आधार Infra Confluence 2025 : ‘हम नवाचार से समाधान खोजते हैं, विकास के प्रतिमान गढ़ते हैं
June 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

आधार Infra Confluence 2025 : ‘हम नवाचार से समाधान खोजते हैं, विकास के प्रतिमान गढ़ते हैं’

'नींव नए भारत की' सत्र में पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से विभिन्न मुद्दों पर जो बातचीत की, प्रस्तुत हैं उसके प्रमुख अंश

Written byPanchjanyaPanchjanya
Sep 20, 2025, 12:30 pm IST
in भारत, विश्लेषण, साक्षात्कार, पाञ्चजन्य इवेंट
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी

‘नींव नए भारत की’ सत्र में पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से विभिन्न मुद्दों पर जो बातचीत की, प्रस्तुत हैं उसके प्रमुख अंश

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी सेे बातचीत करते हुए पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर

आज आपका मंत्रालय प्रतिदिन 30 किलोमीटर से ज्यादा के राजमार्गों का निर्माण कर रहा है। सड़कों पर लिखा दिखता है-‘सावधानी हटी, दुर्घटना घटी।’ तो आप गति के साथ गुणवत्ता का संतुलन कैसे साधेंगे?

हमने हमारे राष्ट्रीय राजमार्गों के क्वालिटी स्टैंडर्ड्स निश्चित किए हैं। राज्यों और राजमार्गों की तुलना में, हमारे राष्ट्रीय राजमार्गों की क्वालिटी इंटरनेशनल स्टैंडर्ड से जुड़ी हुई है। हम लगातार यह प्रयास कर रहे हैं कि नई तकनीक और बेहतर सामग्री का उपयोग हो। हमारे राजमार्गों में सीमेंट-कंक्रीट, स्टील के साथ-साथ रिसाइकिल्ड मटेरियल का भी उपयोग होता है। वेस्ट प्लास्टिक का भी उपयोग होगा, और इससे रोड की लाइफ भी बढ़ेगी। मैं लगातार कोशिश कर रहा हूं कि एक दिन ऐसा आ जाए, कि रोड ही फैक्ट्री में बनें।

भारत का जो आयात बिल है, उसमें तेल की बड़ी हिस्सेदारी है। आपने कई बार कहा है कि 22 लाख करोड़ रुपये का यह बोझ देश पर पड़ता है। क्या वैकल्पिक ऊर्जा और ईंधन के जरिए इसे कम किया जा सकता है?
22 लाख करोड़ का जो आयात है, उसे कम करने के लिए जितने विकल्प हैं, उतने अपनाने पड़ेंगे। इसमें इथेनॉल एक विकल्प है। अभी मैंने अपने कृषि उपकरण बनाने वालों के साथ बैठक की थी। अब इथेनॉल से आइसोब्यूटेनॉल बना, उसकी टेस्टिंग एआरएआई पुणे में चल रही है। आइसोब्यूटेनॉल से सीएनजी तैयार होती है, यह पंप से आ रहा है। इससे किसानों को 1.25 लाख से 1.5 लाख रुपए तक की बचत होगी और देश का प्रदूषण, जो डीजल के कारण था, वह बंद होगा।

सिर्फ इथेनॉल ही ईंधन नहीं है। मिथेनॉल भी है। मिथेनॉल कोयले से तैयार होता है। कोयले से यूरिया तैयार होता है। और कोयले से डीएमई (डाइमिथाइल ईथर) कोल गैसीफिकेशन से तैयार होता है। यह डीएमई अमेरिका में 30-40% LPG में मिलाते हैं। यदि हमने डीएमई तैयार किया, तो हमारे गैस सिलेंडर की कीमत 150-200 रुपए कम होगी और एलपीजी आयात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मिथेनॉल को लेकर भी हमने कई प्रयोग किए हैं। मैंने खुद कर्नाटक में, बेंगलुरु में कर्नाटक स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट की 15 बसें डीजल में 15% मिथेनॉल मिलाकर तीन महीने के लिए चलाईं और वह प्रोजेक्ट सफल रहा। उसकी कीमत 22 रुपए प्रति लीटर है।

उत्तरपूर्व में असम पेट्रोलियम प्रति दिन 600 टन मिथेनॉल बनाती है। मैंने अनुरोध किया है कि उत्तरपूर्व में में हमारी जो ट्रेनें डीजल पर चल रही हैं, उन्हें मिथेनॉल पर बदलें। हमारे जहाज भी मिथेनॉल पर कन्वर्ट हो रहे हैं। कृषि उपकरण इलेक्ट्रिक पर कन्वर्ट हो रहे हैं। कुछ जगह हमने इथेनॉल, फ्लेक्स इंजन पर कोशिश की है। जेनेरेटर सेट पर भी हमने प्रयोग किए। पंद्रह दिन पहले पुणे में किर्लोस्कर कंपनी के दो जेनेरेटर लॉन्च किए-एक 100% इथेनॉल पर और एक 100% आइसोब्यूटेनॉल पर। टेलीकॉम के टावर्स हर साल 450 करोड़ लीटर डीजल खपाते हैं। वहां ये जेनेरेटर सेट बदलेंगे तो 450 करोड़ लीटर डीजल का आयात कम होगा। इससे प्रदूषण कम होगा।

इलेक्ट्रिक वाहन बढ़ रहे हैं, फिर भी कुछ हिचक और किफायत का भी प्रश्न लोगों के मन में आता है। इस पर आप क्या कहेंगे?
मैं गारंटी देता हूं, इलेक्ट्रिक गाड़ियों को कोई दिक्कत नहीं आएगी। पहले बैटरी की लागत ज़्यादा थी-200 डॉलर प्रति किलोवॉट। अब यह 55-65 डॉलर तक आ गई है। डीजल-पेट्रोल की तुलना में इलेक्ट्रिक गाड़ी प्रयोग करना लोगों के लिए फायदेमंद है। जो लोग इलेक्ट्रिक गाड़ी प्रयोग कर रहे हैं, उनका पेट्रोल-डीजल की तुलना में कितना खर्चा बच रहा है, लगभग 80 प्रतिशत। इलेक्ट्रिक गाड़ियों को लेकर मेरी गारंटी है कि दस साल तक कोई गड़बड़ी नहीं होगी। बैटरी में भी लगातार सुधार हो रहा है, लिथियम आयन के साथ सोडियम आयन, जिंक आयन, एल्युमिनियम आयन विकसित हो रहे हैं। सेमीकंडक्टर भी आ रहे हैं। अब हमारे पास इथेनॉल, मिथेनॉल, इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन, बायोडीजल जैसे विकल्प हैं। हाइड्रोजन से रेलवे चलेगी, हवाई जहाज भी चलेंगे। हम सबका साथ-साथ उपयोग करेंगे।

आपने इथेनॉल पर आधारित जेसीबी और अन्य मशीनरी की भी बात की थी। यह प्रयोग कैसा रहा?
मैंने कहा था, इथेनॉल पर जेसीबी बनाइए। और तुरन्त रूस से 1000 जेसीबी का ऑर्डर आया। जेसीबी कंपनी लंदन की है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग इंडिया में भी करती है। अब अमेरिका तक जेसीबी इंडिया से जा रही हैं। इससे हमारे देश में रोजगार मिल रहा है। यह बहुत बड़ा काम है।

आप इतने बड़े काम कर रहे हैं, लेकिन कई बार आलोचना भी होती है। आपको क्या लगता है कि लोग नाराज होते हैं?
देखिए, मैं किसी को नाराज नहीं करता। मैं देशहित में काम करता हूं। किसानों को लाभ होता है। प्रदूषण कम होता है। इथेनॉल का रेट कैबिनेट तय करती है। मेरा कोई निजी संबंध नहीं है। कुछ लोग स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत की सोच का समर्थन नहीं करते। जिनके स्वार्थ आयात करने से जुड़े होते हैं, वही विरोध करते हैं। कुछ लोग जान-बूझकर भ्रम फैलाते हैं। सोशल मीडिया पर कैंपेन चलते हैं। मैंने जांच करवाई, तो पाया कि ये ”पेड कैंपेन” थे, जो मेरे खिलाफ चलाए गए थे।”

एक तरफ हम इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बात करते हैं, ईवी की बात करते हैं। अगर उसके साथ ही हाइब्रिड टेक्नोलॉजी भी आती है तो हाइब्रिड टेक्नोलॉजी में ऐसा कोई इनोवेशन नहीं है, मगर ईवी के साथ उसका रिसर्च और डेवलपमेंट भी है और इन्फ्रास्ट्रक्चर बिछाने का खर्चा भी है। तो ऐसे में ईवी के रास्ते में हाइब्रिड ने क्या कोई अड़चन पैदा की है?
बजाज और टीवीएस कंपनी ने अध्ययन किया, उसमें पाया कि हर व्यक्ति औसतन 26-28 किलोमीटर स्कूटर चलाता है। फिर कार के बारे में अध्ययन किया तो पाया कि अधिकतम 80-100 किलोमीटर ही जाती हैं। अब मुझे पता है कि सबके घर में इलेक्ट्रिक गाड़ियां हैं, चार्जर लगे हुए हैं। मेरे घर में भी इलेक्ट्रिक गाड़ियां हैं—12-13 गाड़ियां हैं और सबके चार्जर हैं। स्कूटर में भी चार्जर हैं, तो कोई इलेक्ट्रिक का चार्जिंग प्रॉब्लम नहीं है। प्रॉब्लम तब है जब दिल्ली से मुंबई इलेक्ट्रिक गाड़ी में जाना हो। बड़े-बड़े शहरों में जहां रोड साइड पर सुविधाएं हैं, वहां हम 670 सड़कों पर ऐसी जगह बना रहे हैं, आप जब तक वहां पर चाय-पानी और नाश्ता करेंगे वहां बने चार्जिंग स्टेशन पर आपकी कार चार्ज हो जाएगी। इसके अलावा हम एक इलेक्ट्रिक बस नागपुर में लॉन्च कर रहे हैं। इसमें जहाज जैसा चाय-पानी-नाश्ता मिलेगा। इस बस का किराया डीजल बस से 30% कम होगा।

मेट्रो की लागत 550 करोड़ रुपए आती है, यह बस केवल 2 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर में तैयार हो जाएगी। जब शहरों में यह बस चलेगी तो लोग गाड़ी नहीं चलाएंगे। वे एक्सिक्यूटिव सीट में लैपटॉप पर काम करते हुए, टीवी देखते हुए बस में चलेंगे। टिकट रेट भी डीजल बस से 30% कम होगा और ऊपर से चाय-पानी-नाश्ता भी। आने वाले समय में तकनीक के कारण बहुत बड़ा परिवर्तन हो रहा है जो उपयोगी है। इस देश में क्षमता है, अच्छे इंजीनियर हैं। यह देश प्रगति और विकास के मार्ग पर है और पूरे विश्व का मार्गदर्शन कर सकता है। विश्वगुरु बन सकता है। आप सबमें क्षमता है। मैं केवल निमित्त हूं और एक्सेलेरेट करने की कोशिश करता हूं।

राजनेता तो समस्याओं की राजनीति करते हैं। कचरा है तो उसकी बात करेंगे, पराली है, प्रदूषण है तो दोषारोपण करेंगे, लेकिन आप राजनीति का नया मॉडल लाए हैं, समस्याओं पर नहीं, बल्कि समाधान के आधार पर राजनीति। क्या यह विरोधियों को खलता है?
देखिए, राजनीति हमारा पेशा नहीं है। समाधान की राजनीति समाज में बेचैनी खत्म करती है। राजनीति केवल कुर्सी के लिए नहीं, यह लोकनीति, समाजनीति और राष्ट्रनीति है। हमारे देश की जनता को सतत विकास के साथ सुख, शांति, समाधान और समृद्धि मिलनी चाहिए। यही राजनीति का असली उद्देश्य है। यह राष्ट्र हमारा है। इसे विश्व में सुखी, समृद्ध, सम्पन्न और शक्तिशाली बनाना है। गांव, गरीब, मजदूर, किसान का कल्याण करना है। और यह बदलाव एक व्यक्ति से नहीं, हजारों-लाखों कार्यकर्ताओं के प्रयास से आएगा। मुझसे एक बार एक विदेशी पत्रकार ने पूछा था आप इतना काम क्यों करते हैं? और जब इतना कर चुके, तो आगे क्या सोचते हैं? मैंने कहा, मैं केवल यह सोचता हूं कि देश की समस्याओं का समाधान कैसे निकले। अभी आपको बताता हूं, पराली जल रही है पंजाब, हरियाणा में। प्रदूषण दिल्ली में हो रहा है। हमें ऐसे समाधान खोजने हैं जिससे किसानों को नुकसान न हो और पर्यावरण भी बचे। यही सतत विकास है।

‘E20 पेट्रोल से वाहनों को कोई नुकसान नहीं’

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी

एक तरफ सरकार इथेनाॅल मिश्रित पेट्रोल को बढ़ावा दे रही है, ताकि उपभोक्ताओं को ही नहीं, गन्ना किसानों को भी लाभ हो। साथ ही, देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिले और प्रदूषण भी कम हो। लेकिन दूसरी ओर, इसके विरुद्ध एक सुनियोजित षड्यंत्र चल रहा है। इसी क्रम में सर्वोच्च न्यायालय में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) के खिलाफ एक जनहित याचिका दायर की गई, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया।

इस याचिका में उपभोक्ताओं को इथेनॉल मुक्त पेट्रोल विकल्प उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। पेशे से वकील याचिकाकर्ता अक्षय मल्होत्रा ने दावा किया था कि अप्रैल 2023 से पहले बने वाहन और कुछ BS6 मॉडल इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के लिए अनुकूल नहीं हैं। इससे इंजन में खराबी, माइलेज में कमी और मरम्मत खर्च बढ़ रहा है। इसके अलावा, उपभोक्ताओं को ईंधन में इथेनॉल की मात्रा की स्पष्ट जानकारी देने की भी मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने यह भी दावा किया था कि बीमा कंपनियां इथेनॉल युक्त ईंधन से हुए नुकसान के दावों को खारिज कर रही हैं। अमेरिका और यूरोप में इथेनॉल मुक्त ईंधन दिया जाता है और पेट्रोल पंपों पर साफ लिखा होता है कि ईंधन में कितना इथेनॉल मिलाया गया है, पर भारत में ऐसी कोई सुविधा नहीं दी जाती है।

शीर्ष अदालत के कदम से स्पष्ट हुआ कि सरकार अपने हरित ऊर्जा मिशन व विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने के संकल्प के प्रति गंभीर है। हालांकि, पुराने वाहनों के लिए चिंताएं बनी हुई हैं, लेकिन सरकार अपनी नीति को आगे बढ़ाएगी। असम में दुनिया का पहला बांस आधारित इथेनॉल प्लांट भी चालू हो चुका है, जो देश की ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देगा।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी इस कार्यक्रम को सफल बताते हुए कहा कि E20 पेट्रोल से वाहनों को कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता। इस तरह की आशंकाओं को खारिज करते हुए उन्होंने वाहन मालिकों को आश्वस्त किया कि इथेनॉल इंजन को नुकसान नहीं पहुंचाता और कार की माइलेज पर प्रभाव भी बहुत कम पड़ता है। उनके अनुसार इसके कई कारण हो सकते हैं, बायोफ्यूल में कोई कमी नहीं है। साथ ही, उन्होंने बीमा को भी वैध बताया है। उन्होंने बताया कि 2014 में केवल 1.4 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण था, जो अब 20 प्रतिशत तक पहुंच गया है। भारत ने 2030 के लिए जो लक्ष्य तय किया था, उसे 6 वर्ष पहले ही प्राप्त कर लिया। उन्होंने कहा कि सरकार देश के इथेनाॅल ब्लेंडिंग प्रोग्राम की प्रगति की समीक्षा करेगी।

 

Topics: पाञ्चजन्य विशेषराष्ट्रनीतिआधार Infra Confluence 2025नींव नए भारत कीहाइब्रिड टेक्नोलॉजीराजनीति का नया मॉडलनितिन गडकरीसमाजनीतिहितेश शंकरइलेक्ट्रिक वाहनलोकनीति’
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

आज का श्लोक : सन्तः सन्तप्यन्ते न दुःखेषु

‘महंगाई काबू में और देश का विदेशी मुद्रा भंडार भी मजबूत स्थिति में’- प्रो. गौरव वल्लभ

तराई में कन्वर्जन कराने की शिकायत मिलने के बाद जांच करते उधम सिंह नगर प्रशासन के अधिकारी

उत्तराखंड से विशेष रिपोर्ट : तराई में कन्वर्जन की छाया

आज का श्लोक : शनैः पन्थाः शनैः कन्था शनैःपर्वतलंधनम्।

विशेष रिपोर्ट : अभेद्य द्वार, निर्णायक वार

साक्षात्कार: कन्वर्ट हुए लोगों को न मिले दोहरा लाभ – डॉ. राजकिशोर हांसदा

Load More

ताज़ा समाचार

आज का श्लोक : सन्तः सन्तप्यन्ते न दुःखेषु

आज का राशिफल

4 जून का राशिफल : किस्मत देगी साथ या आएगी चुनौती, जानें क्या कहते हैं आपके सितारे

ऑपरेशन डेल्टा हंट के बारे में मीडिया को जानकारी देते उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी

बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ गुजरात में ‘ऑपरेशन डेल्टा हंट’, 72 घंटे में 362 गिरफ्तार

कोर्ट का फैसला

‘प्राइड मंथ’ से पहले ऑस्ट्रेलिया से आया एक चौंकाने वाला फैसला

RSS Karyakarta Vikas Varg Kumar Mangalam Birla

नागपुर: RSS के ‘कार्यकर्ता विकास वर्ग-द्वितीय’ का 4 जून को भव्य समापन, उद्योगपति कुमार मंगलम बिरला होंगे मुख्य अतिथि

8 जून को इंडी गठबंधन की बैठक : अस्तित्व बचाने जुटेंगे 17 विपक्षी दल! क्या अंदरूनी कलह पर होगा मंथन!

former wipro employee alleges forced conversion

नासिक TCS के बाद Wipro में जबरन कन्वर्जन! पूर्व कर्मचारी ने किए चौंकाने वाले खुलासे, मुस्लिम सहकर्मी पर लगाए आरोप

supreme court

न्यायालय के आलोक में बेटी का अधिकार!

RSS Sangh Shiksha Varg Prayagraj Samajik Samrasata

125 गांव, हाथों में थैले और 5000 रोटियां: संघ शिक्षा वर्ग ने पेश की समरसता की मिसाल, घर-घर चूल्हों तक पहुंचा राष्ट्रवाद

ममता बनर्जी काे बड़ा झटका, पार्टी से निष्कासित ऋतब्रत को विधानसभा अध्यक्ष ने दिया नेता प्रतिपक्ष का दर्जा

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies