भुवनेश्वर: ओडिशा शनिवार को एक ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने जा रहा है, जब भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एक साथ मयूरभंज जिले के दौरे पर रहेंगे। विकास, जनकल्याण, जनजातीय सशक्तिकरण और आधारभूत संरचना विस्तार पर केंद्रित इस दौरे को विशेष महत्व दिया जा रहा है, क्योंकि मयूरभंज राष्ट्रपति मुर्मु का गृह जिला है। यह उन दुर्लभ अवसरों में से एक होगा, जब राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में संयुक्त रूप से भाग लेंगे।
गृह क्षेत्र रायरंगपुर पहुंचीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन से एक दिन पहले शुक्रवार शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु अपने दो दिवसीय ओडिशा दौरे पर मयूरभंज जिले के रायरंगपुर पहुंचीं। उनके आगमन पर ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपटि, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्यों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों ने भव्य स्वागत किया।
राष्ट्रपति के अपने गृह क्षेत्र में आगमन को लेकर पूरे मयूरभंज जिले में उत्साह का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग देश की प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति के स्वागत के लिए उमड़े और उनका अभिनंदन किया।
स्वास्थ्य, पेयजल और प्रशासनिक परियोजनाओं का उद्घाटन
रायरंगपुर पहुंचने के बाद राष्ट्रपति मुर्मु ने कई महत्वपूर्ण जनहितकारी और आधारभूत संरचना परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने एम्स भुवनेश्वर के सहयोग से आयोजित पहले निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया तथा चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और लाभार्थियों से संवाद किया।
इस स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों के लोगों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं पहुंचाना है। राष्ट्रपति ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्रपति ने इसके बाद कुसुमी ब्लॉक के लिए मेगा इंटीग्रेटेड रूरल पाइप्ड वाटर सप्लाई परियोजना का उद्घाटन किया। यह परियोजना विशेष रूप से खनन प्रभावित गांवों में सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की गई है। माना जा रहा है कि इससे हजारों ग्रामीणों को लाभ मिलेगा और क्षेत्र में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में कमी आएगी।

राष्ट्रपति मुर्मु ने इस अवसर पर ब्रह्म कुमारिज के नवनिर्मित मातृशक्ति भवन, विशेष सर्किट हाउस तथा नवगठित रायरंगपुर पुलिस जिले के पुलिस अधीक्षक कार्यालय भवन का भी उद्घाटन किया।
इन परियोजनाओं से प्रशासनिक सुविधाओं को मजबूती मिलने के साथ-साथ सामुदायिक विकास और सुशासन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उद्घाटन समारोह में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, वरिष्ठ मंत्री, उच्च अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त रूप से मयूरभंज जिले के पहाड़पुर गांव का दौरा करेंगे, जो राष्ट्रपति का पैतृक गांव है।
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार दोनों नेता संथाली समुदाय के पवित्र जाहेरा स्थल तथा हो समुदाय के जाहेरा पूजा स्थल पर पूजा-अर्चना करेंगे। यह कार्यक्रम क्षेत्र की समृद्ध जनजातीय सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री गांव के स्किल सेंटर तथा विद्यालय का भी दौरा करेंगे। यह दौरा आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया महत्वपूर्ण दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर अपने संदेश में इस यात्रा को विशेष बताया। उन्होंने कहा कि वह 20 जून को मयूरभंज पहुंचेंगे और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु भी कार्यक्रम में उनके साथ शामिल होंगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि मयूरभंज राष्ट्रपति का गृह जिला है और दोनों नेता पहले पहाड़पुर गांव जाएंगे। इसके बाद वे ओडिशा सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाग लेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस दौरान 47,000 करोड़ रुपये से अधिक लागत की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा।
रायरंगपुर में होगा राज्य स्तरीय भव्य कार्यक्रम
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शनिवार दोपहर रायरंगपुर में आयोजित एक विशाल जनसभा में भाग लेंगे। यह कार्यक्रम ओडिशा सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है और इसकी थीम “विकास र धारा, ओडिशा सारा” रखी गई है। कार्यक्रम के दौरान राज्य के विकास कार्यों की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया जाएगा तथा भविष्य की विकास योजनाओं का खाका भी रखा जाएगा।
47,600 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का होगा शुभारंभ
इस अवसर पर 47,600 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। ये परियोजनाएं ऊर्जा, औद्योगिक अवसंरचना, सड़क संपर्क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सिंचाई जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से संबंधित हैं। सरकारी अधिकारियों के अनुसार इन परियोजनाओं से राज्य में आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी, कनेक्टिविटी बेहतर होगी, ऊर्जा सुरक्षा बढ़ेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

ऊर्जा और औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगा नया बल
जिन प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, उनमें 600 मेगावाट अपर इंद्रावती पम्प्ड स्टोरेज परियोजना तथा आईबी थर्मल पावर स्टेशन के द्वितीय चरण विस्तार परियोजना शामिल हैं, जिसमें 660 मेगावाट क्षमता की दो नई इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा झारसुगुड़ा जिले के लखनपुर में भारत कोल गैसीफिकेशन एंड केमिकल्स लिमिटेड (BCGCL) परियोजना की भी आधारशिला रखी जाएगी। यह परियोजना घरेलू कोयले के स्वच्छ उपयोग को बढ़ावा देने, आयात निर्भरता कम करने और नए औद्योगिक अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं में भुवनेश्वर में प्रतिदिन 300 टन क्षमता वाला ठोस अपशिष्ट आधारित संपीड़ित बायोगैस संयंत्र, कटक और भुवनेश्वर को जोड़ने वाला काठजोड़ी नदी पर नया पुल, बौद्ध जिले की ढालपुर-हरभंगा सड़क का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, नुआपाड़ा-घाटीपाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग खंड का फोरलेन निर्माण तथा कुसुमदिही मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना शामिल हैं। रायरंगपुर में इग्नू क्षेत्रीय केंद्र और इंडोर बैडमिंटन कॉम्प्लेक्स की आधारशिला भी रखी जाएगी।
स्वास्थ्य, परिवहन और रेलवे परियोजनाएं जनता को होगा समर्पित
कार्यक्रम में कई पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया जाएगा। इनमें बौद्ध का 300 बिस्तरों वाला जिला मुख्यालय अस्पताल, राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित 24 अटल बस स्टैंड तथा नौ ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त नयागढ़ टाउन बाईपास, कुसुमी स्मार्ट सिंचाई परियोजना का भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क, जाखापुरा–जाजपुर-केन्द्रापाड़ा–बैतरणी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना, हिंडोल रोड–मेरामंडली मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना तथा रायरंगपुर का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स एवं ट्राइबल रिसर्च सेंटर भी जनता को समर्पित किए जाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि यह विशाल विकास पैकेज केंद्र और राज्य सरकार की समावेशी विकास नीति का प्रतीक है। इन परियोजनाओं से विशेष रूप से आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की गति तेज होगी तथा ओडिशा पूर्वी भारत के प्रमुख विकास केंद्र के रूप में और मजबूत होकर उभरेगा।

















