मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में एक मुस्लिम युवक ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपना लिया। युवक का कहना है कि वह बकरीद पर होने वाली पशु कुर्बानी से आहत था, जिसके बाद उसने यह फैसला लिया। धार्मिक अनुष्ठान के बाद युवक ने सनातन धर्म अपना लिया और अपना नाम बिलाल से बदलकर विशाल रख लिया। उसका कहना है कि यह उसके जीवन की नई शुरुआत है।
पशु कुर्बानी से आहत होकर लिया बड़ा फैसला
खिरकिया निवासी बिलाल ने महादेवगढ़ मंदिर के प्रमुख अशोक पालीवाल से कहा कि वह अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाना चाहता है। उसके अनुसार, यह फैसला उसने लंबे समय तक सोच-विचार करने के बाद लिया है। उसने बताया कि वह बचपन से ही इस्लाम मत में बकरीद के त्योहार पर होने वाले बड़े पैमाने पर मूक पशुओं के कत्लेआम से बेहद आहत था। त्योहार के नाम पर बेजुबान जानवरों की बेरहमी से की जाने वाली हत्याएं उसके संवेदनशील मन को झकझोर देती थीं। समय के साथ यह आहत भाव इतना गहरा गया कि उसने सनातन धर्म अपनाने का निश्चय कर लिया।
महादेवगढ़ में बिलाल की घर वापसी के लिए एक बेहद भव्य और विधि-विधान पूर्वक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उपनयन संस्कार के इस पावन अनुष्ठान में ’10 विधि स्नान’ कराया गया। इस शुद्धिकरण प्रक्रिया में युवक को गंगाजल, गो-दुग्ध, पंचामृत, गोमूत्र, गौ-गोबर, तुलसी रज, फल, धातु, पंचगव्य और कोष से स्नान कराया गया। सनातन धर्म की परंपराओं के अनुसार मंत्रोच्चार के बीच उसकी घर वापसी संपन्न हुई। इस मौके पर महादेवगढ़ में सैकड़ों की संख्या में सनातन धर्म के कार्यकर्ता और आम श्रद्धालु मौजूद रहे। शुद्धिकरण और उपनयन संस्कार के बाद भगवान महादेव की भव्य महाआरती की गई। पूरा मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री राम’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम के समापन पर मंदिर प्रबंधन की ओर से विशाल को सनातन जीवन पद्धति को समझने और सही मार्ग पर चलने के लिए पवित्र ग्रंथ ‘रामायण’ भेंट की गई। बिलाल से विशाल बने युवक ने अब पूरी तरह से हिंदुत्व की राह पर चलने का संकल्प लिया है।

















