उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में कथित लव जिहाद का एक मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय समुदाय को चिंता में डाल दिया है। जानकारी के अनुसार, उरई कोतवाली क्षेत्र की 17 वर्षीय नाबालिग हिंदू किशोरी को एक युवक ने ‘रोहित’ नाम से अपनी पहचान छिपाकर प्रेमजाल में फंसाया। आरोप है कि युवक का असली नाम साहिल है और वह मुस्लिम समुदाय से संबंध रखता है।
किशोरी के परिजनों का कहना है कि साहिल ने पहले उसकी पहचान छिपाई, फिर उसे बहला-फुसलाकर हमीरपुर ले गया। वहां किशोरी पर इस्लाम कबूल करने और निकाह करने का दबाव बनाया गया। परिजनों द्वारा गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए लड़की को बरामद किया और आरोपी को हिरासत में लिया है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और धर्मांतरण संबंधी धाराओं के तहत केस दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। पीड़ित किशोरी के परिजनों ने आरोपी युवक साहिल और उसके पूरे परिवार पर बलात्कार, जबरन निकाह, धर्मांतरण और मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
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परिजनों का कहना है कि साहिल ने नाबालिग को धोखे से प्रेमजाल में फंसाया, अपहरण कर हमीरपुर ले गया, और वहां लड़की पर जबरन कन्वर्जन और निकाह का दबाव डाला गया। इस मामले में परिजनों ने स्थानीय पुलिस पर लापरवाही और आरोपी के पक्ष में मिलीभगत के भी आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि शुरुआती शिकायतों के बावजूद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई नहीं की, जिससे आरोपी को समय मिल गया नाबालिग को दूसरे जिले में ले जाने और प्रताड़ित करने का।
पीड़िता का आरोप- मौलवी ने जबरन खिलाया गोमांस
उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक नाबालिग किशोरी के कथित अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन से जुड़ा मामला सामने आया है। पीड़िता के परिजनों के मुताबिक, साहिल नामक युवक ने पहले किशोरी से दोस्ती की और फिर 14 मई को उसे बहला-फुसलाकर हमीरपुर ले गया। परिजनों का कहना है कि हमीरपुर पहुंचने पर साहिल की मां रेशमा और कुछ अन्य लोग पहले से मौजूद थे, और वहां पहुंचते ही किशोरी पर कन्वर्जन और निकाह के लिए दबाव डाला गया।
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पीड़िता का आरोप है कि एक स्थानीय मौलवी द्वारा जबरन कुछ खाने को कहा गया, जिससे वह असहज हो गई। किशोरी का दावा है कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उसके बाद, किशोरी ने आरोप लगाया कि साहिल ने उसके साथ जबरदस्ती की, और परिजनों की जानकारी व सहमति के बिना निकाह की तैयारी शुरू कर दी गई।
आरोपियों पर पॉक्सो, अपहरण और रेप का मामला दर्ज
मामले की शिकायत के बाद पुलिस ने किशोरी को सुरक्षित बरामद कर लिया है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट, अपहरण, दुष्कर्म और धर्मांतरण से जुड़े प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने बार-बार स्थानीय पुलिस से शिकायत की, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों के मुताबिक, 20 जून को किशोरी को तो बरामद कर लिया गया, लेकिन इसके बाद भी मुख्य आरोपी साहिल की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हुई, और न ही समय से किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस की इस कथित लापरवाही से नाराज़ होकर 28 जून, शुक्रवार को पीड़िता और उसके परिजन कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया।
पुलिस की लापरवाही से परिजनों ने किया प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने डिप्टीगंज चौकी प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह शुरू से ही मामले को दबाने की कोशिश करता रहा और आरोपी पक्ष को संरक्षण देता रहा। फिलहाल मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंच चुका है और प्रशासन ने जांच का भरोसा दिलाया है। वहीं, परिजन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने डिप्टीगंज चौकी प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह शुरू से ही मामले को दबाने की कोशिश करता रहा और आरोपी पक्ष को संरक्षण देता रहा। फिलहाल मामला उच्चाधिकारियों तक पहुंच चुका है और प्रशासन ने जांच का भरोसा दिलाया है। वहीं, परिजन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।
आरोपी साहिल गिरफ्तार
जालौन जिले में नाबालिग किशोरी से जुड़े कथित अपहरण और धर्मांतरण के मामले में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि उन्होंने बार-बार स्थानीय पुलिस से शिकायत की, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों के मुताबिक, 20 जून को किशोरी को तो बरामद कर लिया गया, लेकिन इसके बाद भी मुख्य आरोपी साहिल की तत्काल गिरफ्तारी नहीं हुई, और न ही समय से किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया गया। पुलिस की इस कथित लापरवाही से नाराज होकर 28 जून, शुक्रवार को पीड़िता और उसके परिजन कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया।
परिजनों की मांग
पीड़िता के परिजनों का कहना है कि मुख्य आरोपी साहिल, उसकी मां रेशमा और इस पूरे घटनाक्रम में शामिल अन्य सभी व्यक्तियों के खिलाफ दुष्कर्म, जबरन धर्म परिवर्तन और पॉक्सो एक्ट की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की जाए। परिजनों ने मांग की है कि इस केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाकर दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जाए। उनका कहना है कि यह केवल एक पीड़िता का मामला नहीं, बल्कि समाज में बढ़ती ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए एक दृष्टांत बनाना जरूरी है। वहीं, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है, और पीड़िता के बयान के आधार पर सभी कानूनी पहलुओं पर विचार कर कार्रवाई की जाएगी।

















