बेसिरपैर कंटेंट परोसते हुए अश्लीलता फैलाने वाले ओटीटी प्लेटफॉर्म्स (ओवर-द-टॉप) पर एक बार फिर से सरकार ने शिकंजा कसते हुए 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म को बैन कर दिया है। इन ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर आरोप है कि ये नग्नता और सेक्सुअल कंटेंट को बढ़ावा दे रहे थे। केंद्रीय सूचना औऱ प्रसारण मंत्रालय ने इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को इन सभी प्लेटफॉर्म्स को तुरंत बैन करने का आदेश दिया है। सरकार ने ये कदम डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए फैलाई जा रही अश्लीलता को रोकने और नैतिकता को बनाए रखने के लिए उठा हैं।
पिछले साल बैन हुए थे 18 ओटीटी
फिल्मों में क्रिएटिविटी के नाम पर अश्लीलता के मामले में सरकार ने इससे पहले भी एक्शन लिए थे। पिछले साल मार्च 2024 में 18 प्लेटफॉर्म्स, जैसे बेशरम्स, हंटर्स, ड्रीम फिल्म्स, मूडएक्स और नियोनएक्स, को अश्लील कंटेंट के लिए ब्लॉक किया गया था। तब 19 वेबसाइट्स, 10 ऐप्स और 57 सोशल मीडिया हैंडल्स बंद किए गए। इनमें सात ऐप्स गूगल प्ले स्टोर और तीन ऐप्स ऐपल ऐप स्टोर पर थे। उस वक्त केंद्र ने सरकार ने तब सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 और 67ए, भारतीय दंड संहिता की धारा 292 और महिलाओं के अश्लील प्रदर्शन (निषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 4 के तहत एक्शन लिया।
इस बार 25 ओटीटी पर ताला
नग्नता फैलाने वाले जिन ओटीटी प्लेटफॉर्मों के खिलाप ये कार्रवाई की गई है, उनमें उल्लू, ऑल्ट बालाजी, डेसीफ्लिक्स, बिग शॉट्स, बूमेक्स, नव रस लाइट, गुलाब ऐप, कंगन ऐप, बुल ऐप, जलवा ऐप, वाओ एंटरटेनमेंट, हॉटएक्स वीआईपी, मूडएक्स और नियोनएक्स वीआईपी शामिल हैं। इस सभी के खिलाफ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 67 और 67ए, भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 294 और महिलाओं के अश्लील प्रदर्शन (निषेध) अधिनियम, 1986 की धारा 4 के तहत केस दर्ज किया गया है।
सरकार की 90 पेज की रिपोर्ट
इन मामलों को लेकर बकायदा सरकार ने स्टडी की है। 90 पेज की सरकारी रिपोर्ट में बैन किए गए सभी ओटीटी प्लेटफॉर्मों के कंटेंट को नैतिकता के खिलाफ करार दिया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, ऑल्ट बालाजी की “कातिल हसीना” और उल्लू की “बदन” में ज्यादातर सेक्स सीन थे, जिनमें न कहानी थी, न कोई सामाजिक संदेश।

















