‘देश का झंडा और ऊंचा उठाना है’- नीरज चोपड़ा
June 27, 2026
  • Read Ecopy
  • Circulation
  • Advertise
  • Careers
  • About Us
  • Contact Us
Android appiPhone AppArattai
Panchjanya
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
  • ‌
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • सामाजिक समरसता
      • नागरिक कर्तव्य
      • पर्यावरण
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • अधिक
    • विभाजन-विभीषिका
    • पाञ्चजन्य इवेंट
      • सुशासन संवाद
      • सागर मंथन
      • मुंबई संकल्प
      • अष्टायाम
      • गुरुकुलम
      • साबरमती संवाद
      • आधार इन्फ्रा
    • वेब स्टोरी
    • ऑपरेशन सिंदूर
    • विश्लेषण
    • लव जिहाद
    • खेल
    • मनोरंजन
    • यात्रा
    • स्वास्थ्य
    • धर्म-संस्कृति
    • पर्यावरण
    • बिजनेस
    • साक्षात्कार
    • शिक्षा
    • रक्षा
    • कला-साहित्य
      • पुस्तकें
      • पुस्तक समीक्षा
    • सोशल मीडिया
    • विज्ञान और तकनीक
    • मत अभिमत
    • श्रद्धांजलि
    • संविधान
    • आजादी का अमृत महोत्सव
    • मानस के मोती
    • जनजातीय नायक
    • पॉडकास्ट
    • पत्रिका
    • हमारे लेखक
  • Subscribe
    • Subscribe Print Edition
    • Subscribe Ecopy
    • Read Ecopy
Panchjanya
panchjanya android mobile app
  • होम
  • भारत
  • विश्व
  • संघ @100
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विश्लेषण
  • मत अभिमत
  • रक्षा
  • धर्म-संस्कृति
  • पत्रिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
  • Print Edition
  • Ecopy
होम भारत

‘देश का झंडा और ऊंचा उठाना है’- नीरज चोपड़ा

2020 में टोक्यो ओलंपिक में 87.58 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम करने वाले नीरज ने 2024 के पेरिस ओलंपिक में 89.45 मीटर भाला फेंककर यह उपलब्धि हासिल की है।

Written byडॉ. सुनीता शर्माडॉ. सुनीता शर्मा
Aug 27, 2024, 11:48 am IST
in भारत, साक्षात्कार, हरियाणा

नीरज चोपड़ा भारत के पहले एथलीट हैं, जिन्होंने लगातार दो ओलंपिक में लगातार दो पदक, क्रमश: एक स्पर्ण और एक रजत जीतकर इतिहास रचा है। 2020 में टोक्यो ओलंपिक में 87.58 मीटर भाला फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम करने वाले नीरज ने 2024 के पेरिस ओलंपिक में 89.45 मीटर भाला फेंककर यह उपलब्धि हासिल की है। व्यवहार कुशल और वाक्पटु ओलंपियन नीरज चोपड़ा से सुुप्रसिद्ध लेखिका व शिक्षाविद् डॉ. सुनीता शर्मा ने पानीपत (हरियाणा) स्थित उनके गांव खांद्रा में विस्तृत बातचीत की। यहां प्रस्तुत हैं उसी वार्ता के प्रमुख अंश-

भारत में क्रिकेट के प्रति दीवानगी है। ऐसे में क्रिकेट को छोड़कर जैवलिन थ्रो चुनने के पीछे क्या कारण रहा?
जब मैं 11 साल का था तो अपने चाचा सुरेंद्र चोपड़ा के साथ पानीपत स्टेडियम गया था। वहां जयवीर चौधरी को भाला फेंकते देखा। उसे देखकर मैेंने सोच लिया था कि मुझे भी यही खेलना है। इस तरह मेरा एकदम नए, अनोखे खेल से जुड़ना हुआ। चाचा अपने साथ गांव से पानीपत ले जाते थे। दिनभर वहां प्रैक्टिस करता, फिर बस पकड़ कर शाम को वापस घर आता। इस क्रम में मजा आने लगा। मैं उस सफर का आनंद लेता था। उस भाग-दौड़ और प्रैक्टिस में जोश और मजा आता था। आज भी प्रैक्टिस सेशन में ही सबसे ज्यादा मजा आता है। मन में यही रहता है कि अपने सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड से आगे जाना है।

इसमें परिवार का भी पूरा सहयोग मिला। हमारा संयुक्त परिवार है। परिवार ने भी मेरे सपने को पूरा करना ही अपना धर्म माना। पूरे परिवार का त्याग ही है, जिसके कारण मैं आज यहां तक पहुंचा हूं। मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानता हूं। परिवार के साथ के बिना मैं इन ऊंचाइयों को नहीं छू सकता था। हर बंधन, जिम्मेदारी से मुक्त रखकर उन्होंने मुझे खेलने के लिए खुला आसमान दिया ताकि मैं अपनी उड़ान भर सकूं। साल में 2-3 दिन के लिए ही घर आना होता है, लेकिन परिवार में इस बात को लेकर कोई नाराजगी नहीं है। पूरा परिवार मेरे इस सफर, मेरी सफलता में मेरे साथ है। घर से इतना दूर होने के बावजूद मन में खुशी है कि देश के लिए खेल रहा हूं। सोच यही है कि लगातार प्रैक्टिस करते हुए और अच्छा करता जाऊं।

वर्तमान भारत सरकार खिलाड़ियों की हर सुख-सुविधा और प्रशिक्षण पर बहुत ज्यादा पैसा खर्च कर रही है। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर खेल से पहले खिलाड़ियों से बात करते हैं, उनका हौंसला बढ़ाते हैं और प्रतियोगिता के बाद भी फोन करते हैं। मेरी और अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की ज्यादातर ट्रेनिंग विदेश में हो रही है। भारत सरकार ने मेरी ट्रेनिंग पर 5.72 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। भारत सरकार की ओर से ‘खेलो इंडिया योजना’ शुरू की गई है, ताकि देश के गांव-देहात से भी युवा खेलों से जुड़ सकें और देश खेल के क्षेत्र में आगे बढ़े।

ओलंपिक, कॉमनवेल्थ जैसी बड़ी स्पर्धाओं से पहले तनाव होता ही है। ऐसे में खुद को कैसे तैयार करते हैं?
मैं लगा तार अभ्यास को अपना ध्येय मानता हूं और उस समय अपने आप को एक अलग ही जोन में रखता हूं। प्रयास करता हूं कि सहज रहूं। काम और अभ्यास को गंभीरता से लेता हूं और आक्रामक रहता हूं। मुकाबले के समय मेरा व्यक्तित्व बिल्कुल अलग हो जाता है। अब तो कुछ इवेंट्स में चाचा और मित्र भी जाते हैं, लेकिन इस बात से तनाव नहीं लेता। धीरे-धीरे दबाव को झेलने की आदत हो गई है, इसलिए कभी परेशान नहीं होता।

जब टोक्यो ओलंपिक-2020 में स्वर्ण पदक जीता था तो सोशल मीडिया, टीवी, अखबारों में आप ही आप दिखे थे। क्या उससे अभ्यास में कहीं कोई दिक्कत आई?
उस समय मैंने 150-200 साक्षात्कार दिए थे। मीडिया ने मुझे बहुत ज्यादा घेरा हुआ था। रोड शो हुए। हर वक्त चारों तरफ लोगों से घिरा रहता था और मेरी उम्र भी ऐसी थी कि भटक सकता था। लेकिन मैं सौभाग्यशाली रहा कि मुझे पता था मीडिया में इतनी कवरेज और अटेंशन खेल के कारण मिली है। यह जानता था कि अपनी सफलता और मीडिया की चकाचौंध को अपने दिमाग पर हावी नहीं होने देना है। इसलिए मैंने उस समय खिलाड़ी के तौर पर अपने आप को प्रैक्टिस में लगाया। आज मेरा यही मिशन है कि अपने देश के झंडे को और ऊपर उठाऊं। इसी विचार ने मुझे जमीन से जोड़े रखा है।

जैवलिन थ्रो के खिलाड़ियों की हैंड ग्रिप, स्ट्रेंथ और मसल्स ग्रोथ की क्या आदर्श आयु रहती है? आप इसे किस तरह देखते हैं?
30 साल तक की उम्र इस खेल के लिए हर तरह से अच्छी है। मेरी यही कोशिश है कि तीन-चार वर्ष में जो भी बेहतर किया जा सकता है, उसे करूं। अपने ही रिकॉर्ड तोड़ूं और नए रिकॉर्ड बनाऊं। देश के गौरव और सम्मान का कारण बनूं। भारत सरकार हम खिलाड़ियों पर बहुत खर्च कर रही है। हमारी ट्रेनिंग और फिटनेस पर सरकार का पूरा फोकस है। पेरिस ओलंपिक में रजत पदक जीत कर मैंने अपने देश के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है।

भारत सरकार विगत कुछ वर्षों से लगातार खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने और उनके प्रदर्शन में सुधार के लिए काम कर रही है। आप इस विषय में क्या कहना चाहेंगे?
वर्तमान भारत सरकार खिलाड़ियों की हर सुख-सुविधा और प्रशिक्षण पर बहुत ज्यादा पैसा खर्च कर रही है। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर खेल से पहले खिलाड़ियों से बात करते हैं, उनका हौंसला बढ़ाते हैं और प्रतियोगिता के बाद भी फोन करते हैं। मेरी और अन्य अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की ज्यादातर ट्रेनिंग विदेश में हो रही है। भारत सरकार ने मेरी ट्रेनिंग पर 5.72 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। भारत सरकार की ओर से ‘खेलो इंडिया योजना’ शुरू की गई है, ताकि देश के गांव-देहात से भी युवा खेलों से जुड़ सकें और देश खेल के क्षेत्र में आगे बढ़े।

देश के युवाओं को क्या संदेश देना चाहेंगे?
यही कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। लगातार अभ्यास ही आपको आपकी मंजिल तक पहुंचाता है। लोगों को नाम कमाने में वर्षों लग जाते हैं। इसलिए अपने आप को सोशल मीडिया, मस्ती, आनलाइन गेमिंग जैसी ध्यान भटकाने वाली हर चीज से दूर रखता हूं और अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार अभ्यास करता हूं। यही जुनून लक्ष्य तक पहुंचा सकता है। तब आपके और आपके सपनों के बीच फिर किसी और चीज की गुंजाइश नहीं होती। सफलता के लिए सुखों का त्याग तो करना ही होगा। सोशल मीडिया के माध्यम से लोग आसानी से प्रसिद्ध तो हो जाते हैं, लेकिन यह प्रसिद्धि स्थायी नहीं होती।

Topics: silver medalपाञ्चजन्य विशेषभारत के पहले एथलीटस्पर्ण पदकपानीपत स्टेडियमfirst athlete of IndiaPanipat stadiumरजत पदकgold medalनीरज चोपड़ाNeeraj Chopra
ShareTweetSendShareSend
Subscribe Panchjanya YouTube Channel
Download Panchjanya mobile apps: Google Play Store  / App Store

संबंधित समाचार

इमरजेंसी फाइल्स-3 (राजन ढींगरा)

Emergency 25 June 1975 : निर्वस्त्र करके पीठ पर टायर से मारते थे, आज भी पैर सुन्न हो जाते हैं

इमरजेंसी फाइल्स 2- (जय भारत आनन्दः

Emergency 1975 : आपातकाल का सच, घोर यातना दी गई, हाथ कटवाना पड़ा

इमरजेंसी फाइल्स- सुमित्रा गुलाटी की आपबीती

आपातकाल का सच: ‘इंदिरा ने बहुत गलत किया’, सुमित्रा गुलाटी के पूरे परिवार को जेल भेजा, छोटे-छोटे बच्चों को भी नहीं छोड़ा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प

जी 7, पश्चिम एशिया और भारत के सधे कदम

आपातकाल का सच

आपातकाल का सच: इंदिरा गांधी और कांग्रेस ने लोकतंत्र को जकड़ा, संविधान को कैसे कुचला ? जानें सत्ता बचाने की पूरी कहानी

dr Shyama prasad Mukharjee mystirious death

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान : नेहरू की भूमिका, मौत के पीछे की साजिश, मां का पत्र और बेटी का रहस्योद्घाटन

Load More

ताज़ा समाचार

हाईड्रोजन ट्रेन का ट्रायल रन

120 की रफ्तार से दौड़ी देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन, जींद से दिल्ली के बीच 75 किमी प्रति घंटे रही स्पीड

लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान करते मुख्यमंत्री मोहन यादव

MP: लोकतंत्र सेनानियों के नाम पर होंगे पार्क, मुफ्त इलाज, एयर बस, तीर्थयात्रा के लिए विशेष ट्रेन, CM मोहन यादव का ऐलान

समान नागरिक संहिता पर हुई विस्तृत चर्चा

MP के UCC विधेयक प्रारूप पर दिल्ली में हुई निर्णायक चर्चा, समान नागरिक संहिता की रिपोर्ट एवं ड्रॉफ्टिंग अंतिम चरण में

bhartiya shikshan mandal all india meeting concludes bengaluru vision 2030

बेंगलुरु: भारतीय शिक्षण मंडल की अखिल भारतीय बैठक संपन्न, जानिए क्या है ‘विजन-2030’

PoK Protest Against Reserved Seats Joint Awami Action Committee Banned Pakistan Army Violence

PoJK में दमन और जनांदोलन: दिखावे का ‘खेल’ हुआ बेनकाब, महा-विद्रोह! जानें क्या है पूरा विवाद?

Vande Mataram New Rules Modi Govt Bankim Chandra Chattopadhyay All 6 Stanzas Mandatory Schools

मोदी सरकार ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और वंदे मातरम को दिया असली सम्मान, जारी हुए नए कड़े नियम

Khet Bachao Abhiyan Uttarakhand Rudrapur Shivraj Singh Chouhan CM Pushkar Singh Dhami

उत्तराखंड: कृषि मंत्री शिवराज और CM धामी ने शुरू किया- ‘खेत बचाओ अभियान’

Ayodhya Ram Mandir Donation Scam Case Tinnu Yadav Arrested CM Yogi Adityanath SIT Investigation

राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण: रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 8 गिरफ्तार, पूछताछ के बाद भेजा गया जेल

Shivraj Singh Chouhan Pantnagar Visit CM Pushkar Singh Dhami Agriculture University Alumni Meet

पंतनगर: कृषि मंत्री शिवराज और CM धामी ने लगाई धान की पौध, बोले- चीन को पछाड़ चावल उत्पादन में नंबर-1 बना भारत!

अशोक गुप्ता महाजन (इमजेंसी फाइल्स-5)

आपातकाल का सच: बात उगलवाने के लिए पायजामे में चूहे छोड़ते थे, 40 लोगों के लिए केवल एक शौचालय था

Load More
  • Privacy
  • Terms
  • Cookie Policy
  • Refund and Cancellation
  • Delivery and Shipping

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies

  • Search Panchjanya
  • होम
  • भारत
    • अंडमान और निकोबार द्वीप
    • दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
    • अरूणाचल प्रदेश
    • असम
    • आंध्र प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • ओडिशा
    • कर्नाटक
    • केरल
    • गुजरात
    • गोवा
    • चण्‍डीगढ़
    • छत्तीसगढ़
    • जम्‍मू एवं कश्‍मीर
    • झारखण्‍ड
    • तमिलनाडु
    • तेलंगाना
    • त्रिपुरा
    • दिल्ली
    • नागालैण्‍ड
    • पंजाब
    • पश्चिम बंगाल
    • पुडुचेरी
    • बिहार
    • मणिपुर
    • मध्य प्रदेश
    • महाराष्ट्र
    • मिजोरम
    • मेघालय
    • राजस्थान
    • लक्षद्वीप
    • लद्दाख
    • सिक्किम
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • विश्व
  • संघ @100
    • संघ को जानें
    • पंच परिवर्तन
      • स्वदेशी
      • सामाजिक समरसता
      • कुटुम्ब प्रबोधन
      • पर्यावरण
      • नागरिक कर्तव्य
    • संघ गीत
  • सम्पादकीय
  • काम की खबरें
  • स्वदेशी
  • जीवनशैली
  • विभाजन-विभीषिका
  • पाञ्चजन्य इवेंट
    • सुशासन संवाद
    • सागर मंथन
    • मुंबई संकल्प
    • अष्टायाम
    • गुरुकुलम
    • साबरमती संवाद
    • आधार इन्फ्रा
  • वेब स्टोरी
  • ऑपरेशन सिंदूर
  • विश्लेषण
  • लव जिहाद
  • खेल
  • मनोरंजन
  • यात्रा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म-संस्कृति
  • पर्यावरण
  • बिजनेस
  • साक्षात्कार
  • शिक्षा
  • रक्षा
  • कला-साहित्य
    • पुस्तकें
    • पुस्तक समीक्षा
  • सोशल मीडिया
  • विज्ञान और तकनीक
  • मत अभिमत
  • श्रद्धांजलि
  • संविधान
  • आजादी का अमृत महोत्सव
  • पॉडकास्ट
  • पत्रिका
  • हमारे लेखक
  • Read Ecopy
  • प्रसार विभाग – Circulation
  • About Us
  • Contact Us
  • Careers @ BPDL
  • Advertise
  • Privacy Policy

© Bharat Prakashan (Delhi) Limited.
Tech-enabled by Ananthapuri Technologies