उत्तर प्रदेश के मेरठ में टोल प्लाजा पर सेना के जवान के साथ मारपीट के मामले में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ी कार्रवाई की है। NHAI ने टोल कलेक्टिंग एजेंसी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही एजेंसी से कॉन्ट्रेक्ट खत्म कर लिया है। दरअसल, मेरठ-करनाल हाईवे पर स्थित भूनी टोल प्लाजा पर रविवार (17 अगस्त) को टोलकर्मियों ने सेना के जवान को खंबे से बांधकर उन्हें बेरहमी से पीटा। सोशल मीडिया पर मारपीट का वीडियो भी सामने आया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद घर लौटे जवान के साथ हुई इस घटना से गुस्साए सैकड़ों ग्रामीण सोमवार (18 अगस्त) को मेरठ टोल प्लाजा पर इकट्ठा हुए। उन्होंने टोल प्लाजा में तोड़फोड़ की। बूथ तोड़ दिए और बूम बैरियर उखाड़ फेंके। पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
जाम में फंसे कपिल को था फ्लाइट छूटने का डर
रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय सेना का जवान कपिल छुट्टी के बाद वापस ड्यूटी पर लौट रहा था। टोल प्लाजा पर ट्रैफिक जाम में फंसने के बाद, उन्होंने वहां से जल्दी निकलने देने की गुहार लगाई। इस पर टोलकर्मियों ने उन्हें खंभे से बांधकर लात-घूंसों और लाठियों से बेरहमी से पीटा। एसपी (देहात) राकेश कुमार मिश्रा ने मीडियाकर्मियो से बताया, “यह रविवार की घटना है। थाना सरूरपुर के गोटका गांव में रहने वाले कपिल भारतीय सेना में कार्यरत हैं। कल वह अपनी छुट्टी पूरी करके वापस काम पर जा रहे थे, उनकी फ्लाइट थी। जब वह भूनी टोल प्लाजा पर पहुंचे तो वहां गाड़ियों की लाइन लगी थी, उन्हें फ्लाइट पकड़ने की जल्दी थी। इसके लिए उन्होंने टोलकर्मियों के साथ बात की। इस दौरान वाद विवाद हुआ और टोलकर्मियों ने उनकी पिटाई कर दी। अब तक इस मामले में कुल 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 1-2 लोग वीडियो में और दिख रहे हैं, उनको भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।”
जानें क्या है पूरा मामला
मेरठ-करनाल हाईवे पर भूनी टोल के कर्मचारियों ने रविवार रात गोटका गांव निवासी सेना के जवान कपिल पर हमला कर दिया। बचाव करने पर उसके चचेरे भाई शिवम को भी आरोपियों ने पीटा। इससे दोनों भाई घायल हो गए। ग्रामीणों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए हंगामा किया तो आरोपी भाग गए। इसके बाद घायल जवान के पिता कृष्णपाल ने सरूरपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। राजपूत बटालियन के जवान कपिल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान श्रीनगर में तैनात थे। कांवड़ यात्रा के दौरान वह छुट्टी पर घर आए थे।
कपिल ने बताया कि सोमवार को उन्हें श्रीनगर में ड्यूटी पर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी थी। उनकी सोमवार सुबह पांच बजे दिल्ली से फ्लाइट थी। रविवार रात 9 बजे उनका चचेरा भाई शिवम कार से उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट छोड़ने के लिए जा रहा था। जैसे ही वह भूनी टोल पर पहुंचे तो कार को टोल से निकलने के लिए कपिल ने कर्मचारियों को अपना आईडी कार्ड और अवकाश पत्र दिखाया। इसके बावजूद टोल कर्मचारियों ने उनका आईडी कार्ड व मोबाइल फोन छीन लिया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया। इस दौरान कपिल वर्दी में नहीं थे। आरोपियों ने मारपीट कर उनके कपड़े भी फाड़ दिए। पूरी घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई। दोनों भाइयों ने किसी तरह अपनी जान बचाई और इसकी सूचना पुलिस व ग्रामीणों को दी।
यूजर्स ने की विशेष कानून बनाने की मांग
वहीं सोशल मीडिया पर जवान की पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स भी काफी आक्रोशित हैं। उन्होंने जवानों के साथ इस तरह का व्यवहार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

















