हमास के साथ जारी जंग के बीच इजरायल ने अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं। एक दिन पहले 11 सितंबर 2025 को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा ऐलान किया – “फिलिस्तीन नाम का कोई राज्य नहीं रहेगा” ये बात उन्होंने मा’अले अदुमिम नाम के वेस्ट बैंक सेटलमेंट में एक साइनिंग सेरेमनी के दौरान कही। इसके साथ ही उन्होंने ई1 नाम का एक प्लान साइन किया है, जो सेटलमेंट को और फैलाने का रास्ता खोलेगा। ये प्लान सालों से अटका था, लेकिन अब ये आगे बढ़ रहा है। इजरायल के इस एक्शन को लेकर विरोध भी शुरू हो गया है।
क्या है ई1 प्लान
ई1 प्लान वेस्ट बैंक के मा’अले अदुमिम में बनने वाली नई नेकड़बोर्ड (कॉलोनी) का हिस्सा है। ये जगह पूर्वी जेरूसलम के ठीक पूर्व में है, करीब 12 वर्ग किलोमीटर में फैली। प्रधानमंत्री ने यहां 3,412 नए घर बनाने का फ्रेमवर्क एग्रीमेंट साइन किया। सिर्फ घर ही नहीं, सड़कें, इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े अपग्रेड्स भी शामिल हैं। कुल खर्चा लगभग 1 बिलियन डॉलर का अनुमान है। ये सेटलमेंट वेस्ट बैंक में बसा है, जहां करीब 3 मिलियन फिलिस्तीनी रहते हैं और 500,000 इजरायली सेटलर्स। प्लान को पिछले महीने ही फाइनल अप्रूवल मिल चुका था। डिफेंस मिनिस्ट्री की सिविल एडमिनिस्ट्रेशन ने इसे हरी झंडी दी। ये जगह जेरूसलम और मा’अले अदुमिम के बीच है, जो फिलिस्तीनियों के लिए महत्वपूर्ण कनेक्शन तोड़ सकती है। इजरायली एनजीओ पीस नाउ के मुताबिक, इंफ्रास्ट्रक्चर का काम कुछ महीनों में शुरू हो सकता है, और घर बनाने का काम करीब एक साल में। ये सब कुछ ऐसा लगता है जैसे कोई पुराना सपना साकार हो रहा हो।
नेतन्याहू का बयान: हमारी जमीन, हमारा हक
सेरेमनी में नेतन्याहू ने साफ कहा, “हम वादा निभा रहे हैं कि फिलिस्तीन राज्य नहीं बनेगा; ये जगह हमारी है।” उन्होंने कहा कि वो शहर की आबादी दोगुनी करेंगे और अपनी विरासत, जमीन व सुरक्षा की रक्षा करेंगे। ये प्लान उनके लिए “एक विजन को हकीकत बनाने” जैसा है। उन्होंने इसे “बहुत बड़ा” बताया। फाइनेंस मिनिस्टर बेजालेल स्मोट्रिच ने भी जोर दिया, “प्रधानमंत्री, हम सब जल्द ही आपको धन्यवाद देंगे। ये वेस्ट बैंक में संप्रभुता लागू करने की दिशा में कदम है।”
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हिस्टोरिकल बैकग्राउंड
ई1 प्रोजेक्ट सालों से चला आ रहा है। इजरायल इसे अपनी सिक्योरिटी और हेरिटेज के लिए चाहता था, लेकिन वह अब तक अंतरराष्ट्रीय समुदाय के दबाव के कारण रुका रहा। अमेरिका, यूरोप जैसे देशों ने विरोध किया क्योंकि ये वेस्ट बैंक को दो हिस्सों में बांट सकता है। फिलिस्तीनियों के लिए ईस्ट जेरूसलम उनकी फ्यूचर कैपिटल है, और ये प्लान उसे वेस्ट बैंक से काट देगा। दो-राज्य समाधान के समर्थक कहते हैं कि इससे फिलिस्तीनी राज्य की संभावना खत्म हो जाएगी।
फिलिस्तीनियों पर असर
ये प्लान फिलिस्तीनियों के लिए बड़ा झटका है। वेस्ट बैंक को दो हिस्सों में बांटना मतलब उनकी जमीन का टुकड़े-टुकड़े होना। ईस्ट जेरूसलम से कनेक्शन टूटना उनकी राज्य की ड्रीम को चूर-चूर कर देगा। पीस नाउ ने कहा कि ये इजरायल के फ्यूचर के लिए घातक है और शांतिपूर्ण दो-राज्य समाधान की आखिरी उम्मीद को मार देगा।

















