों पर रेलवे टिकट काउंटर खोले जाएंगे ताकि स्टेशन पर भीड़ कम हो सके।
रेलवे सुरक्षा के लिए 800 आरपीएफ जवान, 1,500 जीआरपी कर्मी और 100 सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों की तैनाती की जाएगी। रेलवे स्टेशन और उसके आसपास 250 सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।
पुरी, भुवनेश्वर और कटक के बीच अतिरिक्त बस सेवाएं संचालित की जाएंगी।
समुद्र तट पर सुरक्षा और आपदा प्रबंधन
समुद्र स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए समुद्र तट पर अतिरिक्त 350 लाइफगार्ड तैनात किए जाएंगे। रेलवे स्टेशन, समुद्र तट और बस स्टैंड सहित छह प्रमुख स्थानों पर अस्थायी अग्निशमन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। पिपिली रोड और मरीन ड्राइव पर विशेष आपातकालीन टीमें तैनात रहेंगी, जो किसी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य करेंगी। स्ट्रेचर, ऑक्सीजन सिलेंडर और अन्य आपातकालीन उपकरणों से लैस बचाव दल शहर के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर मौजूद रहेंगे।
पार्किंग, स्वच्छता और नागरिक सुविधाएं
बढ़ते वाहन दबाव को देखते हुए पुरी में 23 अस्थायी पार्किंग स्थलों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें से नौ पार्किंग स्थल सड़क एवं भवन विभाग द्वारा तैयार किए जा रहे हैं, जबकि शेष का विकास पुरी नगर निगम (पीएमसी) कर रहा है। सभी पार्किंग स्थल 5 जुलाई तक तैयार हो जाएंगे। पीएमसी आयुक्त स्नेहा अरुगुला ने बताया कि शहर के सभी खुले और खतरनाक नालों को रथ यात्रा से पहले स्लैब से ढका जाएगा। जलभराव वाले क्षेत्रों में उच्च क्षमता वाले पंप लगाए जाएंगे।
रथ यात्रा के दौरान 1,300 अस्थायी शौचालय स्थापित किए जाएंगे, जबकि स्नान पूर्णिमा के लिए 300 शौचालयों की व्यवस्था की गई है। शहर के 69 संवेदनशील स्थानों पर 10 जुलाई तक अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन ने आवारा पशुओं को निर्धारित आश्रय स्थलों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी तेज करने का निर्णय लिया है।
एलईडी डिस्प्ले और निर्बाध बिजली आपूर्ति
यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं को सूचना उपलब्ध कराने के लिए शहर के 65 स्थानों पर एलईडी डिस्प्ले बोर्ड और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली स्थापित की जाएगी। ऊर्जा विभाग को रथ यात्रा के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे पुरी शहर में एलईडी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
पुरीवासियों के लिए आधार आधारित दर्शन सुविधा
बैठक में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन ने बताया कि रथ यात्रा के दौरान पुरी शहर के निवासियों के लिए विशेष आधार आधारित दर्शन सुविधा शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि ओडिशा कंप्यूटर एप्लीकेशन सेंटर (ओसीएसी) की सहायता से एक विशेष प्रणाली विकसित की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन करने में सुविधा होगी। यह व्यवस्था पुरी नगर क्षेत्र के दो पिन कोड क्षेत्रों के आधार पर लागू की जाएगी। पात्र निवासी अपने आधार कार्ड को पहचान और निवास प्रमाण के रूप में प्रस्तुत कर मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह सुविधा केवल पुरी के स्थानीय निवासियों के लिए होगी और इसके तहत वे अपने रिश्तेदारों, मित्रों या अन्य लोगों को साथ नहीं ला सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ के बीच स्थानीय लोगों को सुगमता से महाप्रभु जगन्नाथ के दर्शन कराना है।
अंतिम चरण में रथ निर्माण कार्य
श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक डॉ. अरविंद कुमार पाढ़ी ने बैठक को बताया कि तीनों रथों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है और निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने मंदिर की नीतियों, परंपराओं और रथ यात्रा से संबंधित तैयारियों की भी जानकारी दी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की व्यापक व्यवस्थाओं के माध्यम से इस वर्ष की रथ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मुकेश महालिंग, ग्रामीण विकास मंत्री रबिनारायण नायक, संस्कृति मंत्री सूर्यवंशी सूरज, राज्यसभा सांसद शुभाशीष खुंटिया, सत्यबादी विधायक ओमप्रकाश मिश्रा, पिपिली विधायक आश्रित पटनायक, काकटपुर विधायक तुषारकांति बेहरा, पुरी विधायक सुनील कुमार महांति, ब्रह्मगिरि विधायक उपासना महापात्र तथा जिला परिषद अध्यक्ष स्वप्नारानी पाइक सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। पुरी के जिलाधिकारी दिव्यज्योति परिड़ा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। बैठक में एडीजी (आधुनिकीकरण) सौमेंद्र प्रियदर्शी, परिवहन आयुक्त अमिताभ ठाकुर, अग्निशमन आईजी उमाशंकर दास, पुरी एसपी प्रतीक सिंह, मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य, श्री जगन्नाथ मंदिर के सेवायत तथा कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
















