पंजाब में भाजपा द्वारा केंद्रीय योजनाओं के जनजागरुकता कैंप लगाने को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार व भारतीय जनता पार्टी में टकराव बढ़ गया है। पुलिस ने आज अबोहर में भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष चौधरी सुनील कुमार जाखड़ को फाजिल्का के एक गांव रायपुर स्थित कैंप में जाने से रोका तो वे अपने समर्थकों के साथ वहीं धरने पर बैठ गए। पुलिस ने कल वीरवार को प्रदेश भर से लगभग 50 भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। वहीं भाजपा ने राज्यपाल श्री गुलाबचन्द कटारिया को ज्ञापन दे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की। पार्टी ने सरकार के इन आरोपों को नकारा कि भाजपा लोगों के निजी डाटा की चोरी कर रही है, पार्टी के नेताओं क कहना है कि केंद्र सरकार की सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) के तहत यह काम किया जा रहा है।
सुनील जाखड़ का काफिला रोका, धरने पर बैठे कार्यकर्ता
अबोहर में आज पुलिस ने पंजाब भाजपा प्रदेशाध्य सुनील जाखड़ का काफिला रोक लिया, जिसके बाद सुनील जाखड़, पूर्व मंत्री सुरजीत ज्याणी समेत सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता व नेता सडक़ पर धरना लगा कर बैठ गए। वीरवार को अबोहर के गांव रायपुरा में पुलिस ने कैंप लगाकर बैठे भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया था। इसके बाद सुनील जाखड़ ने एलान किया था कि वे शुक्रवार को खुद अबोहर के गांव रायपुरा में कैंप लगाने के लिए पहुंचेंगे।
रायपुरा कैंप में नाकाबंदी और पुलिस कार्रवाई
सुनील जाखड़ सुबह करीब 10 बजे अपने निवास से काफिले सहित गांव रायपुरा के लिए रवाना हुए लेकिन उन्हें रायपुरा जाने से पहले ही सीतो रोड पर काला टिब्बा टोल प्लाजा के निकट पुलिस ने रोक लिया। जिला पुलिस ने वहां थ्री लेयर बेरिकेड लगा रखे थे। जिला के एसएसपी गुरमीत सिंह ने इस मौके पर कहा कि हालात न बिगड़े, इसलिए यह नाकाबंदी की गई है। दूसरी ओर फाजिल्का में पंजाब पुलिस ने भाजपा के जिला प्रधान सुखविंदर सिंह काका कंबोज को हिरासत में लिया है। सुखविंदर सिंह काका का कहना है कि वह लोग अपनी पार्टी के आदेश पर लोगों की भलाई के लिए कैंप लगाया हुआ था। कैंप में सभी गरीब लोग आए हुए थे किसी भी व्यक्ति से कोई पैसा भी नहीं लिया जा रहा था, लेकिन वहां पर पंजाब पुलिस के अधिकारी पहुंचे और उन्हें जबरन हिरासत में ले लिया।
आप सरकार के डाटा चोरी के आरोप
दूसरी ओर आम आदमी पार्टी की सरकार ने राज्य के डिप्टी कमिशनरों को आदेश जारी कर बिना अधिकार के निजी डाटा एकत्रित करने वालों पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। सरकार का आरोप है कि भाजपा के अभियान ‘आ गए भाजपा वाले तुहाडे दवार’ के जरिए लोगों का निजी डाटा एकत्रित कर रही है। जबकि भाजपा का कहना है कि यह सुविधा शिविर केंद्र सरकार की सीएससी योजना के तहत लगाए जा रहे हैं। भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने कहा कि सरकार जितनी भी गिरफ्तारियां कर ले, उनके कैंप जारी रहेंगे।
क्या है सीएससी योजना?
जन सेवा केंद्र ग्रामीण और दूरदराज के स्थानों पर भारत सरकार की ई-सेवाएं पहुंचाने के लिए भौतिक सुविधाएं हैं जहां कंप्यूटर और इंटरनेट की उपलब्धता कम या ज्यादातर अनुपस्थित है। वे एक ही भौगोलिक स्थान पर कई लेनदेन के लिए सुविधाएं प्रदान करने के लिए बहु-सेवा-एकल-बिंदु मॉडल हैं। जनसेवा केंद्र देश के ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में नागरिकों को बी2सी सेवाओं के अलावा आवश्यक सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं, सामाजिक कल्याण योजनाओं, स्वास्थ्य देखभाल, वित्तीय, शिक्षा और कृषि सेवाओं की डिलीवरी के लिए पहुंच बिंदु हैं। यह देश की क्षेत्रीय, भौगोलिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को ध्यान में रखते हुए एक अखिल भारतीय नेटवर्क है, जो सामाजिक, वित्तीय और डिजिटल रूप से समावेशी समाज के सरकार के लक्ष्य को पूरा करता है।
मनीष सिसोदिया का विवादित बयान
आम आदमी पार्टी के बड़े नेता मनीष सिसौदिया ने 13 अगस्त को पार्टी के एक कार्यक्रम में कहा था कि चुनाव जीतने के लिए सच-झूठ, लड़ाई-झगड़ा हर हथकंडा अपनाना है। 13 अगस्त रात को को मोहाली में आम आदमी पार्टी की महिला विंग की एक वर्कशॉप आयोजित की गई थी। इस दौरान मनीष सिसोदिया महिला विंग को संबोधित करते हुए कहा कि आप के सभी काम लेकर महिला टीम घर-घर जाएगी। महिला विंग का असली पड़ाव है, 2027 का चुनाव जितवाना। 2027 के चुनाव जितवाने के लिए साम, दाम, दंड, भेद, सच-झूठ, क्वेश्चन-आंसर, लड़ाई-झगड़ा जो करना पड़े, करेंगे। क्या आप लोग तैयार हैं? पार्टी द्वारा अपनाई गई वर्तमान रणनीति को इसी प्रसंग से जोड़ कर देखा जा रहा है।
आप ने खुद जुटाया था निजी डाटा
यह रोचक है कि आम आदमी पार्टी की सरकार भाजपा पर लोगों की निजी जानकारी का डाटा चोरी करने का आरोप लगा रही है जबकि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले खुद आम आदमी पार्टी ने मुफ्त बिजली योजना, महिलाओं को हजार रुपये प्रतिमाह देने की योजना के लिए लोगों से फार्म भरवाए थे और जिसमें उनसे निजी जानकारियां मांगी गई थीं। गत लोकसभा चुनाव में कांग्रेस भी किसानों के कर्जा माफी को लेकर यही काम कर चुकी है।
















