मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के लालबाग थाना क्षेत्र के बिरोदा गांव में सोमवार को पथराव की घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार, गणेश विसर्जन के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ आयोजित किया गया था। जैसे ही पाठ समाप्त हुआ, अचानक कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। इस घटना में दोनों समुदायों के बीच तनाव की स्थिति बन गई और अफरा-तफरी मच गई। पथराव में 3 से अधिक लोग घायल हो गए, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया।
कैसे घटी घटना- गांव में गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन पहले ही पूरा हो चुका था। लेकिन चंद्र ग्रहण की वजह से एक प्रतिमा का विसर्जन सोमवार को किया जाना था। इसी दौरान गांव में एक पंडाल के सामने हनुमान चालीसा का पाठ आयोजित किया गया। आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, लेकिन जैसे ही पाठ समाप्त हुआ, अचानक पथराव शुरू हो गया। पथराव इतना तेज था कि कुछ देर के लिए गांव में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। लोग इधर-उधर भागने लगे और दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए। हालांकि पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाल लिया। इस घटना में सात लोग घायल हुए हैं। सभी को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। डॉक्टरों ने बताया कि घायलों की हालत स्थिर है और उन्हें जल्द ही छुट्टी दे दी जाएगी।
पुलिस की कार्रवाई- घटना की सूचना मिलते ही लालबाग थाना पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ ही समय बाद एसपी आशुतोष बागरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए गांव में भारी बल की तैनाती की है। पुलिस ने मौके से सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एसपी बागरी ने बताया कि CCTV और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। बीजेपी विधायक अर्चना चिटनीस ने थाने पहुंचकर नाराजगी जताई और कहा कि ऐसी घटना पहली बार नहीं हुई है। करीब एक साल पहले भी गांव में इसी तरह की घटना हुई थी। उस समय भी पुलिस को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि न्याय का मूल सिद्धांत है कि अपराधियों को सख्त सजा मिले। यदि समय पर कार्रवाई होती तो यह घटना दोबारा नहीं होती।
पुलिस का बयान- बुरहानपुर एसपी आशुतोष बागरी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि गणेश विसर्जन के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ किया जा रहा था। जैसे ही पाठ समाप्त हुआ, असामाजिक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया। इस घटना में कुछ लोग घायल हुए हैं और उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक सात लोगों को हिरासत में लिया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस गांव में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि बाकी आरोपियों की पहचान की जा सके। घटना के बाद बिरोदा गांव में तनाव का माहौल है। हालांकि पुलिस की भारी मौजूदगी के चलते हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस लगातार गांव में गश्त कर रही है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। गांव के लोगों के अनुसार, लगभग एक साल पहले भी इसी तरह का विवाद हुआ था। उस समय भी धार्मिक आयोजन के दौरान पथराव हुआ था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तब दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती, तो शायद यह घटना दोबारा नहीं होती।

















