सिंधु जल संधि नेहरू की सबसे बड़ी भूल, संसद की अवहेलना की, भारत की जीवनरेखा को दांव पर लगाया : नड्डा
August 8, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

सिंधु जल संधि नेहरू की सबसे बड़ी भूल, संसद की अवहेलना की, भारत की जीवनरेखा को दांव पर लगाया : नड्डा

भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने कहा कि पंडित नेहरू ने संसद की अवहेलना की, भारत की जीवनरेखाओं को दांव पर लगा दिया और पीढ़ियों तक भारत के हाथ बांध दिए।

Written byPanchjanyaPanchjanya
Aug 18, 2025, 08:29 pm IST
inभारत

नई दिल्ली, (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सिंधु जल संधि-1960 को लेकर कांग्रेस पर हमला बोला और इसे तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की सबसे बड़ी भूल करार दिया है। नड्डा ने सोमवार को एक्स पोस्ट में कहा कि 1960 की सिंधु जल संधि, पंडित नेहरू की सबसे बड़ी भूलों में से एक थी, जिसमें राष्ट्रीय हितों को व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं की बलि चढ़ा दिया गया था।

देश को यह जानना चाहिए कि जब पंडित नेहरू ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए थे, सिंधु बेसिन का 80 प्रतिशत पानी पाकिस्तान को सौंप दिया था। यह एक ऐसा फैसला था जिसने भारत की जल सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को हमेशा के लिए खतरे में डाल दिया था। सबसे भयावह पहलू यह था कि उन्होंने यह काम भारतीय संसद से परामर्श किए बिना किया था। इस संधि पर सितंबर 1960 में हस्ताक्षर किए गए थे। हालांकि इसे संसद में दो महीने बाद नवंबर में केवल दो घंटे की औपचारिक चर्चा के लिए रखा गया था।

भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने कहा कि पंडित नेहरू ने संसद की अवहेलना की, भारत की जीवनरेखाओं को दांव पर लगा दिया और पीढ़ियों तक भारत के हाथ बांध दिए।

अगर प्रधानमंत्री मोदी का साहसिक नेतृत्व और ‘राष्ट्र प्रथम’ के प्रति उनकी प्रतिबद्धता न होती, तो आज भी भारत एक व्यक्ति के गलत आदर्शवाद की कीमत चुकाता रहता। सिंधु जल संधि को स्थगित करके, प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस द्वारा की गई एक और गंभीर ऐतिहासिक भूल को सुधारा है।

उन्होंने कहा कि जब पंडित नेहरू अंततः उठे तो उनके तर्क न केवल अप्रभावी थे, बल्कि राष्ट्रीय भावना से भी काफी दूर थे। अपनी ही पार्टी के साथियों के कड़े विरोध के बावजूद उन्होंने सिंधु जल संधि का बचाव किया और इसे भारत के लिए लाभकारी बताया।

मानो यह पर्याप्त न हो, उन्होंने राष्ट्र की पीड़ा को यह कहकर छोटा कर दिया– “विभाजन किसका? एक बाल्टी पानी का?”

उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने अंतरराष्ट्रीय संधियों से जुड़े इस फैसले को संसद की मंजूरी की परवाह किए बिना लिया, जिसमें भारत के महत्वपूर्ण संसाधन सौंप दिए गए। चोट पर नमक छिड़कते हुए उन्होंने उन सांसदों की राय का उपहास किया जो राष्ट्रीय हित की बात कर रहे थे, और कहा कि उनका दृष्टिकोण बहुत संकुचित है।

नड्डा ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने नेहरू की सिंधु जल संधि की कड़ी आलोचना की थी। उन्होंने चेताया था कि तत्कालीन प्रधानमंत्री का यह तर्क कि पाकिस्तान की अनुचित मांगों के आगे झुकने से मित्रता और सद्भावना बनेगी, बिल्कुल त्रुटिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सच्ची मित्रता अन्याय पर आधारित नहीं हो सकती। यदि पाकिस्तान की अनुचित मांगों का विरोध करने से संबंध बिगड़ते हैं तो बिगड़ने दीजिए।

यही वह स्पष्टता थी, जिसके साथ अटल जी ने भारत के राष्ट्रीय हित को सर्वोपरि रखा।

Topics: Jawaharlal Nehru Indus Water TreatyJP Nadda on Indus Water TreatySindu Jal Sandhiअटल बिहारी वाजपेयीमोदी सरकारसिंधु जल संधि 1960जवाहरलाल नेहरू की भूलजेपी नड्डा सिंधु जल संधि
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

Explainer: भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप, MODI की टेक क्रांति, बूम पर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग

मुरली मनोहर जोशी

अमिट अटल : ‘संघ से जुड़ी है हमारी नाल’

अमिट अटल : ‘पत्रकारिता में यथार्थ सूचना के पक्षधर थे अटल जी’

पाञ्चजन्य विशेष : बारह बरस की करवट

दीनदयाल जी, अटल जी के नाम पर सम्मान

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी

नेहरू का टूटता रिकॉर्ड और भारतीय सांस्कृतिक पुनर्स्थापना

Load More

ताज़ा समाचार

AI generated image

मक्का समझौता: आज ईरान के खिलाफ सुरक्षा कवच, कल किसके खिलाफ बड़ा रणनीतिक खेल?

पुस्तक का लोकार्पण करते (बाएं से ) डॉ. कृष्ण गोपाल, स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज और अन्य अतिथि

‘गीता मनुष्य को उसके कर्तव्य का कराती है बोध’

AI generated image

पाकिस्तान में मासूम बच्चे भी सुरक्षित नहीं? रिपोर्ट में शोषण के मामलों का बड़ा खुलासा

आभासी दुनिया और इनके बीच खोते मानवीय संस्कार

वीडियो कॉल पर अंतिम विदाई और आभासी दुनिया का भ्रम : ‘कुटुम्ब प्रबोधन’ की चीखती अनिवार्यता

कार्यक्रम

उत्तराखंड में 9.87 लाख पेंशन लाभार्थियों को ₹146.32 करोड़ की पेंशन जारी

घुमंतू समाज को दर-दर की ठोकरें नहीं खानी पड़ेंगी, सम्मान के साथ मिलेगा विकास का अवसर: CM योगी आदित्यनाथ

उत्तराखंड में बनेगा खेल का नया हब! 29 अगस्त से शुरू होगा पहले खेल विश्वविद्यालय का पहला सत्र

घटना स्थल

गंगा में गिरने से बाल-बाल बची कांवड़ियों से भरी पिकअप, खाई के मुहाने पर अटका वाहन; सभी लोग सुरक्षित

प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड के रवि टम्टा ने बना दी ‘स्काई कार’, हवा में भरी उड़ान; CM धामी ने की जमकर तारीफ

5 घंटे तक जिंदगी और मौत से लड़ती रही मासूम; अस्पतालों ने नहीं किया इलाज, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies