भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और महान लेग स्पिनर अनिल कुंबले और उनकी पत्नी चेतना कुंबले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह वीडियो विश्व संस्कृत दिवस (9 अगस्त) का है, जिसमें दोनों संस्कृत भाषा में लोगों को बधाई देते हुए दिख रहे हैं। तीन दिन बाद भी यह वीडियो खूब शेयर किया जा रहा है, और यूजर्स को यह पहल बहुत पसंद आ रही है।
कुंबले की पत्नी, चेतना कुंबले, जो एक प्रसिद्ध साहित्यकार हैं और उन्होंने इंग्लिश लिटरेचर में पोस्ट-ग्रेजुएशन किया है, ने भी इस दौरान सभी से संस्कृत को पढ़ने, सीखने और बढ़ावा देने का अनुरोध किया। उन्होंने संस्कृत के महत्व और इसकी सांस्कृतिक विरासत के बारे में भी बात की।
कुंबले का सनातन धर्म से जुड़ाव और संस्कृत सप्ताह
यह पहली बार नहीं है जब कुंबले परिवार का सनातन धर्म से जुड़ाव सामने आया है। इससे पहले, महाकुंभ के दौरान अनिल कुंबले और चेतना की एक तस्वीर भी वायरल हुई थी। ‘नमामि गंगे’ अकाउंट ने इसे सनातन धर्म की अनंत परंपरा को नमन करने वाला अद्भुत क्षण बताया था।
भारत सरकार ने 1969 में पहली बार संस्कृत दिवस मनाया था, और तब से हर साल संस्कृत सप्ताह का आयोजन किया जाता है। इस साल यह सप्ताह 6 से 12 अगस्त तक मनाया जा रहा है।
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— Samskrita Bharati (@samskritbharati) August 9, 2025
संस्कृत का वैज्ञानिक और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव
संस्कृत को दुनिया की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक माना जाता है, और इसके कई वैज्ञानिक फायदे भी हैं। एक शोध के अनुसार:
मानसिक बीमारियों का इलाज: संस्कृत के श्लोकों के उच्चारण से न केवल जीवन में सकारात्मकता आती है, बल्कि यह मानसिक बीमारियों के इलाज में भी सहायक हो सकता है।
मस्तिष्क पर विशेष प्रभाव: संस्कृत का मस्तिष्क पर एक अनूठा प्रभाव पड़ता है, जो अन्य भाषाओं के शब्दों या ध्वनियों से संभव नहीं है।
अल्जाइमर में लाभ: संस्कृत के श्लोकों का उच्चारण और उन्हें सुनने से अल्जाइमर जैसी मानसिक बीमारियों के इलाज में भी मदद मिल सकती है।

















