SCO Summit : भारत-रूस-चीन की नजदीकी देख ट्रंप को कोसा अमेरिकी ​मीडिया ने, लिखा-25 साल की मेहनत पर फेर दिया पानी
August 24, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम विश्व

SCO Summit : भारत-रूस-चीन की नजदीकी देख ट्रंप को कोसा अमेरिकी ​मीडिया ने, लिखा-25 साल की मेहनत पर फेर दिया पानी

एससीओ सम्मेलन में भारत की सक्रियता और अमेरिका की अनुपस्थिति ने एक बड़ा संदेश दिया है कि दुनिया अब केवल पश्चिम के इर्द-गिर्द नहीं घूमती। भारत की मौजूदगी ने एससीओ को जी7 और 'नाटो' जैसे पश्चिमी संगठनों के समकक्ष बनने की ओर बढ़ाया है

Written byAlok GoswamiAlok Goswami
Sep 1, 2025, 07:32 pm IST
inविश्व, विश्लेषण
एससीओ समिट में भारत-रूस-चीन की नजदीकी

एससीओ समिट में भारत-रूस-चीन की नजदीकी

चीन के तिआनजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन विश्व राजनीति में एक नया मोड़ लाता दिख रहा है। भारत, चीन और रूस जैसे शक्तिशाली देशों की एकजुटता ने पश्चिमी देशों, विशेषकर अमेरिका में रणनीतिक रूप से एक खलबली सी पैदा की है जो उस अमेरिकी मीडिया में साफ झलक रही है जिसने आपरेशन सिंदूर के दौरान पश्चिम परस्त एजेंडा चलाते हुए नकारात्मक रिपोर्टिंग की थी। अमेरिकी मीडिया, विशेष रूप से सीएनएन, न्यूयॉर्क टाइम्स और ब्लूमबर्ग जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की रिपोर्टिंग से भारत के एक विश्व शक्ति के तौर पर उभरने को लेकर उनकी बेचैनी स्पष्ट रूप से दिखती है।

भारत इस बार तिआनजिन में आयोजित एससीओ सम्मेलन में सक्रिय भागीदारी कर रहा है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राष्ट्रपति शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन के साथ भेंट न केवल द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में हुई हैं, बल्कि ये एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की ओर संकेत भी करती हैं। भारत ने स्पष्ट किया कि उसके संबंध चीन या रूस के साथ किसी तीसरे देश की दृष्टि से नहीं देखे जाने चाहिए। मोदी और जिनपिंग ने सीमा विवाद, व्यापार घाटे और वैश्विक सहयोग पर चर्चा की, जिससे भारत-चीन संबंधों को नई दिशा मिली। इसी प्रकार मोदी ने रूस के नेता पुतिन से बीच ऊर्जा सहयोग, व्यापार संतुलन और आर्कटिक शेल्फ जैसे मुद्दों पर गंभीर वार्ता की है।

मोदी और जिनपिंग ने सीमा विवाद, व्यापार घाटे और वैश्विक सहयोग पर चर्चा की

अमेरिकी मीडिया इस सम्मेलन को भारत-अमेरिका संबंधों के परिप्रेक्ष्य में देख रहा है। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने भारत को चीन और रूस के खेमे की ओर जाने दिया है। यह ट्रंप प्रशासन पर एक गंभीर आरोप है, क्योंकि भारत पिछले दो दशकों से अमेरिका का रणनीतिक साझेदार रहा है। अमेरिकी मीडिया लिख रहा है कि ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ ने द्विपक्षीय व्यापार को नुकसान पहुंचाया है। रूस से तेल खरीदने पर भारत को अतिरिक्त टैरिफ झेलना पड़ रहा है, जिससे अमेरिका-भारत संबंधों में तनाव आया है।

अमेरिकी विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप ने 25 वर्ष की मेहनत को एक झटके में बर्बाद कर दिया है। एससीओ सम्मेलन में भारत की सक्रियता और अमेरिका की अनुपस्थिति ने एक बड़ा संदेश दिया है कि दुनिया अब केवल पश्चिम के इर्द-गिर्द नहीं घूमती। चीन, रूस और भारत जैसे देश मिलकर एक नई विश्व व्यवस्था की नींव रख रहे हैं। सम्मेलन में शी जिनपिंग ने स्पष्ट कहा कि अब ताकत केवल पश्चिम के हाथ में नहीं रहेगी। भारत की मौजूदगी ने एससीओ को जी7 और ‘नाटो’ जैसे पश्चिमी संगठनों के समकक्ष बनने की ओर बढ़ाया है। छोटे और मध्यम आकार के देशों की भागीदारी ने इस सम्मेलन को वैश्विक मंच बना दिया है।

अमेरिकी मीडिया की बेचैनी केवल भारत की कूटनीतिक दिशा को लेकर नहीं है, बल्कि यह उस वैश्विक बदलाव की प्रतिक्रिया है जिसमें अमेरिका के वर्चस्व को चुनौती दी गई है। भारत ने अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखते हुए चीन और रूस के साथ सहयोग बढ़ाया है, जो अमेरिका के लिए एक चेतावनी है। अमेरिकी मीडिया का कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों ने भारत को मजबूर किया कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए नए साझेदारों की ओर देखे। एससीओ सम्मेलन ने यह साबित कर दिया कि भारत अब केवल एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि वैश्विक संतुलन का निर्णायक खिलाड़ी है।

अमेरिका के बड़े अखबार लिख रहे हैं कि इस बदलते परिदृश्य में अमेरिका को भारत के साथ संबंधों को पुनः परिभाषित करना होगा, अन्यथा वह एशिया में अपनी रणनीतिक पकड़ खो सकता है। भारत ने यह दिखा दिया है कि वह किसी भी खेमे का हिस्सा नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र ध्रुव है—जो अपने हितों के अनुसार निर्णय लेने में सक्षम है।

Topics: अमेरिकाIndiaAmericaChinarussiaMediasco summit chinaभारतचीनरूस
Alok Goswami
Alok Goswami
A Delhi based journalist with over 25 years of experience, have traveled length & breadth  of the country and been on foreign assignments too. Areas of interest include Foreign Relations, Defense, Socio-Economic issues, Diaspora, Indian Social scenarios, besides reading and watching documentaries on travel, history, geopolitics, wildlife etc. [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

हॉकी विश्व कप : भारत-पाकिस्तान की टक्कर कल, सेमीफाइनल की दौड़ में भारतीय टीम को ड्रॉ भी काफी

सुरक्षा एजेंसियों की ISI समर्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, 14 राज्यों से 253 संदिग्ध हिरासत में, 80 FIR

रणधीर जायसवाल

मक्का रक्षा समझौते का हो रहा विश्लेषण, भारत अपने हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध

AI generated image

मक्का समझौता: आज ईरान के खिलाफ सुरक्षा कवच, कल किसके खिलाफ बड़ा रणनीतिक खेल?

पावेल डुरोव

रूस की इंटरनेशनल वांटेड सूची में टेलीग्राम के संस्थापक पावेल डुरोव, आतंकी गतिविधियों में मदद का आरोप

काठमांडू में होने वाले तिब्बत सम्मेलन पर क्यों बौखलाया ‘चीन’? नेपाल पर प्रेशर डालकर करवा दिया ये काम

Load More

ताज़ा समाचार

प्रतीकात्मक तस्वीर

एसआईआर में शिकायत नहीं, आपत्तियों के निस्तारण में सहयोग करे कांग्रेस – महेंद्र भट्ट

Ajeet doval on BSF

PM मोदी-शी जिनपिंग की मुलाकात से पहले चीन के दौरे पर अजीत डोभाल, सीमा विवाद समेत कई मुद्दों पर चर्चा होगी

पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए श्री मुकुंदा सी. आर.। साथ में हैं श्री सुनील आंबेकर

अखिल भारतीय समन्वय बैठक : ‘संघ की शाखाओं में 60 प्रतिशत युवा’

कनाडा को 51वां राज्य बनाने की बात दोहराते हुए ट्रंप ने लगाया भारी टैरिफ, मार्क कार्नी बोले- हम पर हमला हुआ

गिनी की राजधानी कोनाक्री में कचरा स्थल पर भूस्खलन, 30 लोगों की मौत

आज का श्लोक : श्रद्धावतः सुचारित्र्यान् सौजन्यविनयान्वितान्।

आज का राशिफल

24 अगस्त राशिफल: इन राशियों को नौकरी-कारोबार में मिलेगी सफलता, जानें अपना भविष्यफल

24 अगस्त का पंचांग

24 अगस्त पंचांग: जानें तिथि, नक्षत्र, ग्रह स्थिति, शुभ मुहूर्त और दिशाशूल

पुरानी पेंशन की मांग को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान के गांव को घेरने जाते कर्मचारी

पुरानी पेंशन को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान का गांव घेरने गए कर्मचारियों पर चली वाटर कैनन

भोपाल में 31वीं पावस व्याख्यानमाला के आयोजन पर पुस्तक का विमोचन करते नरेंद्र सिंह तोमर। साथ में अन्य गणमान्य।

31वीं पावस व्याख्यानमाला: भोपाल में साहित्य, अध्यात्म और सामाजिक समरसता पर जुटे विद्वान

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies