अमेरिका से एक दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक 23 वर्ष की युवती की हत्या हो रही है और उस पर चाकू से वार हो रहे हैं। यह सब एक ट्रेन में हो रहा है। ऐसा भी नहीं कि उस युवती ने हमलावर को उकसाया हो या फिर कुछ ऐसा किया हो कि हमलावर गुस्सा हो जाए। वह अपनी सीट पर बैठी हुई है और उस पर अचानक से हमला होता है। चाकू उसके गले पर लगता है और वह अस्पताल पहुँचने से पहले ही दम तोड़ देती है।
यूक्रेन युद्ध से जान बचाकर आई थी इरिना
जिस युवती की हत्या गर्दन पर चाकू मारने के बाद हुई, वह मूलत: यूक्रेन की थी और वह रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध से बचने के लिए और अपनी एक सुरक्षित ज़िंदगी के लिए अमेरिका आई थी। मगर उसे नहीं पता था कि जहां वह सुरक्षा के लिए जा रही है, वहाँ पर उसकी जान चली जाएगी। हालांकि, यह घटना अगस्त में हुई थी, मगर यह अब चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि मीडिया की ऐसी भी क्या विवशता रही कि उसने इस घटना को पूरी तरह से दबा दिया?
श्वेत और अश्वेत की छिड़ी बहस
लोग यह बहस का रहे हैं कि जब जॉर्ज फ्लॉय्ड की मृत्यु हुई थी, तो उस समय मीडिया ने हंगामा मचा दिया था। लोगों का कहना है कि हर जान का महत्व होता है और किसी की मृत्यु असमय नहीं होनी चाहिए, मगर मीडिया उस समय मौन क्यों रह जाता है, जब किसी श्वेत व्यक्ति की हत्या किसी अश्वेत के हाथों होती है? अश्वतों पर होने वाले अत्याचारों पर मीडिया बात करता है, मगर वह उन तमाम अपराधों को क्यों सिरे से नकार देता है, जो अश्वेत व्यक्तियों के हाथों हो रहे हैं।
जैसे इरिना की हत्या। एक यूजर ने लिखा कि न्यूयॉर्क टाइम्स ने भी एक भी खबर इरिना पर नहीं चलाई है। एंड वोकनेस नामक हैंडल ने एपी अखबार की वेबसाइट का स्क्रीन शॉट साझा किया। उसने लिखा कि : जॉर्ज फ्लॉयड के बारे में 74,221 एपी लेख
इरीना ज़ारुत्स्का के बारे में एपी लेख
74,221 AP articles about George Floyd
0 AP articles about Iryna Zarutska pic.twitter.com/ZSb1X90OYC— End Wokeness (@EndWokeness) September 7, 2025
लेफ्ट मीडिया का दोगलापन
एक यूजर ने नेटफ्लिक्स का एक वीडियो साझा किया, जिसमें एक श्वेत लड़का एक अश्वेत लड़की को परेशान कर रहा है। और यह भी कहा कि असलियत में हो क्या रहा है और दिखाया क्या जा रहा है? लोग प्रश्न कर रहे हैं कि आखिर लेफ्ट और मुख्य धारा का मीडिया श्वेत लोगों के अश्वेत व्यक्तियों द्वारा के कत्लों पर चुप क्यों रहता है? यह एक गंभीर प्रश्न है।
वहीं एक यूजर ने विकिपीडिया के उस पेज का भी स्क्रीन शॉट साझा किया, जो इरीना के लिए बनाया गया था और जिसका शीर्षक था किलिंग ऑफ इरिना ज़ारुत्स्का। और उसमें लिखा है कि एक एडिटर ने इस पेज को डिलीट करने की बात की है। लोगों ने कहा कि विकिपीडिया भी इस घटना को भुला देना चाहता है।
पेशेवर अपराधी है कातिल डेकार्लोस ब्राउन
इरिना की हत्या करने वाला डेकार्लोस ब्राउन पेशेवर और आदतन अपराधी है और वह कई मामलों में जेल जा चुका है। उस पर त्तरी कैरोलिना के मेक्लेनबर्ग काउंटी में पहले भी 14 मुकदमे चल रहे हैं। सीएनएन ने डब्ल्यूसीएनसी के हवाले से बताया कि उसे 2015 में मेक्लेनबर्ग काउंटी में खतरनाक हथियार से डकैती, तोड़फोड़ और चोरी के आरोप में छह साल जेल की सजा सुनाई गई थी। ऐसा कहा जा रहा है कि डेकार्लोस का schizophrenia का इतिहास रहा है। और यह हत्या करते समय वह बेघर था।
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लोग प्रश्न उठा रहे हैं कि आखिर ऐसे व्यक्ति को जमानत क्यों मिल जाती है या फिर उसे छोड़ क्यों दिया जाता है? जिस व्यक्ति पर 14 मामले दर्ज हों उसे आम लोगों के बीच कैसे छोड़ा जा सकता है?
शेर्लोट की मेयर आई निशाने पर
जहां मीडिया का रवैया इस कत्ल को लेकर शर्मनाक रहा, वहीं शेर्लोट की मेयर का भी रवैया चौंकाने वाला था। मेयर ने एक्स पर पोस्ट लिखकर इस घटना को लेकर कहा कि उन्हें दुख है। मगर उन्होंने यह लिखा कि इरिना की जान लेने वाला वीडियो अब जनता के सामने है और वे अपने मीडिया साझेदारों और कम्युनिटी के सदस्यों का आभार व्यक्त करना चाहती हैं, जिन्होंने इस फुटेज को इरिना के परिजनों को ध्यान में रखते हुए, साझा न करना चुना।
इसे लेकर वे निशाने पर हैं और लोग कह रहे हैं कि आखिर इस घटना के वीडियो को दबाकर क्यों रखा गया? क्या राजनीति किसी युवती की जान से बढ़कर है या फिर मेयर की सहानुभूति कातिल के साथ है? इस घटना को लेकर लोग मीडिया के कवरेज से भड़के हैं और पूछ रहे हैं कि आखिर इस हत्या पर मीडिया में इतनी चुप्पी क्यों है?
















