नई दिल्ली । वीर सावरकर पर अपमानजनक टिप्पणी के मामले में लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने वीर सावरकर पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में निचली अदालत के समन को चुनौती देने वाली राहुल गांधी की याचिका को खारिज कर दिया।
न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी ने कहा कि राहुल गांधी के पास दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 397 के तहत सत्र अदालत में पुनरीक्षण याचिका दायर करने का विकल्प है, इसलिए धारा 482 के तहत उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं हो सकती। इसके लिए उन्हें अब सत्र अदालत का रुख करना होगा।
महाराष्ट्र में की थी वीर सावरकर पर अपमानजनक टिप्पणी
बता दें कि महाराष्ट्र के अकोला में 17 नवंबर 2022 को भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने वीर सावरकर पर अपमानजनक टिपण्णी की थी। शिकायतकर्ता नृपेंद्र पांडेय के आरोपों के अनुसार- राहुल ने वीर सावरकर को ‘अंग्रेजों का पेंशनर’ और ‘नौकर’ कहकर उनका अपमान किया। नृपेंद्र पांडेय ने दावा किया कि यह बयान स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान करता है और इससे समाज में वैमनस्य फैल सकता है। साथ ही पांडेय ने अपनी शिकायत के आधार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153(ए) और 505 के तहत राहुल गांधी पर मामला दर्ज करने की मांग की थी।
जानिए क्या है मामला
वहीं इस मामले में पिछले साल 12 दिसंबर को लखनऊ की सत्र अदालत ने राहुल के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला पाते हुए उन्हें तलब किया था। इस दौरान अदालत ने कहा कि राहुल की टिप्पणियों ने समाज में नफरत और दुर्भावना फैलाई। जिसके बाद राहुल ने हाजिरी माफी की अर्जी दी थी। लेकिन अदालत ने पेश नहीं होने पर राहुल गांधी के ऊपर 200 रुपये का जुर्माना लगाया और समन जारी कर दिया।
इसके बाद राहुल गांधी ने सत्र अदालत के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया।
हालांकि नृपेंद्र पांडेय ने पहले जून 2023 में मजिस्ट्रेट अदालत में शिकायत की थी, जो खारिज हो गई। बाद में सत्र अदालत ने इसे स्वीकार कर मजिस्ट्रेट को दोबारा भेजा था।
राहुल को करना पड़ सकता है कानूनी प्रक्रिया का सामना
बता दें कि यदि राहुल गांधी को सत्र अदालत से भी राहत नहीं मिली, तो उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है। हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से अधिवक्ता प्रांशु अग्रवाल, मोहम्मद समर अंसारी और मोहम्मद यासिर अब्बासी कोर्ट में पेश हुए।
वहीं कांग्रेस की तरफ से अभी तक इस फैसले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
















