छांगुर जैसा ही कन्वर्जन सिंडिकेट बरेली में भी चल रहा था। जिसका पुलिस ने खुलासा किया है। यहां भुता के मदरसे में मौलाना और उसके साथी मतांतरण का गिरोह चला रहे थे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ये लोग राजकीय इंटर कॉलेज के दिव्यांग प्रवक्ता का कन्वर्जन करा चुके थे। प्रवक्ता के खतना कराने की तैयारी चल रही थी तभी पुलिस पहुंच गई और गिरोह के सरगना अब्दुल मजीद सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा का कहना है कि आरोपी दिव्यांगों को शादी का लालच देकर मतांतरण कराते थे। अलीगढ़ के थाना क्वारसी क्षेत्र की अखिलेश कुमारी ने भुता थाने में फैजनगर निवासी अब्दुल मजीद, महमूद बेग, सलमान और आरिफ व एक अन्य के खिलाफ तहरीर दी थी। जिसमें उन्होंने कहा था कि आरोपी उनके दृष्टिबाधित पुत्र प्रभात उपाध्याय को शादी का लालच दे रहे थे। उसे जबरन फैजनगर स्थित मदरसे में रोक रखा है। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस का कहना है कि चार-पांच लोग प्रभात को घेरे बैठे थे और उसका खतना कराया जा रहा था। पीड़ित हिंदू प्रभात को हामिद बनाया जाना था।

पुलिस को तलाशी में आरोपियों के पास से 10 पुस्तकें और 12 सीडी मिली हैं। इनमें कट्टरपंथी जाकिर नाइक के वीडियो भी हैं। आरोपियों के पास से कन्वर्जन के कई दस्तावेज भी मिले हैं। पुलिस ने थाना भुता के फैजनगर निवासी अब्दुल मजीद, सुभाष नगर के करेली निवासी सलमान, आरिफ, थाना भोजीपुरा के सैदपुर चुन्नीलाल निवासी फईम को गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी बरेली के सुभाषनगर क्षेत्र निवासी ब्रजपाल साहू को अब्दुल्ला बना चुके थे। उसकी बहन राजकुमारी का मतांतरण कर आयशा और मां ऊषा कुमारी को अमीना बनाया था। पुलिस को आरोपियों के मदरसे में विदेशी फंडिंग का शक है जिसकी जांच की जा रही है।

















