संवैधानिक संस्थाओं को धमकाकर क्यों 'लोकतंत्र' कमजोर कर रहे हैं राहुल गांधी?
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संवैधानिक संस्थाओं को धमकाकर क्यों ‘लोकतंत्र’ कमजोर कर रहे हैं राहुल गांधी?

बोलते-बोलते राहुल गांधी इतना बहक जाते हैं कि ऐसी स्थितियां भी पैदा कर देते हैं जिससे एक राष्ट्र के तौर पर भारत की छवि धूमिल होने की परिस्थिति पैदा हो जाती है। राहुल गांधी भारतीय लोकतंत्र को ब्रोकन तक कह चुके हैं।

Written byLalit FularaLalit Fulara
Aug 1, 2025, 06:02 pm IST
in विश्लेषण
राहुल गांधी, कांग्रेस नेता

राहुल गांधी, कांग्रेस नेता

कांग्रेस नेता राहुल गांधी अक्सर अपने विवादित बयानों के कारण सुर्खियों में रहते हैं। कभी ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाना, कभी भारतीय अर्थव्यवस्था को डेड कह देना और कभी कहना कि हमारी लड़ाई भारत राज्य से है। ये सारे बयान राहुल गांधी की अपरिपक्वता को दर्शाते हैं। स्थिति ऐसी है कि कई बार वो अपने बयानों से अपने ही पार्टी के नेताओं को असहज कर देते हैं। एक विवाद थमता नहीं कि राहुल गांधी कोई दूसरा ऐसा बयान दे देते हैं, जिससे लोकतंत्र की गरिमा को चोट पहुंचती है। संवैधानिक संस्थाओं के सामने असहजता की स्थिति पैदा हो जाती है।

क्यों बार-बार धमकियों वाले अंदाज में आ जाते हैं राहुल गांधी?

अब ताजा मामला चुनाव आयोग को लेकर है। राहुल गांधी का कहना है कि चुनाव आयोग वोट चोरी करवा रहा है। राहुल गांधी इतने पर ही नहीं रुकते बल्कि चुनाव आयोग के अधिकारियों को धमकी तक दे डालते हैं। वो चुनाव आयोग के अधिकारियों से कहते हैं ‘हम आपको छोड़ेंगे नहीं।’

उन्होंने आगे धमकी वाले लहजे में कहा ‘रिटायर हो या कुछ भी हो, हम आपको ढूंढ निकालेंगे।’ सवाल यह है कि आखिर क्यों राहुल गांधी के मन में संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास और घृणा का भाव आ गया है। क्या लोकतंत्र और लोकतांत्रिक संस्थाएं नेताओं की धमकियों से चलती हैं? राहुल गांधी के धमकी वाले अंदाज से लगता है कि उनके भीतर राजनीतिक शुचिता सिकुड़ गई है।

पहले लोकतंत्र को बता चुके हैं ‘ब्रोकन’?

बोलते-बोलते राहुल गांधी इतना बहक जाते हैं कि ऐसी स्थितियां भी पैदा कर देते हैं जिससे एक राष्ट्र के तौर पर भारत की छवि धूमिल होने की स्थिति पैदा हो जाती है। राहुल गांधी भारतीय लोकतंत्र को ब्रोकन तक कह चुके हैं और इसी लोकतंत्र में कांग्रेस चुनाव जीतते हुए इतने सालों तक सत्ता पर काबिज रही थी। लेकिन वह जब बयानबाजी करते हैं, तो ये भूल जाते हैं।

संवैधानिक संस्थाओं और लोकतंत्र पर सीधा हमला कर रहे हैं राहुल गांधी

राहुल गांधी के लोकसभा में चुनाव आयोग पर दिए गए बयान को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं को धमकाने और लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी संवैधानिक संस्थाओं को धमकी दे रहे हैं। विपक्ष एक सुनियोजित और दुर्भावनापूर्ण योजना के तहत संवैधानिक संस्थाओं की छवि को खराब करने में जुटा है। यह सीधे-सीधे लोकतंत्र पर हमला है।

राहुल गांधी की शैली से विपक्ष के भीतर भी असहमति बढ़ रही है। अब तो विपक्षी दलों के नेता भी आंतरिक रूप से राहुल गांधी का विरोध करने लगे हैं। लोग यह कहने लगे हैं कि राहुल गांधी एक गंदी राजनीति खेल रहे हैं और देश की छवि को नष्ट करना चाहते हैं। यही कारण है कि जब राहुल गांधी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को डेड बताया तो कांग्रेस के ही नेता शशि थरूर ने उनको करारा जवाब दिया, और उनके बयान से असहमति व्यक्त की। दरअसल, राहुल गांधी यह भूल जाते हैं कि उनके बयानों से अन्य देशों को समर्थन मिलने लगता है। वह जब भारतीय अर्थव्यस्था को डेड बताते हैं तो भारत को धमकाने और टैरिफ लगाने वाले ट्रंप के पक्ष में खड़े हो जाते हैं। ट्रंप के सुर में सुर मिलाने लगते हैं।

Topics: Rahul Gandhi's controversial statementCongressRahul GandhiElection Commission
Lalit Fulara
Lalit Fulara
उत्तराखंड के अल्मोड़ा ज़िले के सुदूर स्थित छोटे से गाँव 'पटास' में पैदाइश. कला-साहित्य में विशेष रुचि. पहला नॉवेल 'घासी: लाल कैंपस का भगवाधारी' प्रकाशित. विगत 12 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय. करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से हुई और उसके बाद ज़ी न्यूज़, न्यूज़18, राजस्थान पत्रिका, अमर उजाला और इंडियाडॉटकॉम होते हुए वर्तमान में पांचजन्य डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर के तौर पर कार्यरत. पत्रकारिता में एम.ए माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के नोएडा कैंपस से किया है. [Read more]
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