गत जुलाई को चित्रकूट में दीनदयाल शोध संस्थान की वार्षिक साधारण सभा की बैठक आयोजित हुई। इसमें देश के सुदूर क्षेत्रों, गोण्डा, बीड, नागपुर, दिल्ली, चित्रकूट आदि में संस्थान के विभिन्न प्रकल्पों के माध्यम से समाज, राष्ट्र में अपनी सेवाएं दे रहे कार्यकर्ताओं सहित साधारण सभा के प्रतिनिधि के रूप में विविध क्षेत्रों के सामाजिक कार्यकर्ता सहभागी रहे।
बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक एवं दीनदयाल शोध संस्थान के संपर्क अधिकारी श्री सुरेश सोनी ने कहा कि संस्थान के कुछ प्रकल्पों, जैसे राम दर्शन, उद्यमिता विद्यापीठ, आरोग्यधाम, रसशाला को आत्मनिर्भर बनाना होगा। समाज में अपरिमित ऊर्जा है।
उसका उपयोग कर ग्रामवासियों को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाया जा सकता है। साधारण सभा में दीनदयाल शोध संस्थान की राष्ट्रीय कार्यसमिति का पुनर्गठन हुआ। प्रत्येक 5 वर्ष के अंतराल पर गठित होने वाली नई कार्यसमिति में अध्यक्ष की कमान मध्य क्षेत्र संघचालक एवं रायपुर के प्रख्यात ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना को दी गई।
इनके अलावा प्रधान सचिव के रूप में नागपुर के श्री निखिल मुंडले एवं संगठन सचिव के नाते श्री अभय महाजन को पुनः जिम्मेदारी दी गई। श्री वसंत पंडित को कोषाध्यक्ष का दायित्व दिया गया। नई कार्यसमिति में 12 पदाधिकारियों सहित 70 लोगों को शामिल किया गया है। कार्यसमिति का कार्यकाल 2025 से 2030 तक रहेगा।

















