7 सितंबर 2025, रविवार को कर्नाटक के मांड्या और शिवमोग्गा जिलों में गणेश विसर्जन के दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर साम्प्रदायिक तनाव की घटनाएँ सामने आईं। इन घटनाओं ने क्षेत्र में शांति और सौहार्द को प्रभावित किया है।
मांड्या में पथराव- मांड्या जिले में गणेश विसर्जन के लिए निकाली जा रही शोभायात्रा जब एक मस्जिद के पास पहुँची, तो उस पर अचानक पथराव किया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, पथराव मस्जिद की ओर से हुआ, जिससे शोभायात्रा में शामिल लोग भड़क गए और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच झड़प शुरू हो गई। दोनों ओर से जमकर पथराव हुआ, जिसमें कम-से-कम 8 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
झगड़े के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भगवान गणेश की मूर्ति पर भी हमला किया गया, जिससे श्रद्धालुओं में नाराजगी फैल गई। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को भारी संख्या में तैनात किया गया है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अब तक 21 लोगों को गिरफ्तार किया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में धारा 144 लागू कर दी है, जिससे चार या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लग गई है। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और बताया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है।
शिवमोग्गा में मूर्ति पर कथित अपमान- शिवमोग्गा जिले के सागर नगर में जय भुवनेश्वरी युवा संघ द्वारा गणेश विसर्जन जुलूस निकाला जा रहा था। जब यह जुलूस जन्नत नगर की ओर पहुँचा, तभी कथित रूप से दो मुस्लिम युवकों ने भगवान गणेश की प्रतिमा पर थूक दिया। इस घटना से श्रद्धालुओं में आक्रोश फैल गया और माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और लोगों को शांत करने की कोशिश की। स्थानीय निवासियों और भक्तों ने प्रशासन से माँग की है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साल 2024 में नागमंगला में विसर्जन जुलूस के दौरान दो समुदायों के बीच हुई झड़प में कई लोग घायल हुए थे, दुकानें और वाहन जलाए गए थे। तब भी पुलिस को धारा 144 लागू करनी पड़ी थी और 50 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

















