राहुल गांधी को देश को बदनाम करने में आता है मजा? उनके झूठे और विवादित बयान 'गवाह'
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राहुल गांधी को देश को बदनाम करने में आता है मजा? उनके झूठे और विवादित बयान ‘गवाह’

2024 के लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी ने अमेरिका के नेशनल प्रेस क्लब में भारतीय लोकतंत्र को ब्रोकन कहा। सितंबर 2023 में राहुल गांधी ने ब्रसेल्स में यूरोपियन यूनियन में कहा कि भारत में 'फुल स्केल एसॉल्ट'हो रहा है।  मई 2022 में लंदन में 'आइडियाज फॉर इंडिया' सम्मेलन में उन्होंने भारत की संस्थाओं को 'परजीवी' बताया। सवाल है कि आखिर कब तक राहुल गांधी झूठ पर झूठ फैलाते रहेंगे?

Written byLalit FularaLalit Fulara
Aug 4, 2025, 05:46 pm IST
inविश्लेषण, मत अभिमत

नई दिल्ली: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपने झूठे और विवादित शब्दों के जरिए देश को बदनाम करने में मजा आता है। भारतीयता, राष्ट्रवाद और देश प्रेम की भावना से ओत-प्रोत कोई भी नेता, राहुल गांधी की तरह झूठ नहीं फैलाएगा। राहुल गांधी ने 7 सितंबर, 2022 को ‘भारत जोड़ो’ (Rahul Gandhi Bharat Jodo Yatra ) यात्रा की शुरुआत की थी। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने अपने झूठों के जरिए भारत को जोड़ा नहीं बल्कि भारतीयता की भावनाओं को तोड़ा अधिक। उन्होंने भारतीय सेना को लेकर कई तरह के झूठ फैलाये। चीन के साथ सीमा गतिरोध को लेकर, सेना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर, अपमानजनक टिप्पणियां कीं।

‘भारत जोड़ो यात्रा’ में भारत की भावनाओं के विपरित काम

राहुल गांधी (Lies of Rahul Gandhi) ने अपनी इस यात्रा के दौरान बार-बार एक झूठ फैलाया। यह झूठ था ‘चीन ने भारत की 2 हजार वर्ग किलोमीटर की भूमि को अपने कब्जे में कर लिया है।’ राहुल गांधी ने इस झूठ को फैलाने के लिए सेना का ही सहारा लिया। उन्होंने कहा था कि यह बात उन्हें सेना के एक अधिकारी ने बताई थी। पर कभी राहुल गांधी इसे लेकर कोई विश्वसनीय सबूत न दे सकें और न ही सेना के उस अधिकारी के बारे में ही स्पष्टता दे सके। अपनी इसी यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी बार-बार टारगेट किया। उन्होंने जनता के सामने ऐसे झूठ परोसने की कोशिश की जिससे लोकतांत्रिक भावनाएं कमजोर हुईं।

इसे भी पढ़ें- संवैधानिक संस्थाओं को धमकाकर क्यों ‘लोकतंत्र’ कमजोर कर रहे हैं राहुल गांधी?

विदेशी ब्रांड की टी-र्शट पहन संघ को भी किया था टारगेट

राहुल गांधी ने अपनी इस यात्रा के दौरान कहा कि मोदी (Narendra Modi ) देश को नफरत की आग में झोंक रहे हैं। विदेशी ब्रांड की सफेद टी-शर्ट पहनकर कूल लुक में युवाओं को लुभाने के लिए निकले राहुल गांधी ने इस दौरान शब्दों की मर्यादाओं, और लोकतंत्र की भावनाओं को कई बार रौंदा। उन्होंने अपनी इस यात्रा के दौरान राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ को भी टारगेट करने की कोशिश की। संघ को अपमानित करने की कांग्रेस की पुरानी परंपरा को राहुल गांधी ने दाड़ी, टी-शर्ट वाले लुक में आगे बढ़ाया। उन्होंने 2023 में कहा- ’21वीं सदी के कौरव खाकी हाफ-पैंट पहनते हैं।’ आरएसएस पर राहुल गांधी के इस हमले के बाद काफी बवाल हुआ, लेकिन राहुल गांधी ने कभी इसके लिए माफी नहीं मांगी।

इसे भी पढ़ें-राहुल गांधी को सुप्रीम कोर्ट की फटकार, ‘सच्चे भारतीय होते तो कभी नहीं कहते चीन ने हड़प ली हमारी 2000 किमी जमीन’ 

अब सुप्रीम कोर्ट ने लगाई ऐसी फटकार की खुल गई राहुल की पोल

भारत जोड़ो यात्रा के दौरान सेना पर विवादित टिप्पणी करने वाले राहुल गांधी मानहानी का मुकदमा झेल रहे हैं। इसी की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को हुई। उच्चतम न्यायालय ने राहुल गांधी को न सिर्फ फटकार लगाई बल्कि उनको नसीहत तक दे डाली। अदालत ने राहुल गांधी से कहा कि अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो आप ऐसी बातें नहीं कहेंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने राहुल गांधी से पूछा कि उन्हें कैसे पता चला कि 2000 वर्ग किलोमीटर भूमि पर चीन ने कब्जा कर लिया है? क्या आप वहां थे? क्या आपके पास कोई विश्वसनीय सामग्री है? सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी से कहा कि आप विपक्ष के नेता हैं, संसद में अपनी बात कहें, सोशल मीडिया पर नहीं।

राहुल गांधी ने लांघी शब्दों की मर्यादा, बोला झूठ पर झूठ

राहुल गांधी ने कई बार शब्दों की मर्यादाओं को लांघा है और एक के बाद एक झूठ परोसा है। उन्होंने हाल ही में चुनाव आयोग को वोट चोर कहा। ट्रंप के सुर में सुर मिलाते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था को डेड बताया। ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाया। विदेश में भी वो चुनाव आयोग को ‘कंप्रोमाइज्ड’ बता चुके हैं। कई मौकों पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश की छवि को खराब कर चुके हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी ने अमेरिका के नेशनल प्रेस क्लब में भारतीय लोकतंत्र को ब्रोकन कहा। सितंबर 2023 में राहुल गांधी ने ब्रसेल्स में यूरोपियन यूनियन में कहा कि भारत में ‘फुल स्केल एसॉल्ट’हो रहा है।  मई 2022 में लंदन में ‘आइडियाज फॉर इंडिया’ सम्मेलन में उन्होंने भारत की संस्थाओं को ‘परजीवी’ बताया।  2018 में सिंगापुर में कहा कि भारत में डर और नफरत का माहौल है।सवाल यह है कि राहुल गांधी कब तक देश के भीतर और देश के बाहर भारतीयता की भावना को लेकर झूठ पर झूठ परोसते रहेंगे।

Topics: Supreme CourtRahul Gandhirahul gandhi defamation caseRahul Gandhi's controversial statementSupreme Court's warning to Rahul GandhiCongress
Lalit Fulara
Lalit Fulara
उत्तराखंड के अल्मोड़ा ज़िले के सुदूर स्थित छोटे से गाँव 'पटास' में पैदाइश. कला-साहित्य में विशेष रुचि. पहला नॉवेल 'घासी: लाल कैंपस का भगवाधारी' प्रकाशित. विगत 12 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय. करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से हुई और उसके बाद ज़ी न्यूज़, न्यूज़18, राजस्थान पत्रिका, अमर उजाला और इंडियाडॉटकॉम होते हुए वर्तमान में पांचजन्य डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. पत्रकारिता में एम.ए माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस से किया है. [Read more]
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