ओडिशा की उड़ान : भुवनेश्वर में शुरू हुआ पाञ्चजन्य ‘सुशासन संवाद', संपादक हितेश शंकर ने दिखाया Panchjanya का बढ़ता आकार
October 4, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

ओडिशा की उड़ान : भुवनेश्वर में शुरू हुआ पाञ्चजन्य ‘सुशासन संवाद’, संपादक हितेश शंकर ने दिखाया Panchjanya का बढ़ता आकार

भुवनेश्वर में पाञ्चजन्य का ‘सुशासन संवाद: ओडिशा की उड़ान’ का भव्य आयोजन आरंभ। हितेश शंकर ने अपने उद्बोधन में रखी कार्यक्रम की सम्पूर्ण रूप रेखा। भारतीय शासन मॉडल और ओडिशा की नई संभावनाओं पर होगा मंथन।

Written byShivam DixitShivam Dixit
Jul 28, 2025, 01:35 pm IST
inभारत, ओडिशा

भुवनेश्वर, ओडिशा । भारत के सुशासन मॉडल में तेजी से उभरते ओडिशा की नई भूमिका को लेकर ‘पाञ्चजन्य’ द्वारा आयोजित सुशासन संवाद : ‘ओडिशा की उड़ान’ का आयोजन आज (28 जुलाई, 2025) ताज विवांता, भुवनेश्वर में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित से हुई। इसके बाद  प्रस्तावना और रूपरेखा पाञ्चजन्य के संपादक हितेश शंकर जी ने रखी।

स्वागत संबोधन

पाञ्चजन्य संपादक हितेश शंकर जी ने अपने संबोधन में कहा— पहले तो उड़ीसा के भुवनेश्वर में इस ताज विवांता के इस बैंक्वेट हॉल में आज उत्कल समाज की जो बौद्धिक शक्ति, भविष्य की पीढ़ी समाज को दक्षता, कुशलता, मेधा देने वाली जो यह सज्जन शक्ति एकत्रित हुई है, आप सभी का पाञ्चजन्य परिवार, भारत प्रकाशन परिवार की ओर से अभिनंदन, अभिवादन। आप बहुत से आयोजनों के साक्षी रहे होंगे, आयोजन में जाना कोई बड़ी बात नहीं है, आयोजन तरह-तरह के होते रहते हैं। परंतु यह आयोजन सामान्य होकर भी विशेष है, क्योंकि यह कोई इवेंट नहीं है, कोई मीडिया कॉन्क्लेव नहीं है। यह एक समाज की वह बौद्धिक धारा है, जो समाज के मुद्दे तय करती है, जो समाज के विषय पर विचार करती है, समाज की उद्यमिता को जगाती है, भविष्य का पथ प्रशस्त करती है। उन विषयों के जागरण का आज यह बौद्धिक संगम है, वृहद समागम है। पुनः आप सभी का अभिवादन, स्वागत।

सुशासन संवाद की भारतीय अवधारणा

उन्होंने कहा- आज हम जिन विषयों की बात करेंगे, उससे पहले इस कार्यक्रम की यदि आप विषयवस्तु को समझने के लिए उसके शीर्षक को देखेंगे तो यह सुशासन संवाद है। और सुशासन संवाद, आप कह सकते हैं कि गुड गवर्नेंस कॉन्फ्लुएंस है। परंतु भारत की अवधारणा, शासन को लेकर भारतीय अवधारणा और गवर्नमेंट को लेकर गवर्नेंस को लेकर पश्चिम की अवधारणा में थोड़ा सा अंतर है। उस अंतर को समझेंगे तो आज के इस दिन का हमारा मिलना, उन कसौटियों पर जो बात करेंगे, उड़ीसा के चित्र की जो बात करेंगे, उसके आयामों में हम गहराई से उतर पाएंगे।

पश्चिमी बनाम भारतीय शासन मॉडल

हितेश जी ने पश्चिमी बनाम भारतीय शासन मॉडल पर प्रकाश डालते हुए कहा- जो पश्चिम की संकल्पना है, आधुनिक राज्य की संकल्पना है, यदि आप देखेंगे तो पाएंगे कि उसके केंद्र में व्यक्ति और उसका कल्याण इतना नहीं होता जितना प्रक्रिया की बात होती है। वह प्रक्रिया-आधारित ज्यादा है। उसके अलावा प्रबंधन कैसे किया जा सकता है और एफिशिएंसी कैसे आ सकती है, इस तरह की बातें पश्चिमी संकल्पना में आती हैं। परंतु भारत में शासन या सुशासन अच्छा कैसे है, उसके केंद्र में व्यक्ति है, उसके केंद्र में लोककल्याण की भावना है। उसकी कुछ कसौटियां हैं— उनमें एक निष्पक्षता है, पारदर्शिता है, गाति है, सर्वजन हिताय का भाव है, सर्वजन सुखाय का भाव है। इस भाव के साथ भारतीय विमर्श सरकार से ज्यादा और सरकार के साथ-साथ सरोकारों को गति देता है, आकार देता है, स्वरूप देता है। राज्य बढ़ता है क्योंकि समाज उसका विमर्श करता है। आज का जो संवाद, यह समागम, इस दृष्टि से विशेष होने वाला है।

पाञ्चजन्य की वैचारिक यात्रा

हितेश जी ने पाञ्चजन्य की वैचारिक यात्रा के बारे में बताते हुए कहा- बाकी मीडिया हाउसेस जिन्हें हम जानते हैं, आयोजनों को देखते हैं, उनके लिए कुछ विषय राजनीति से जुड़े हो सकते हैं, कुछ केवल सरकार से जुड़े हुए हो सकते हैं, कुछ उथल-पुथल से जुड़े हुए हो सकते हैं, कुछ विवादों से जुड़े हुए हो सकते हैं। परंतु पाञ्चजन्य के साथ ऐसा नहीं है। इस देश में जो मीडिया की यात्रा है, पत्रकारिता की यात्रा है, पाञ्चजन्य और ऑर्गेनाइजर की यात्रा जब शुरू हुई तो वह समय था जब देश में ज्यादातर साप्ताहिक या दैनिक समाचार पत्र बंद हुए। क्योंकि स्वतंत्रता से पहले तो यह था कि देश के लिए काम करना है तो अखबार निकालो, पत्रिका निकालो, जनजागरण करो।

परंतु जब स्वतंत्रता मिली तो सबने कहा कि शायद काम पूरा हो गया। तो बहुत सारे बंद हुए। परंतु उसी समय ऐसे प्रकाशनों का शुरू होना, दीनदयाल जी का इसका बीज रखना, अटल जी का इसका संपादकतत्व संभालना, यह इसीलिए था कि सरकारें तो आती-जाती हैं, सरोकार ज्यादा बड़ी चीज है। इसलिए पाञ्चजन्य की यात्रा शुरू होती है और वह एक वैचारिक पाथेय लेकर यात्रा शुरू होती है।

इसीलिए जब बाकी लोग शुष्क सरकारी व्यवस्था की बात करते हैं और पश्चिमी मॉडल सिर्फ सरकार के परिणाम के आधार पर उसको आंकता है, प्रक्रियाओं के आधार पर आंकता है, प्रबंधन के आधार पर उसकी दक्षता या एफिशिएंसी के आधार पर आंकता है— भारत मॉडल या पाञ्चजन्य उन आयामों की भी बात करता है जो सामान्य तौर पर चर्चा में नहीं आते। देश क्या है, उसकी परंपरा क्या है, उसकी संस्कृति क्या है, क्या उसका प्रवर्तन, उसका रिफ्लेक्शन गवर्नेंस में और शासन में दिखाई देता है— तो आज हम इन सभी विषयों पर चर्चा करेंगे और पाञ्चजन्य की जो यात्रा है उसकी भी चर्चा करेंगे।

नई ऊंचाइयों की ओर पाञ्चजन्य

पाञ्चजन्य की उपलब्धियों को गिनाते हुए हितेश जी शंकर ने कहा कि आपको जानकर अच्छा लगेगा कि उड़ीसा में पहली बार पाञ्चजन्य आया है। हमने मन बनाया था कि देर से सही, जा रहे हैं मगर कुछ अच्छे नंबर्स, अच्छे प्रतिशत, एक बड़ा आकार लेकर उत्कल में हम चरण रखेंगे, पहले उसके योग्य हो जाएं। तो आपको जानकर अच्छा लगेगा कि आज देश में जो पत्रिकाएं छप रही हैं और वास्तव में बिक रही हैं, दुकान में रखी हुई नहीं हैं, उनमें शीर्ष पत्रिकाओं में राष्ट्रीय स्तर पर पाञ्चजन्य का महत्वपूर्ण स्थान है, शीर्ष पर स्थान है।

सोशल मीडिया पर पाञ्चजन्य की मजबूत पकड़

साथ ही, जो न्यू मीडिया है, जिसे सोशल मीडिया कहते हैं, जो नए आयाम खड़े कर रहा है, वह उस दृष्टि से भी एक बड़ा आकार ले रहा है। जैसे नारायण ने अपना विराट रूप दिखाया, पाञ्चजन्य ने अभी विराट रूप नहीं दिखाया मगर आकार बढ़ना शुरू किया है। फेसबुक पर करीब हमारा 70 लाख का एक परिवार है। ऑपरेशन सिंदूर के समय पर यदि आपने देखा हो तो हमारी रीच और आंकड़े देश में किसी भी मीडिया हाउस से बड़े थे। हमारा ट्रैक्शन, रीच, एंगेजमेंट सबसे अधिक था। और कुछ समय हमने थर्ड पार्टी से भी जो देखा, तो वह 25 मिलियन तक प्रतिदिन का आंकड़ा गया था। मुझे लगता है कि यह बहुत बड़ा आंकड़ा है। और तब हम उत्कल में प्रवेश करने का संकल्प लेकर आए।

भविष्य की दिशाओं पर चर्चा

हितेश जी ने आगे कहा- आज हम उन नई विधाओं की बात भी करेंगे। अलग-अलग सत्र में इसका आज के विचार का आधार क्या है और उसका आह्वान क्या है, यह भी भाषण के आरंभिक सत्र में देखेंगे।

इसके बाद, इस देश में हर चीज में राजनीति और विवाद तलाशने वाली जो नजर है, वह इस देश को कैसे देखती है, राष्ट्र की उसकी संकल्पना क्या है, समाज को कैसे देखती है, भ्रंश रेखाओं या फॉल्ट लाइंस के बारे में कैसे सोचती है और संघ अपने शताब्दी वर्ष में संघ के बारे में कैसे सोचता है— इन सारे प्रश्नों के उत्तर, उनका मंथन भी आज यहां होगा।

ओडिशा के लिए नई संभावनाएं

उन्होंने आगे कहा- उड़ीसा के लिए, उत्कल के लिए भविष्य की नई दिशाएं, प्रगति की कौन-सी हो सकती हैं, कौन से संसाधन हैं, कौन सी संभावनाएं हैं, कहां पर काम करने की गुंजाइश है— एक्सपोर्ट एनालिसिस के बाद जो चीज निकली, ऐसे कुछ विशेषज्ञ भी हमारे साथ होंगे, उनकी बात भी हम करेंगे। हम यहां सांस्कृतिक विरासत की बात भी करेंगे। आगे आने वाली पीढ़ी की कमान जिनके हाथ में है, उनके मन में क्या विचार पल रहा है, राजनीति में क्या चल रहा है, उसकी बात भी हम करेंगे।

और राज्य का शीर्ष नेतृत्व, मुख्यमंत्री जी के साथ यहां की चुनौतियों के समाधान की बात भी हम करेंगे। राज्य की सांस्कृतिक झलक, उसकी धारा में डुबकी लगाने का काम भी आज हम करेंगे।

तो आप सभी का स्वागत है पाञ्चजन्य के उड़ीसा में पहले कार्यक्रम में, इस संवाद में। आप सभी का अभिनंदन। धन्यवाद।

 

Topics: भुवनेश्वर कार्यक्रमउत्कल विकासओडिशा समाचारहितेश शंकरपाञ्चजन्यसुशासन संवादपाञ्चजन्य विशेषओडिशा की उड़ानभारतीय शासन मॉडल
Shivam Dixit
Shivam Dixit
अनुभवी भारतीय पत्रकार, मीडिया एवं सोशल मीडिया विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार विजेता, और डिजिटल रणनीतिकार। वर्ष 2015 में पत्रकारिता की शुरुआत। प्रिंट, TV और डिजिटल मीडिया संस्थानों में विभिन्न भूमिकाओं में कार्य किया। भारत की प्रथम SMS समाचार एजेंसी "न्यूज़ नेटवर्क ऑफ इंडिया" (NNI) में रिपोर्टर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया, डिजिटल मीडिया के अनोखे प्रोजेक्ट "इंडियाज़ पेपर" का नेतृत्व करते हुए 500 समाचार वेबसाइटों का प्रबंधन किया। भारत के अलग अलग राज्यों के लगभग 1000 स्थानीय पत्रकारों से जुड़ा यह प्रोजेक्ट "लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स" में दर्ज है। वर्ष 2022 से राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका पाञ्चजन्य (1948 में स्थापित) में उपसंपादक के रूप में कार्यरत हैं। शिवम् की पत्रकारिता में राष्ट्रीयता, सामाजिक मुद्दों और तथ्यपरक रिपोर्टिंग पर जोर रहा है। उनकी कई रिपोर्ट्स, जैसे- नूंह (मेवात) हिंसा, हल्द्वानी वनभूलपुरा हिंसा, जम्मू-कश्मीर पर "बदलता कश्मीर", "नए भारत का नया कश्मीर", "370 के बाद कश्मीर", "टेररिज्म से टूरिज्म", और अयोध्या राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले के बदलाव जैसे "कितनी बदली अयोध्या", "अयोध्या का विकास", और "अयोध्या का अर्थ चक्र", कई राष्ट्रीय मंचों पर सराही गई हैं। उपलब्धियों में देवऋषि नारद पत्रकार सम्मान (2023) शामिल है, जिसे उन्होंने जहांगीरपुरी हिंसा के मुख्य आरोपी "अंसार खान" की साजिश को उजागर करने के लिए प्राप्त किया। [Read more]
Share
Tweet
SendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

कैप्टन स्मित मछार

कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर दुनिया कर रही सलाम, फिर भारत का लेफ्ट-लिबरल इकोसिस्टम चुप क्यों ?

आज का श्लोक : नेतृत्व और टीम भावना का सूत्र, श्लोक में छिपी है सफलता की 3 मुख्य शर्तें

Smartphone Shastra and Gen Z Indian Youth Analysis Swami Vishalanand Panchjanya

स्मार्टफोन, शास्त्र और संवाद: दिशाहीन विरोध प्रदर्शनों के बीच क्या सोच रहा आज का भारतीय युवा? पढ़ें विशेष विश्लेषण

हनुमान अंश : जड़ों की ओर लौटता सिनेमा

अमित शाह, केंद्रीय गृहमंत्री

35 सवाल, 15 साल का डाटा और घुसपैठ का नेटवर्क: डेमोग्राफी चेंज पर गृह मंत्रालय की जांच से क्यों मची हलचल?

महामहिम श्री जिष्णु देव वर्मा जी राज्यपाल, महाराष्ट्र

‘चर्चा, बहस, सहमति और फिर कार्रवाई’, जिष्णु देव वर्मा ने बताया परिवर्तन का रास्ता

Load More

ताज़ा समाचार

RSS Akhil Bharatiya Sampark Pramukh Ramlal Speech Aligarh Keshav Seva Dham Northeast Children Panchjanya

“संघ ने पूर्वोत्तर को मुख्यधारा से जोड़ने में निभाई प्रमुख भूमिका”: रामलाल जी

मैड संधू (फाइल फोटो)

कमल कौर भाभी के बाद पंजाब में सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर मैड संधू की हत्या

विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना (बाएं) और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान।

पंजाब में सच बोलने की सजा: विधायक माइसरखाना आम आदमी पार्टी से सस्पेंड, सरकार की शिक्षा संबंधी अव्यवस्था पर उठाए थे सवाल

RSS Blood Donation Camp Haridwar Poster Release Yatindra Nagyan Gyanesh Thakral Panchjanya

डेंगू के प्रकोप के बीच हरिद्वार में RSS का बड़ा कदम: 4 अक्टूबर को विशाल रक्तदान शिविर, युवाओं से महादान की अपील!

RSS Centenary Year Gorakhpur Prant Pracharak Ramesh Speech Panchjanya

RSS Centenary Year: संघ की शताब्दी यात्रा सेवा और संस्कार का आधार, गोरखपुर में बोले प्रान्त प्रचारक रमेश

Rashtriya Seva Bharti Swavalamban Camp Varanasi Parag Abhyankar Exhibition Panchjanya

“पेट भरने के साथ व्यक्ति को स्वावलंबी बनाना उद्देश्य”: वाराणसी में राष्ट्रीय सेवा भारती वर्ग में बोले पराग अभ्यंकर

विधायक सुखबीर सिंह माइसरखाना (बाएं) और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान।

पंजाब में शिक्षा क्रान्ति की सचाई: फूट फूट कर रोए आप विधायक, बोले – स्कूलों में अध्यापकों की कमी, सुनवाई नहीं हो रही

काशी में पाकिस्तानेश्वर महादेव का नाम सिंधु गंगेश्वर करने को लेकर सिंधी समाज ने सौंपा ज्ञापन।

काशी में पाकिस्तानेश्वर महादेव का नाम सिंधु गंगेश्वर महादेव करने की मांग, जानिये पाकिस्तान से काशी कैसे पहुंचा शिवलिंग

प्रतीकात्मक चित्र

एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची में 7158949 मतदाता

Madhav Srishti Naturopathy Centre Solan Inauguration Governor Vidya Bharti Panchjanya

सोलन में ‘माधव सृष्टि’ प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का शुभारंभ: राज्यपाल ने की सराहना, जानें केंद्र की बड़ी बातें!

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies