कोलकाता (हि.स.) । जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के आतंकी यासीन मलिक के हालिया हलफनामे के दावे ने राजनीति में हलचल मचा दी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस नीत तत्कालीन संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए तीखा हमला बोला है।
अमित मालवीय ने कांग्रेस से मांगा जवाब
भाजपा आईटी सेल प्रमुख और पश्चिम बंगाल के सह प्रभारी अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा कि यासीन मलिक एक कुख्यात आतंकी है जिसने भारतीय वायुसेना के जवानों को गोली मारकर मौत के घाट उतारा। यह राष्ट्र के खिलाफ युद्ध छेड़ने जैसा अपराध है और ऐसे आतंकी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जा सकता।
यूपीए सरकार की नीतियों पर उठे गंभीर प्रश्न
मालवीय ने सवाल किया कि अगर यासीन मलिक का दावा सही है, तो यह यूपीए सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा और बैक-चैनल डिप्लोमेसी पर गंभीर सवाल उठाता है। उन्होंने कांग्रेस से स्पष्ट करने को कहा कि आखिर किस आधार पर एक कुख्यात आतंकी से इस तरह की बातचीत करवाई गई और फिर प्रधानमंत्री स्तर पर उसका आभार जताया गया।
कांग्रेस की आतंकवाद नीति पर भाजपा का आरोप
कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की आतंकवाद के प्रति नीति और पाकिस्तान से निपटने की रणनीति को कटघरे में खड़ा करते हुए मालवीय ने कहा कि कांग्रेस राज में आतंकियों को प्रधानमंत्री स्तर पर शुक्रिया अदा किया जाता रहा है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
यासीन मलिक का हलफनामा और बड़ा खुलासा
उल्लेखनीय है कि जेकेएलएफ का आतंकी यासीन मलिक, जो आतंकी फंडिंग मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है, ने हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर हलफनामे में दावा किया है कि वर्ष 2006 में पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और 26/11 हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद से उसकी मुलाकात भारतीय खुफिया एजेंसियों के कहने पर हुई थी और बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने उसे धन्यवाद भी दिया था।

















