नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि कुछ लोगों की मानसिकता ऐसी है कि वो हर बात का विरोध करते हैं। कोर्ट चले जाते हैं। चीजों को डिले करते हैं। लोकतंत्र है। हम सभी के विचारों का सम्मान करते हैं और ऐसे लोगों को समझाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं प्रदूषण को कम करने की बातें करता हूं। कुछ लोग ऐसे होते हैं जो समस्याओं को अवसरों में बदल देते हैं और कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अवसरों को समस्याओं में बदल देते हैं।
इकोलॉजी और पर्यावरण को प्रोटेक्ट करना है और विकास को बढ़ाना है
ऐसे लोगों ने चारधाम का विरोध किया। मसूरी टनल का विरोध किया। नितिन गडकरी ने कहा कि हम कैलाश मानसरोवर रोड बना रहे हैं। यह रोड पिथौरागढ़ से जा रही है। हमें कैलाश मानसरोवर जाने के लिए अब चीन और नेपाल नहीं जाना पड़ेगा। मैं चाहता हूं कि वो रोड हिंदूस्तान से जाए। हमारे यहां से जाए। अड़चनें हैं। हमें इकोलॉजी एंड एनवायरमेंट को प्रोटेक्ट करना है और विकास को बढ़ाना है। ऐसा विकास करना है जिससे पर्यावरण की रक्षा हो और प्रदूषण न हो। नितिन गडकरी ने यह बात ‘पाञ्चजन्य आधार इंफ्रा कॉन्फ्लुएंस 2025’ के मंच पर पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर से बातचीत करते हुए कही।

पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से पूछा था- ‘हमने इस देश में देखा जब विकास की बात होती है, बड़ी परियोजनाओं और भविष्य की बात होती है तो कुछ पर्यावरण वाले लोग आते हैं, रिप्रेजेंटेशन, प्रेजेंटेशन और लॉबिंग होती है, नेशनल और इंटरनेशनल माहौल बनता है, सबसे बड़ी परियोजनाओं को लेकर आप आ रहे हैं, जमीन अधिग्रहण भी करते हैं तो आपके सामने आकर वो प्रेजेंटेशन, रिप्रेजेंटेशन नहीं देते, आपको नहीं बताते कि आप पर्यावरण गड़बड़ कर देंगे, ग्रामीणों में असंतोष हो जाएगा, सारी चीजें खराब हो जाएंगी, उन सबसे आप कैसे निपटते हैं?
समस्याओं को मात देकर लोगों को समाधान देना ही लीडरशिप का टेस्ट
इस पर नितिन गडकरी ने कहा कि मैं प्रदूषण को कम करने की बातें करता हूं। मैं अल्टरनेटिव फ्यूल और बायोफ्यूल की बात कर रहा हूं। इलेक्ट्रिक की बात कर रहा हूं। आज दिल्ली में कैसे हैं आप? एक रिपोर्ट आई है कि दिल्ली में रहने वाले लोगों की जिंदगी प्रदूषण के कारण 10 साल से कम हो रही है। अगर पराली का उपाय ढूंढा जाएगा और फ्यूल बदल जाएगा तो दिल्ली की हवा शुद्ध हो जाएगी। सबकी जिंदगी 10-10 साल से बढ़ेगी तो क्या यह देश के लिए आवश्यक नहीं है? तो हम पर्यावरण के हित में काम कर रहे हैं कि विरोध में काम कर रहे हैं। नितिन गडकरी ने कहा कि समस्याओं को मात देकर लोगों को समाधान देना ही लीडरशिप का टेस्ट है।

















